सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
28 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
आज का पंचांग

दैनिक पंचांग

रविवार, 17 Oct 2066 — कृष्ण पक्ष की कृष्ण त्रयोदशी

रविवार कृष्ण पक्ष कृष्ण चन्द्र
‹ पिछला
रविवार, 17 Oct 2066
अगला ›
📍
स्थान
जयपुर, राजस्थान
🌅
सूर्योदय
06:27
🪔
विशेष
रवि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
🌙
हिन्दू मास
मार्गशीर्ष
Live

वर्तमान मुहूर्त

होरा · चौघड़िया · लग्न
वर्तमान होरा
सूर्य
06:27 - 07:24
🕐
चौघड़िया
--
--
वर्तमान लग्न
मिथुन
16:27 - 18:32
📋

आज का पंचांग

तिथि कृष्ण त्रयोदशी - 09:48 तक
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी - 18:09 तक
करण वणिज - 09:48 तक
योग ब्रह्म - 07:33 तक
पक्ष कृष्ण पक्ष
वार रविवार
⏱️

त्वरित समय

🌅सूर्योदय06:27
🌇सूर्यास्त17:57
🔴राहु काल16:30 - 17:57
अभिजीत11:48 - 12:36
🪔

मुख्य व्रत व त्योहार

🙏
आज का विशेष
रवि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
तिथि कृष्ण त्रयोदशी • रविवार
रवि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
📐

समय सहित विस्तृत पंचांग

तिथि कृष्ण त्रयोदशी
आरंभ: 10:09 समाप्ति: 09:48
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी
आरंभ: 18:04 समाप्ति: 18:09
योग ब्रह्म
आरंभ: 08:55 समाप्ति: 07:33
करण वणिज
आरंभ: 22:04 समाप्ति: 09:48
🌟

ताराबल व चन्द्रबल

आज का ताराबल

अश्विनीविपत भरणीसम्पत कृत्तिकाजन्म रोहिणीअति मित्र मृगशीर्षमित्र आर्द्रावध पुनर्वसुसाधक पुष्यप्रत्यारी आश्लेषाक्षेम

अगला ताराबल

अश्विनीक्षेम भरणीविपत कृत्तिकासम्पत रोहिणीजन्म मृगशीर्षअति मित्र आर्द्रामित्र पुनर्वसुवध पुष्यसाधक आश्लेषाप्रत्यारी

आज का चन्द्रबल

मेषस्थान 6 वृषभस्थान 5 मिथुनस्थान 4 कर्कस्थान 3 सिंहस्थान 2 कन्यास्थान 1 तुलास्थान 12 वृश्चिकस्थान 11 धनुस्थान 10 मकरस्थान 9 कुंभस्थान 8 मीनस्थान 7
☀️🌙

सूर्य व चन्द्र

🌑
कृष्ण चन्द्र चन्द्र ज्योति 5%
🌅सूर्योदय06:27
🌇सूर्यास्त17:57
🌕चन्द्रोदय04:33
🌑चन्द्रास्त16:34
सूर्य राशिकन्या
चन्द्र राशिकन्या
📆

हिन्दू मास एवं वर्ष

मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष
मास अमांत कार्तिक
ऋतु शरद
अयन दक्षिणायण
विक्रम संवत 2123
शक संवत 1988
काली संवत 5167
दिन काल 11:29

अशुभ समय

🔴राहु काल16:30 - 17:57
🔴यमगण्ड12:12 - 13:38
🔴गुलिक काल15:04 - 16:30
🔴दुर्मुहूर्त10:56 - 11:44, 16:26 - 17:14
🧭दिशा शूलपश्चिम

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:48 - 12:36
🌄ब्रह्म मुहूर्त04:51 - 05:39
🐄गोधूलि बेला17:33 - 18:21
🌌निशिता काल23:36 - 00:24
🪔आज का विशेषरवि प्रदोष व्रत (कृष्ण)