लक्ष्मी कवच
लक्ष्मी कवच माता महालक्ष्मी की दिव्य स्तुति है। इसका पाठ करने से धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और दरिद्रता का नाश होता है। यह कवच साधक को आर्थिक सुरक्षा और लक्ष्मी कृपा प्रदान करता है।
लक्ष्मी कवच (मूल पाठ)
ब्रह्मोवाच —
शृणु वत्स प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम् ।
येन संरक्षितो नित्यं धनवान् भवति मानवः ॥१॥
श्रीं बीजं मे शिरः पातु ह्रीं पातु ललाटकम् ।
क्लीं बीजं नेत्रयोः पातु ऐं पातु श्रवणद्वयम् ॥२॥
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं च मे पातु मुखं वाग्देवताऽपि च ।
कर्णमूलं सदा पातु कमला कमलालया ॥३॥
नासिकां पातु मे लक्ष्मीः ओष्ठौ पातु हरिप्रिया ।
जिह्वां पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु रमाऽवतु ॥४॥
स्कन्धौ पातु सदा लक्ष्मीर्भुजौ पातु हरिप्रिया ।
करौ पातु पद्महस्ता हृदयं पातु पद्मिनी ॥५॥
नाभिं पातु सदा लक्ष्मीः कटिं पातु हरिवल्लभा ।
ऊरू पातु जगन्माता जानुनी पातु पद्मजा ॥६॥
जंघे पातु सदा देवी पादौ पातु रमाप्रिया ।
सर्वाङ्गं पातु मे लक्ष्मीर्विष्णुपत्नी सदा मम ॥७॥
इदं लक्ष्मी कवचं दिव्यं सर्वसंपत्प्रदायकम् ।
यः पठेत् प्रयतो नित्यं स धनाढ्यो भवेद् ध्रुवम् ॥८॥
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
राज्यार्थी लभते राज्यं मोक्षार्थी मोक्षमाप्नुयात् ॥९॥
हिंदी अर्थ (पूर्ण)
ब्रह्माजी कहते हैं —
हे पुत्र! मैं तुम्हें ऐसा कवच बताता हूँ जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला है।
जिसकी रक्षा से मनुष्य धनवान बनता है।
श्रीं बीज मंत्र मेरे सिर की रक्षा करे,
ह्रीं ललाट की रक्षा करे,
क्लीं आंखों की रक्षा करे,
ऐं कानों की रक्षा करे।
कमला देवी मेरे मुख की रक्षा करें,
महालक्ष्मी मेरी नाक की रक्षा करें,
हरि प्रिय देवी मेरे होंठों की रक्षा करें।
महालक्ष्मी मेरी जीभ की रक्षा करें,
रमा देवी मेरे कंठ की रक्षा करें।
लक्ष्मी देवी मेरे कंधों की रक्षा करें,
हरिप्रिया मेरी भुजाओं की रक्षा करें,
पद्महस्ता देवी मेरे हाथों की रक्षा करें।
पद्मिनी देवी मेरे हृदय की रक्षा करें,
लक्ष्मी देवी मेरी नाभि की रक्षा करें,
हरिवल्लभा मेरी कमर की रक्षा करें।
जगन्माता मेरी जांघों की रक्षा करें,
पद्मजा मेरे घुटनों की रक्षा करें,
देवी मेरी टांगों की रक्षा करें।
रमा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें,
विष्णुपत्नी लक्ष्मी मेरे पूरे शरीर की रक्षा करें।
जो व्यक्ति इस लक्ष्मी कवच का पाठ करता है —
उसे धन, विद्या, राज्य और अंत में मोक्ष प्राप्त होता है।
लक्ष्मी कवच पढ़ने की विधि
- शुक्रवार को स्नान करें
- लाल या गुलाबी वस्त्र पहनें
- लक्ष्मी जी का चित्र रखें
- घी का दीपक जलाएं
- कमल या गुलाब अर्पित करें
- लक्ष्मी कवच पढ़ें
- अंत में प्रार्थना करें
लक्ष्मी कवच पढ़ने के फायदे
✔ धन प्राप्ति
✔ दरिद्रता नाश
✔ व्यापार वृद्धि
✔ घर में लक्ष्मी स्थिर
✔ आर्थिक समस्या दूर
✔ सौभाग्य बढ़ता है
✔ सफलता
✔ समृद्धि
✔ कर्ज से मुक्ति
किसे पढ़ना चाहिए
- आर्थिक समस्या वाले
- व्यापार करने वाले
- नौकरी में उन्नति चाहने वाले
- धन वृद्धि चाहने वाले
- घर में दरिद्रता हो
- लक्ष्मी कृपा चाहने वाले
कब पढ़ें
✔ शुक्रवार
✔ दीपावली
✔ रोज सुबह
✔ लक्ष्मी पूजा
✔ पूर्णिमा
✔ धनतेरस