छिन्नमस्ता कवच (Chhinnamasta Kavach)
छिन्नमस्ता कवच दशमहाविद्या की देवी छिन्नमस्ता का शक्तिशाली तांत्रिक कवच है। इसका पाठ करने से शत्रु स्तम्भन, भय नाश, तांत्रिक बाधाओं से रक्षा तथा साधना में सिद्धि प्राप्त होती है।
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छिन्नमस्ता कवच दशमहाविद्या की देवी छिन्नमस्ता का शक्तिशाली तांत्रिक कवच है। इसका पाठ करने से शत्रु स्तम्भन, भय नाश, तांत्रिक बाधाओं से रक्षा तथा साधना में सिद्धि प्राप्त होती है।
बगलामुखी कवच माता बगलामुखी की शक्तिशाली रक्षा स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु स्तम्भन, वाक् विजय, कोर्ट केस में सफलता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है।
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान जी की अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। यह विशेष रूप से शारीरिक पीड़ा, रोग, मानसिक कष्ट और बाधाओं को दूर करने के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि तुलसीदास जी ने बाहु पीड़ा दूर करने के लिए इसका पाठ किया था।
अमोघ शिव कवच भगवान सदाशिव का अत्यंत शक्तिशाली रक्षा स्तोत्र है। इसके पाठ से रोग, भय, अकाल मृत्यु, ग्रह बाधा और शत्रुओं से रक्षा होती है तथा शिव कृपा प्राप्त होती है।
लक्ष्मी कवच माता महालक्ष्मी की दिव्य स्तुति है। इसका पाठ करने से धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और दरिद्रता का नाश होता है। यह कवच साधक को आर्थिक सुरक्षा और लक्ष्मी कृपा प्रदान करता है।
सरस्वती कवच माता सरस्वती की दिव्य स्तुति है। इसका पाठ करने से बुद्धि, विद्या, वाणी, स्मरण शक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है। विद्यार्थी, शिक्षक और ज्ञान प्राप्त करने वाले साधकों के लिए यह अत्यंत फलदायी माना गया है।
त्रैलोक्य मोहन कवच भगवान विष्णु का शक्तिशाली रक्षात्मक कवच है। इसका पाठ करने से साधक को शत्रु से रक्षा, आकर्षण शक्ति और तीनों लोकों में विजय प्राप्त होती है।
श्रीमद्भागवत पुराण के छठे स्कन्ध में वर्णित 'नारायण कवच' भगवान विष्णु का परम शक्तिशाली रक्षा कवच है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण संस्कृत पाठ और हिंदी अनुवाद।
नारद पांचरात्र में वर्णित 'त्रैलोक्य मंगल कवच' भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल) का सिद्ध और चमत्कारिक रक्षा स्तोत्र है। इसके पाठ से सर्वत्र विजय और सुख मिलता है।
त्रैलोक्य विजय नृसिंह कवच (Trailokya Vijaya Narsimha Kavach) भगवान नृसिंह का एक अत्यंत उग्र और शक्तिशाली स्तोत्र है। तंत्र शास्त्र और संहिताओं में वर्णित यह कवच घोर संकटों, प्रबल शत्रुओं, तंत्र-मंत्र की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों के तत्काल नाश के लिए अचूक माना गया है। मान्यता है कि इसके पाठ से व्यक्ति अभेद्य हो जाता है और तीनों लोकों में विजय प्राप्त करता है। यहाँ पढ़ें त्रैलोक्य विजय नृसिंह कवच का मूल संस्कृत पाठ और उसका संपूर्ण हिन्दी अनुवाद।
श्री नृसिंह कवचम् (Shri Narsimha Kavacham) ब्रह्मांड पुराण में वर्णित एक अत्यंत शक्तिशाली रक्षा स्तोत्र है, जिसे स्वयं भक्त प्रह्लाद ने भगवान नृसिंह की स्तुति करते हुए गाया था। यह पवित्र कवच जीवन के सभी संकटों, रोगों और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है तथा भक्त को सर्वत्र विजय, सुख-समृद्धि और मोक्ष प्रदान करता है। यहाँ पढ़ें नृसिंह कवच का मूल संस्कृत पाठ और उसका संपूर्ण हिन्दी अनुवाद।
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कवच अत्यंत शक्तिशाली रक्षात्मक माना जाता है। इसे पढ़ने से साधक को तीनों लोकों में विजय, शत्रु से रक्षा, आकर्षण शक्ति और दिव्य सुरक्षा प्राप्त होती है।
एकमुखी हनुमान कवच भगवान हनुमान के एकमुखी स्वरूप की रक्षा स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु, भय, भूत-प्रेत बाधा, तंत्र बाधा और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है। यह कवच अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
पंचमुखी हनुमान कवच भगवान पंचमुखी हनुमान की शक्तिशाली रक्षा स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु, भूत-प्रेत, तंत्र बाधा, डर, रोग और संकट से रक्षा होती है। यह कवच अहिरावण वध कथा से जुड़ा हुआ माना जाता है।
बटुक भैरव कवच भगवान बटुक भैरव की शक्तिशाली रक्षा स्तुति है जिसका वर्णन रुद्रयामल तंत्र में मिलता है। इसका पाठ करने से भय, शत्रु, नकारात्मक शक्तियों, बाधाओं और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है।
रुद्रयामल तंत्र में वर्णित कालिका कवच माँ काली का शक्तिशाली तांत्रिक रक्षा स्तोत्र है। इसके पाठ से शत्रु नाश, तांत्रिक बाधा से रक्षा, भय मुक्ति और साधना सिद्धि प्राप्त होती है।
कीलक स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसका पाठ करने से सप्तशती पाठ का फल पूर्ण रूप से प्राप्त होता है। यह स्तोत्र देवी की कृपा प्राप्त करने और सभी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
अर्गला स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसका पाठ करने से धन, विजय, शत्रु नाश, सुख-समृद्धि और देवी कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र देवी दुर्गा की आराधना में कवच और कीलक के साथ पढ़ा जाता है।
श्री गोपाल सहस्रनाम स्तोत्र में भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल) के 1000 अत्यंत पवित्र और सिद्ध नामों का वर्णन है। इसके पाठ से मोक्ष, धन, और संतान की प्राप्ति होती है।
अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः । श्रीसीतारामचन्द्रो देवता । अनुष्टुप् छन्दः । सीता शक्तिः । श्रीमद्हनुमान् कीलकम् । श्रीरामचन…