बगलामुखी कवच (Bagalamukhi Kavach)
बगलामुखी कवच माता बगलामुखी की शक्तिशाली रक्षा स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु स्तम्भन, वाक् विजय, कोर्ट केस में सफलता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है।
बगलामुखी कवच (मूल पाठ)
अस्य श्रीबगलामुखीकवचस्य
नारद ऋषिः
अनुष्टुप् छन्दः
श्री बगलामुखी देवता
शत्रुस्तम्भनार्थे जपे विनियोगः ॥
ॐ बगलामुखी मे शिरः पातु
ललाटं पातु पीताम्बरा ।
नेत्रे पातु महाशक्ति
कर्णौ पातु सुरेश्वरी ॥१॥
नासिकां पातु मे देवी
वदनं स्तम्भिनी सदा ।
जिह्वां पातु महादेवी
कण्ठं पातु परात्परा ॥२॥
स्कन्धौ पातु जगन्माता
भुजौ पातु हरिप्रिया ।
करौ पातु महाशक्ति
हृदयं पातु सर्वदा ॥३॥
नाभिं पातु महादेवी
कटिं पातु सुरेश्वरी ।
ऊरू पातु सदा देवी
जानुनी पातु पीतवासा ॥४॥
जंघे पातु महाशक्ति
पादौ पातु परात्परा ।
सर्वाङ्गं पातु मे नित्यं
बगलामुखी सुरेश्वरी ॥५॥
इदं कवचं दिव्यं
सर्वशत्रुविनाशनम् ।
यः पठेत् प्रयतो नित्यं
स विजयी न संशयः ॥६॥
हिंदी अर्थ (पूर्ण)
इस कवच में साधक माता बगलामुखी से अपने शरीर की रक्षा की प्रार्थना करता है।
माता बगलामुखी मेरे सिर की रक्षा करें।
पीताम्बरा देवी मेरे ललाट की रक्षा करें।
महाशक्ति मेरी आंखों की रक्षा करें।
सुरेश्वरी मेरे कानों की रक्षा करें।
देवी मेरी नाक की रक्षा करें।
स्तम्भिनी देवी मेरे मुख की रक्षा करें।
महादेवी मेरी जिह्वा की रक्षा करें।
परात्परा देवी मेरे कंठ की रक्षा करें।
जगन्माता मेरे कंधों की रक्षा करें।
हरिप्रिया मेरी भुजाओं की रक्षा करें।
महाशक्ति मेरे हाथों की रक्षा करें।
देवी मेरे हृदय की रक्षा करें।
महादेवी मेरी नाभि की रक्षा करें।
सुरेश्वरी मेरी कमर की रक्षा करें।
देवी मेरी जांघों की रक्षा करें।
पीतवासा मेरे घुटनों की रक्षा करें।
महाशक्ति मेरी टांगों की रक्षा करें।
परात्परा मेरे पैरों की रक्षा करें।
बगलामुखी देवी मेरे पूरे शरीर की रक्षा करें।
जो व्यक्ति इस कवच का पाठ करता है —
उसके शत्रु शांत हो जाते हैं और वह विजयी होता है।
पढ़ने की विधि
- पीले वस्त्र पहनें
- माता बगलामुखी का चित्र रखें
- हल्दी की माला रखें
- घी का दीपक जलाएं
- कवच का पाठ करें
फायदे
✔ शत्रु स्तम्भन
✔ कोर्ट केस में सफलता
✔ वाक् विजय
✔ नकारात्मक ऊर्जा नाश
✔ भय समाप्त
✔ सुरक्षा कवच
किसे पढ़ना चाहिए
- कोर्ट केस वाले
- शत्रु से परेशान लोग
- राजनीति में व्यक्ति
- वाद-विवाद करने वाले
- इंटरव्यू देने वाले
कब पढ़ें
✔ मंगलवार
✔ गुरुवार
✔ बगलामुखी पूजा
✔ संकट के समय