Sanatan Vani • Devotion, wisdom and sacred reading
02 May 2026
Sanatan Vani Sacred wisdom in a modern form
Vrat Katha

शुक्र प्रदोष व्रत कथा

शुक्र प्रदोष व्रत कथा एक स्त्री अपने परिवार के कलह और आर्थिक तंगी से अत्यंत दुखी थी। घर में सुख-सुविधा होते हुए भी संतोष नहीं था। एक वृद्धा ने उसे बताया कि शुक्रवार के दिन आने वाल…

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शुक्र प्रदोष व्रत कथा

एक स्त्री अपने परिवार के कलह और आर्थिक तंगी से अत्यंत दुखी थी। घर में सुख-सुविधा होते हुए भी संतोष नहीं था। एक वृद्धा ने उसे बताया कि शुक्रवार के दिन आने वाले प्रदोष में भगवान शिव और माता पार्वती का व्रत करने से दांपत्य सुख, सौभाग्य और घर की समृद्धि बढ़ती है।

उस स्त्री ने परिवार सहित शुक्र प्रदोष व्रत किया। प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा की, सुगंधित पुष्प अर्पित किए, घी का दीप जलाया और कथा सुनकर आरती की। धीरे-धीरे घर का वातावरण बदलने लगा। पति-पत्नी के संबंध मधुर हुए, कलह समाप्त हुआ और लक्ष्मी का स्थिर वास होने लगा।

शुक्र प्रदोष व्रत विशेष रूप से सौभाग्य, दांपत्य सुख, गृहस्थ जीवन की शांति और समृद्धि के लिए फलदायी माना जाता है। श्रद्धा से किया गया यह व्रत घर को सुखमय बना देता है।

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