सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
02 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
आज का पंचांग

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 17 Sep 2077 — कृष्ण पक्ष की अमावस्या

शुक्रवार कृष्ण पक्ष कृष्ण चन्द्र
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शुक्रवार, 17 Sep 2077
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📍
स्थान
जयपुर, राजस्थान
🌅
सूर्योदय
06:12
🪔
विशेष
दिवाली अमावस्या / लक्ष्मी पूजन
🌙
हिन्दू मास
कार्तिक
Live

वर्तमान मुहूर्त

होरा · चौघड़िया · लग्न
वर्तमान होरा
शुक्र
06:12 - 07:14
🕐
चौघड़िया
--
--
वर्तमान लग्न
वृषभ
13:50 - 16:08
📋

आज का पंचांग

तिथि अमावस्या - 11:25 तक
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी - 07:31 तक
करण नाग - 11:25 तक
योग शुभ - 23:37 तक
पक्ष कृष्ण पक्ष
वार शुक्रवार
⏱️

त्वरित समय

🌅सूर्योदय06:12
🌇सूर्यास्त18:29
🔴राहु काल10:49 - 12:21
अभिजीत11:56 - 12:44
🪔

मुख्य व्रत व त्योहार

🙏
आज का विशेष
दिवाली अमावस्या / लक्ष्मी पूजन
तिथि अमावस्या • शुक्रवार
दिवाली अमावस्या / लक्ष्मी पूजन दिवाली / लक्ष्मी पूजन
📐

समय सहित विस्तृत पंचांग

तिथि अमावस्या
आरंभ: 09:04 समाप्ति: 11:25
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी
आरंभ: 04:33 समाप्ति: 07:31
योग शुभ
आरंभ: 22:43 समाप्ति: 23:37
करण नाग
आरंभ: 22:13 समाप्ति: 11:25
🌟

ताराबल व चन्द्रबल

आज का ताराबल

अश्विनीविपत भरणीसम्पत कृत्तिकाजन्म रोहिणीअति मित्र मृगशीर्षमित्र आर्द्रावध पुनर्वसुसाधक पुष्यप्रत्यारी आश्लेषाक्षेम

अगला ताराबल

अश्विनीक्षेम भरणीविपत कृत्तिकासम्पत रोहिणीजन्म मृगशीर्षअति मित्र आर्द्रामित्र पुनर्वसुवध पुष्यसाधक आश्लेषाप्रत्यारी

आज का चन्द्रबल

मेषस्थान 5 वृषभस्थान 4 मिथुनस्थान 3 कर्कस्थान 2 सिंहस्थान 1 कन्यास्थान 12 तुलास्थान 11 वृश्चिकस्थान 10 धनुस्थान 9 मकरस्थान 8 कुंभस्थान 7 मीनस्थान 6
☀️🌙

सूर्य व चन्द्र

🌑
कृष्ण चन्द्र चन्द्र ज्योति 0%
🌅सूर्योदय06:12
🌇सूर्यास्त18:29
🌕चन्द्रोदय06:05
🌑चन्द्रास्त18:49
सूर्य राशिसिंह
चन्द्र राशिसिंह
📆

हिन्दू मास एवं वर्ष

मास पूर्णिमांत कार्तिक
मास अमांत आश्विन
ऋतु शरद
अयन दक्षिणायण
विक्रम संवत 2134
शक संवत 1999
काली संवत 5178
दिन काल 12:16

अशुभ समय

🔴राहु काल10:49 - 12:21
🔴यमगण्ड15:25 - 16:57
🔴गुलिक काल07:44 - 09:17
🔴दुर्मुहूर्त10:59 - 11:47, 16:52 - 17:40
🧭दिशा शूलपश्चिम

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:56 - 12:44
🌄ब्रह्म मुहूर्त04:36 - 05:24
🐄गोधूलि बेला18:05 - 18:53
🌌निशिता काल23:36 - 00:24
🪔आज का विशेषदिवाली अमावस्या / लक्ष्मी पूजन