सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और कथा
06 Apr 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
स्तोत्र

याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र

याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र माता सरस्वती की अत्यंत प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से बुद्धि, स्मरण शक्ति, वाणी, ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से विद्यार्थियों और विद्या प्राप्त करने वालों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

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याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र (मूल पाठ)

याज्ञवल्क्य उवाच —

कृपां कुरु जगन्माते मयि सर्वविदां वरि ।
विद्यां देहि नमस्तुभ्यं सरस्वति नमोऽस्तु ते ॥१॥

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता ।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ॥२॥

या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता ।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥३॥

शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमां आद्यां जगद्व्यापिनीम् ।
वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम् ॥४॥

हस्ते स्फाटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम् ।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम् ॥५॥

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥६॥

पद्मपत्रविशालाक्षि पद्मकेसरवर्णिनि ।
नित्यं पद्मालये देवि सामां पातु सरस्वति ॥७॥

भगवति त्वं प्रसन्ना मे विद्या बुद्धि प्रदायिनी ।
शुक्लवर्णे महादेवि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते ॥८॥


हिंदी अर्थ (पूर्ण)

ऋषि याज्ञवल्क्य माता सरस्वती से प्रार्थना करते हैं —

हे जगत की माता! मुझ पर कृपा करें।
हे विद्या देने वाली देवी! मुझे ज्ञान प्रदान करें।

आप कुंद पुष्प, चंद्रमा और हिम के समान श्वेत हैं।
आप श्वेत वस्त्र धारण करती हैं।
आप वीणा धारण करती हैं और श्वेत कमल पर विराजमान हैं।

आपकी ब्रह्मा, विष्णु और शिव भी पूजा करते हैं।
आप अज्ञान का नाश करने वाली हैं।
हे सरस्वती! मेरी रक्षा करें।

आप ब्रह्मज्ञान स्वरूप हैं और संसार में व्याप्त हैं।
आप वीणा और पुस्तक धारण करती हैं।
आप अज्ञान के अंधकार को दूर करती हैं।

आप हाथ में माला धारण करती हैं।
आप कमलासन पर बैठी हैं।
आप बुद्धि देने वाली देवी हैं।

हे सरस्वती! आपको नमस्कार है।
मैं विद्या आरंभ करता हूँ, मुझे सफलता दें।

हे कमल के समान नेत्रों वाली देवी!
आप मुझे ज्ञान और बुद्धि दें।


याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र पढ़ने की विधि

  1. सुबह स्नान करें
  2. माता सरस्वती का चित्र रखें
  3. सफेद फूल अर्पित करें
  4. दीपक जलाएं
  5. स्तोत्र का पाठ करें
  6. अंत में प्रार्थना करें

याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र पढ़ने के फायदे

✔ बुद्धि बढ़ती है
✔ स्मरण शक्ति बढ़ती है
✔ पढ़ाई में सफलता
✔ वाणी मधुर होती है
✔ ज्ञान प्राप्त होता है
✔ परीक्षा में सफलता
✔ एकाग्रता बढ़ती है
✔ विद्या सिद्धि


किसे पढ़ना चाहिए

  • विद्यार्थी
  • प्रतियोगी परीक्षा देने वाले
  • शिक्षक
  • वक्ता
  • लेखक
  • कलाकार
  • ज्ञान प्राप्त करने वाले

कब पढ़ें

✔ सुबह
✔ पढ़ाई से पहले
✔ परीक्षा से पहले
✔ बसंत पंचमी
✔ सरस्वती पूजा
✔ रोज अध्ययन से पहले

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