होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#841 विजयलक्ष्मी विजयलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय विजयलक्ष्मी, मेरे विजय और सफलता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विजय और सफलता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vijayalakshmi, mere vijaya aur saphalata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य विजय, उन्नति, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#842 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री धैर्यलक्ष्मी नमः क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dhairyalakshmi namah उद्देश्य सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ सहनशक्ति, स्थिर मन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#843 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री धैर्यलक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dhairyalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य सहनशक्ति, स्थिर मन, अनुग्रह लाभ / अर्थ सहनशक्ति, स्थिर मन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#844 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री धैर्यलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dhairyalakshmi kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#845 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ धैर्यलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om dhairyalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ सहनशक्ति, स्थिर मन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#846 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं धैर्यलक्ष्मी नमः क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen dhairyalakshmi namah उद्देश्य सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ सहनशक्ति, स्थिर मन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#847 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री धैर्यलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dhairyalakshmi raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#848 धैर्यलक्ष्मी धैर्यलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय धैर्यलक्ष्मी, मेरे धैर्य और स्थिरता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र धैर्य और स्थिरता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya dhairyalakshmi, mere dhairya aur sthirata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य सहनशक्ति, स्थिर मन लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#849 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री सौभाग्यलक्ष्मी नमः क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri saubhaagyalakshmi namah उद्देश्य गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ गृह-सौख्य, भाग्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#850 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री सौभाग्यलक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri saubhaagyalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य गृह-सौख्य, भाग्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ गृह-सौख्य, भाग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#851 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री सौभाग्यलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri saubhaagyalakshmi kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#852 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ सौभाग्यलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om saubhaagyalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ गृह-सौख्य, भाग्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#853 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं सौभाग्यलक्ष्मी नमः क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen saubhaagyalakshmi namah उद्देश्य गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ गृह-सौख्य, भाग्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#854 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री सौभाग्यलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri saubhaagyalakshmi raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#855 सौभाग्यलक्ष्मी सौभाग्यलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय सौभाग्यलक्ष्मी, मेरे सौभाग्य और मंगल का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र सौभाग्य और मंगल स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya saubhaagyalakshmi, mere saubhaagya aur mangal ka mangal karo, svaaha उद्देश्य गृह-सौख्य, भाग्य लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#856 भद्रकाली भद्रकाली नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री भद्रकाली नमः क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri bhadrakaali namah उद्देश्य सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#857 भद्रकाली भद्रकाली कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री भद्रकाली कृपां कुरु नमः क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri bhadrakaali kripaan kuru namah उद्देश्य सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति, अनुग्रह लाभ / अर्थ सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#858 भद्रकाली भद्रकाली कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री भद्रकाली कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri bhadrakaali kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#859 भद्रकाली भद्रकाली गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ भद्रकाली विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om bhadrakaali vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#860 भद्रकाली भद्रकाली बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं भद्रकाली नमः क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen bhadrakaali namah उद्देश्य सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#861 भद्रकाली भद्रकाली रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री भद्रकाली रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri bhadrakaali raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#862 भद्रकाली भद्रकाली शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय भद्रकाली, मेरे रक्षा और निर्भयता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र रक्षा और निर्भयता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya bhadrakaali, mere raksha aur nirbhayata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#863 गौरी गौरी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री गौरी नमः क्षेत्र मंगल और पवित्रता स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gauri namah उद्देश्य शुद्धता, दांपत्य, शांति लाभ / अर्थ शुद्धता, दांपत्य, शांति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#864 गौरी गौरी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री गौरी कृपां कुरु नमः क्षेत्र मंगल और पवित्रता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gauri kripaan kuru namah उद्देश्य शुद्धता, दांपत्य, शांति, अनुग्रह लाभ / अर्थ शुद्धता, दांपत्य, शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।