सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
22 Jun 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
आरती संग्रह

श्री विष्णु जी की आरती (ॐ जय जगदीश हरे)

ॐ जय जगदीश हरे — श्री विष्णु जी की संपूर्ण आरती हिंदी में। हर पूजा में गाई जाने वाली सबसे प्रचलित शुद्ध आरती।

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ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्त्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्त्ता॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम रक्षक मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

तन मन धन सब तेरा, तेरा तुझको अर्पण।
क्या लागे मेरा प्रभु, जो कुछ है तेरा॥
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
ॐ जय जगदीश हरे॥

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