श्री संतोषी माता की आरती
जय सन्तोषी माता — माँ संतोषी की संपूर्ण आरती हिंदी में। शुक्रवार की पूजा के लिए शुद्ध पारंपरिक आरती।
जय सन्तोषी माता, जय जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, सुनो विनय राता॥
जय सन्तोषी माता॥
सोने के कलश में, फूल चढ़ाती हैं।
चन्दन की सुगन्ध से, भक्त मन भाती हैं॥
जय सन्तोषी माता॥
शुक्रवार को पूजन, नित्य किया करते।
गुड़ चने का भोग, भक्त लगाते हैं॥
जय सन्तोषी माता॥
जो व्रत रखे शुक्रवार को, संतोष मिले।
मन की सारी इच्छाएँ, पूरी हो मिले॥
जय सन्तोषी माता॥
गणेश जी की माता हो, गणपति की देवी।
भक्तों को सुख देती हो, दुखों को हरती॥
जय सन्तोषी माता॥
जो आरती गाए, सुख सम्पत्ति पाए।
सन्तोषी माँ की कृपा, घर घर में छाए॥
जय सन्तोषी माता, जय जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन की, सुनो विनय राता॥
जय सन्तोषी माता॥