सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
25 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
आज का पंचांग

दैनिक पंचांग

शुक्रवार, 22 Oct 2060 — कृष्ण पक्ष की कृष्ण त्रयोदशी

शुक्रवार कृष्ण पक्ष कृष्ण चन्द्र
‹ पिछला
शुक्रवार, 22 Oct 2060
अगला ›
📍
स्थान
जयपुर, राजस्थान
🌅
सूर्योदय
06:30
🪔
विशेष
शुक्र प्रदोष व्रत (कृष्ण)
🌙
हिन्दू मास
मार्गशीर्ष
Live

वर्तमान मुहूर्त

होरा · चौघड़िया · लग्न
वर्तमान होरा
शुक्र
06:30 - 07:27
🕐
चौघड़िया
--
--
वर्तमान लग्न
वृश्चिक
01:04 - 03:00
📋

आज का पंचांग

तिथि कृष्ण त्रयोदशी - 09:51 तक
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी - 08:10 तक
करण वणिज - 09:51 तक
योग इन्द्र - 11:43 तक
पक्ष कृष्ण पक्ष
वार शुक्रवार
⏱️

त्वरित समय

🌅सूर्योदय06:30
🌇सूर्यास्त17:51
🔴राहु काल10:45 - 12:11
अभिजीत11:46 - 12:34
🪔

मुख्य व्रत व त्योहार

🙏
आज का विशेष
शुक्र प्रदोष व्रत (कृष्ण)
तिथि कृष्ण त्रयोदशी • शुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत (कृष्ण)
📐

समय सहित विस्तृत पंचांग

तिथि कृष्ण त्रयोदशी
आरंभ: 07:39 समाप्ति: 09:51
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी
आरंभ: 05:31 समाप्ति: 08:10
योग इन्द्र
आरंभ: 11:03 समाप्ति: 11:43
करण वणिज
आरंभ: 20:42 समाप्ति: 09:51
🌟

ताराबल व चन्द्रबल

आज का ताराबल

अश्विनीविपत भरणीसम्पत कृत्तिकाजन्म रोहिणीअति मित्र मृगशीर्षमित्र आर्द्रावध पुनर्वसुसाधक पुष्यप्रत्यारी आश्लेषाक्षेम

अगला ताराबल

अश्विनीक्षेम भरणीविपत कृत्तिकासम्पत रोहिणीजन्म मृगशीर्षअति मित्र आर्द्रामित्र पुनर्वसुवध पुष्यसाधक आश्लेषाप्रत्यारी

आज का चन्द्रबल

मेषस्थान 6 वृषभस्थान 5 मिथुनस्थान 4 कर्कस्थान 3 सिंहस्थान 2 कन्यास्थान 1 तुलास्थान 12 वृश्चिकस्थान 11 धनुस्थान 10 मकरस्थान 9 कुंभस्थान 8 मीनस्थान 7
☀️🌙

सूर्य व चन्द्र

🌑
कृष्ण चन्द्र चन्द्र ज्योति 5%
🌅सूर्योदय06:30
🌇सूर्यास्त17:51
🌕चन्द्रोदय04:35
🌑चन्द्रास्त16:51
सूर्य राशितुला
चन्द्र राशिकन्या
📆

हिन्दू मास एवं वर्ष

मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष
मास अमांत कार्तिक
ऋतु शरद
अयन दक्षिणायण
विक्रम संवत 2117
शक संवत 1982
काली संवत 5161
दिन काल 11:20

अशुभ समय

🔴राहु काल10:45 - 12:11
🔴यमगण्ड15:01 - 16:26
🔴गुलिक काल07:55 - 09:20
🔴दुर्मुहूर्त10:55 - 11:43, 16:22 - 17:10
🧭दिशा शूलपश्चिम

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:46 - 12:34
🌄ब्रह्म मुहूर्त04:54 - 05:42
🐄गोधूलि बेला17:27 - 18:15
🌌निशिता काल23:36 - 00:24
🪔आज का विशेषशुक्र प्रदोष व्रत (कृष्ण)