सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
02 Aug 2026
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वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#649 श्रीधर

श्रीधर गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ श्रीधर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shreedhara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

गृह-सौभाग्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

गृह-सौभाग्य, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#650 श्रीधर

श्रीधर बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं श्रीधर नमः
क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen shreedhara namah

उद्देश्य

गृह-सौभाग्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

गृह-सौभाग्य, संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#651 श्रीधर

श्रीधर रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री श्रीधर रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shreedhara raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, गृह-सौभाग्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#652 श्रीधर

श्रीधर शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय श्रीधर, मेरे लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya shreedhara, mere lakshmee-vishnu anugraha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

गृह-सौभाग्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#653 जनार्दन

जनार्दन नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री जनार्दन नमः
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri janaardana namah

उद्देश्य

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#654 जनार्दन

जनार्दन कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री जनार्दन कृपां कुरु नमः
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri janaardana kripaan kuru namah

उद्देश्य

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#655 जनार्दन

जनार्दन कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री जनार्दन कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri janaardana kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#656 जनार्दन

जनार्दन गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ जनार्दन विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om janaardana vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#657 जनार्दन

जनार्दन बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं जनार्दन नमः
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen janaardana namah

उद्देश्य

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#658 जनार्दन

जनार्दन रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री जनार्दन रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri janaardana raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#659 जनार्दन

जनार्दन शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय जनार्दन, मेरे लोक-रक्षक विष्णु का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya janaardana, mere loka-rakshaka vishnu ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#660 हृषीकेश

हृषीकेश नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री हृषीकेश नमः
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri hrisheekesha namah

उद्देश्य

संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

संयम, योग, साधना की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#661 हृषीकेश

हृषीकेश कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री हृषीकेश कृपां कुरु नमः
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri hrisheekesha kripaan kuru namah

उद्देश्य

संयम, योग, साधना, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संयम, योग, साधना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#662 हृषीकेश

हृषीकेश कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री हृषीकेश कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri hrisheekesha kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#663 हृषीकेश

हृषीकेश गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ हृषीकेश विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om hrisheekesha vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

संयम, योग, साधना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#664 हृषीकेश

हृषीकेश बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं हृषीकेश नमः
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen hrisheekesha namah

उद्देश्य

संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

संयम, योग, साधना के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#665 हृषीकेश

हृषीकेश रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री हृषीकेश रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri hrisheekesha raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#666 हृषीकेश

हृषीकेश शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय हृषीकेश, मेरे इंद्रिय-नियमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र इंद्रिय-नियमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya hrisheekesha, mere indriya-niyamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संयम, योग, साधना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#667 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री पुरुषोत्तम नमः
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri purushottama namah

उद्देश्य

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ

लाभ / अर्थ

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#668 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री पुरुषोत्तम कृपां कुरु नमः
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri purushottama kripaan kuru namah

उद्देश्य

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#669 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री पुरुषोत्तम कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri purushottama kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#670 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ पुरुषोत्तम विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om purushottama vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ

लाभ / अर्थ

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#671 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं पुरुषोत्तम नमः
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen purushottama namah

उद्देश्य

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ

लाभ / अर्थ

उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#672 पुरुषोत्तम

पुरुषोत्तम रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री पुरुषोत्तम रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri purushottama raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।