श्री नर्मदा माता की आरती
जय नर्मदे माता — पवित्र नर्मदा नदी की संपूर्ण आरती हिंदी में। अमरकंटक और ओंकारेश्वर की नर्मदा माता की शुद्ध पारंपरिक आरती।
जय नर्मदे माता, श्री जय नर्मदे माता।
जो तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
जय नर्मदे माता॥
मैकल पर्वत से निकली, अमरकंटक से आई।
भड़ौच में सागर मिली, नर्मदा सुखदाई॥
जय नर्मदे माता॥
तट पर शिवलिंग विराजे, महेश्वर का नाम।
ओंकारेश्वर का तीर्थ, पूर्ण करे काम॥
जय नर्मदे माता॥
नर्मदा परिक्रमा करते, भक्त जन आते।
तीन वर्षों में पूरी, परिक्रमा करते॥
जय नर्मदे माता॥
नर्मदे हर हर बोलें, कष्ट मिट जाते।
माँ के पावन जल में, डुबकी लगाते॥
जय नर्मदे माता॥
जो नर्मदा की आरती गाए, मोक्ष पद पावे।
नर्मदा माता की कृपा, जन जन पर छावे॥
जय नर्मदे माता, श्री जय नर्मदे माता।
जो तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
जय नर्मदे माता॥