सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
06 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
आरती संग्रह

श्री कुबेर देव की आरती

जय यक्षराज कुबेर देवा — धनपति कुबेर की संपूर्ण आरती हिंदी में। धन-सम्पत्ति की वृद्धि के लिए शुद्ध पारंपरिक आरती।

श्री कुबेर देव की आरती
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जय यक्षराज कुबेर देवा, जय यक्षराज कुबेर देवा।
धन सम्पत्ति के दाता, सुख प्रदाता देवा॥
जय कुबेर देवा॥

उत्तर दिशा के स्वामी हो, निधि के रखवारे।
नौ निधि के अधिपति हो, भक्तों पर वारे॥
जय कुबेर देवा॥

शंखपद्म महानिधि, धन भण्डार तेरे।
जो भी सच्चे मन से पूजे, भर जाते घर मेरे॥
जय कुबेर देवा॥

दीपावली को पूजन, महालक्ष्मी संग।
कुबेर पूजा करने से, बढ़े व्यापार रंग॥
जय कुबेर देवा॥

अलकापुरी के राजा, रत्नों के दाता।
देवों के कोषाध्यक्ष, विश्वश्रवा सुता॥
जय कुबेर देवा॥

जो कुबेर की आरती गाए, धन पावे।
व्यापार में लाभ होवे, कर्ज दूर जावे॥
जय यक्षराज कुबेर देवा, जय यक्षराज कुबेर देवा।
धन सम्पत्ति के दाता, सुख प्रदाता देवा॥
जय कुबेर देवा॥

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