सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और कथा
07 Apr 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
कवच

एकमुखी हनुमान कवच सम्पूर्ण पाठ, हिन्दी अर्थ, लाभ और विधि

एकमुखी हनुमान कवच भगवान हनुमान के एकमुखी स्वरूप की रक्षा स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु, भय, भूत-प्रेत बाधा, तंत्र बाधा और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है। यह कवच अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

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ध्यान

ध्यायेद्बालार्कसन्निभं देवं
त्रिनेत्रं कुण्डलोज्ज्वलम्।
मौञ्जी कौपीनसंयुक्तं
हस्ते गदाधरं विभुम्॥


एकमुखी हनुमान कवच (सम्पूर्ण)

हनुमान् पूर्वतः पातु
दक्षिणे पवनात्मजः।
पश्चिमे राक्षसघ्नस्तु
उत्तरे केसरीनन्दनः॥

ऊर्ध्वं विष्णुभक्तः पातु
अधस्तात् रामदूतकः।
सर्वतः पातु मां नित्यं
हनुमान् सर्वसिद्धिदः॥

सुग्रीवसचिवः पातु
मस्तकं वायुनन्दनः।
भालं पातु महावीरः
नेत्रे पातु कपिश्वरः॥

कर्णौ पातु रामदूतः
नासिकां अञ्जनीसुतः।
मुखं पातु हरिश्रेष्ठः
कण्ठं पातु महाबलः॥

स्कन्धौ पातु महातेजाः
भुजौ पातु महाबलः।
करौ पातु कपिश्रेष्ठः
हृदयं रामदूतकः॥

नाभिं पातु महावीरः
कटिं पातु कपिश्वरः।
ऊरू पातु महाप्राज्ञः
जानुनी पातु पवनसुतः॥

जंघे पातु महावेगः
पादौ पातु महाबलः।
सर्वाङ्गं पातु मे नित्यं
हनुमान् पवनात्मजः॥


फलश्रुति

इदं कवचं पठेन्नित्यं
भय शत्रु विनाशनम्।
भूतप्रेतपिशाचादि
नाशनं सर्वसिद्धिदम्॥


हिन्दी अर्थ

ध्यान अर्थ

सूर्य के समान तेजस्वी, तीन नेत्र वाले, कुण्डल धारण किए हुए, गदा धारण करने वाले भगवान हनुमान का ध्यान करें।


कवच अर्थ

पूर्व दिशा में हनुमान रक्षा करें।
दक्षिण दिशा में पवनपुत्र रक्षा करें।
पश्चिम में राक्षसों का नाश करने वाले रक्षा करें।
उत्तर में केसरीनंदन रक्षा करें।

ऊपर विष्णु भक्त रक्षा करें।
नीचे रामदूत रक्षा करें।
सभी दिशाओं में हनुमान रक्षा करें।

वायुनंदन मेरे सिर की रक्षा करें।
महावीर मेरे ललाट की रक्षा करें।
कपीश्वर मेरी आँखों की रक्षा करें।

रामदूत मेरे कानों की रक्षा करें।
अंजनीसुत मेरी नाक की रक्षा करें।
हरिश्रेष्ठ मेरे मुख की रक्षा करें।

महाबली मेरे कंठ की रक्षा करें।
महातेजा मेरे कंधों की रक्षा करें।
महाबली मेरी भुजाओं की रक्षा करें।

रामदूत मेरे हृदय की रक्षा करें।
महावीर मेरी नाभि की रक्षा करें।
कपीश्वर मेरी कमर की रक्षा करें।

पवनसुत मेरे घुटनों की रक्षा करें।
महावेग मेरे पैरों की रक्षा करें।
हनुमान मेरे पूरे शरीर की रक्षा करें।


लाभ

  • शत्रु से रक्षा
  • डर दूर होता है
  • भूत प्रेत बाधा समाप्त
  • तंत्र बाधा समाप्त
  • कोर्ट केस में सफलता
  • दुर्घटना से रक्षा
  • यात्रा सुरक्षा
  • मानसिक शक्ति बढ़ती है

कब पढ़ें

  • मंगलवार
  • शनिवार
  • हनुमान जयंती
  • अमावस्या
  • संकट के समय
  • यात्रा से पहले

पाठ विधि

  1. स्नान करें
  2. हनुमान जी के सामने बैठें
  3. दीपक जलाएं
  4. सिंदूर चढ़ाएं
  5. कवच पढ़ें
  6. हनुमान चालीसा पढ़ें
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