सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
05 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#913 कात्यायनी

कात्यायनी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कात्यायनी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaatyaayani kripaan kuru namah

उद्देश्य

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#914 कात्यायनी

कात्यायनी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री कात्यायनी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaatyaayani kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, साहस, सौभाग्य, दृढ़ता

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#915 कात्यायनी

कात्यायनी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कात्यायनी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kaatyaayani vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता

लाभ / अर्थ

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#916 कात्यायनी

कात्यायनी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं कात्यायनी नमः
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen kaatyaayani namah

उद्देश्य

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता

लाभ / अर्थ

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#917 कात्यायनी

कात्यायनी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कात्यायनी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaatyaayani raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, साहस, सौभाग्य, दृढ़ता

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#918 कात्यायनी

कात्यायनी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कात्यायनी, मेरे विवाह-सौभाग्य और शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विवाह-सौभाग्य और शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaatyaayani, mere vivaaha-saubhaagya aur shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

साहस, सौभाग्य, दृढ़ता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#919 महागौरी

महागौरी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री महागौरी नमः
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaagauri namah

उद्देश्य

पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

पवित्रता, शांति, संतुलन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#920 महागौरी

महागौरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री महागौरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaagauri kripaan kuru namah

उद्देश्य

पवित्रता, शांति, संतुलन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

पवित्रता, शांति, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#921 महागौरी

महागौरी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री महागौरी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaagauri kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#922 महागौरी

महागौरी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ महागौरी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om mahaagauri vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

पवित्रता, शांति, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#923 महागौरी

महागौरी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं महागौरी नमः
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen mahaagauri namah

उद्देश्य

पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

पवित्रता, शांति, संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#924 महागौरी

महागौरी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री महागौरी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaagauri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#925 महागौरी

महागौरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय महागौरी, मेरे शुद्धि और शांति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शुद्धि और शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya mahaagauri, mere shuddhi aur shaanti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

पवित्रता, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#926 शैलपुत्री

शैलपुत्री नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री शैलपुत्री नमः
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shailaputri namah

उद्देश्य

स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

स्थिरता, आरंभ, शक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#927 शैलपुत्री

शैलपुत्री कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री शैलपुत्री कृपां कुरु नमः
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri shailaputri kripaan kuru namah

उद्देश्य

स्थिरता, आरंभ, शक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

स्थिरता, आरंभ, शक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#928 शैलपुत्री

शैलपुत्री कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री शैलपुत्री कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri shailaputri kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#929 शैलपुत्री

शैलपुत्री गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शैलपुत्री विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shailaputri vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

स्थिरता, आरंभ, शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#930 शैलपुत्री

शैलपुत्री बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं शैलपुत्री नमः
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen shailaputri namah

उद्देश्य

स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

स्थिरता, आरंभ, शक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#931 शैलपुत्री

शैलपुत्री रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शैलपुत्री रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shailaputri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#932 शैलपुत्री

शैलपुत्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शैलपुत्री, मेरे स्थैर्य और आधार का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र स्थैर्य और आधार
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya shailaputri, mere sthairya aur aadhaara ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

स्थिरता, आरंभ, शक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#933 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री ब्रह्मचारिणी नमः
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brahmachaarini namah

उद्देश्य

एकाग्रता, अनुशासन, तप

लाभ / अर्थ

एकाग्रता, अनुशासन, तप की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#934 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री ब्रह्मचारिणी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri brahmachaarini kripaan kuru namah

उद्देश्य

एकाग्रता, अनुशासन, तप, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

एकाग्रता, अनुशासन, तप में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#935 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री ब्रह्मचारिणी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri brahmachaarini kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, एकाग्रता, अनुशासन, तप

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#936 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ ब्रह्मचारिणी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om brahmachaarini vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

एकाग्रता, अनुशासन, तप

लाभ / अर्थ

एकाग्रता, अनुशासन, तप से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।