श्री भैरव बाबा की आरती
श्री भैरव बाबा की संपूर्ण आरती हिंदी में। काल भैरव की शुद्ध पारंपरिक आरती, भय मुक्ति और सुरक्षा के लिए।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
काशी के अधिपति, शिव के गण देवा॥
जय भैरव देवा॥
त्रिनेत्र विराजित, सिर पर जटा धारी।
देव दानव मानव के, तुम रक्षाकारी॥
जय भैरव देवा॥
काले कुत्ते की सवारी, खड्ग त्रिशूल धारे।
भूत प्रेत सब भागें, तेरे दर्शन से॥
जय भैरव देवा॥
रविवार और अष्टमी को, भैरव पूजन करें।
कष्ट क्लेश दूर हों, मनोकामना मिले॥
जय भैरव देवा॥
काशी विश्वनाथ के, क्षेत्रपाल भैरव।
जो तुम्हें ध्याते हैं, मिले अभयवर॥
जय भैरव देवा॥
जो आरती गाए, भैरव देव प्रसन्न हों।
संकट से मुक्त हों, घर में सुख हो॥
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
काशी के अधिपति, शिव के गण देवा॥
जय भैरव देवा॥