सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
01 Aug 2026
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वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#457 यमुना

यमुना नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री यमुना नमः
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri yamuna namah

उद्देश्य

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#458 यमुना

यमुना कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री यमुना कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri yamuna kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#459 यमुना

यमुना कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री यमुना कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri yamuna kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#460 यमुना

यमुना गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ यमुना विद्महे शुभप्रदा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om yamuna vidmahe shubhaprada dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#461 यमुना

यमुना बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं यमुना नमः
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen yamuna namah

उद्देश्य

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#462 यमुना

यमुना रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री यमुना रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri yamuna raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#463 यमुना

यमुना शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय यमुना, मेरे प्रेम का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya yamuna, mere prema ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#464 पृथ्वी

पृथ्वी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री पृथ्वी नमः
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri prithvi namah

उद्देश्य

स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

स्थिरता, धैर्य, आधार की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#465 पृथ्वी

पृथ्वी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री पृथ्वी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri prithvi kripaan kuru namah

उद्देश्य

स्थिरता, धैर्य, आधार, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

स्थिरता, धैर्य, आधार में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#466 पृथ्वी

पृथ्वी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री पृथ्वी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri prithvi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#467 पृथ्वी

पृथ्वी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ पृथ्वी विद्महे मङ्गलमयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om prithvi vidmahe manggalamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

स्थिरता, धैर्य, आधार से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#468 पृथ्वी

पृथ्वी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं पृथ्वी नमः
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen prithvi namah

उद्देश्य

स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

स्थिरता, धैर्य, आधार के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#469 पृथ्वी

पृथ्वी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री पृथ्वी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri prithvi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#470 पृथ्वी

पृथ्वी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय पृथ्वी, मेरे स्थिरता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya prithvi, mere sthirata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

स्थिरता, धैर्य, आधार

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#471 अग्नि

अग्नि नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री अग्नि नमः
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri agni namah

उद्देश्य

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#472 अग्नि

अग्नि कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अग्नि कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri agni kripaan kuru namah

उद्देश्य

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#473 अग्नि

अग्नि कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री अग्नि कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri agni kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#474 अग्नि

अग्नि गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अग्नि विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om agni vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#475 अग्नि

अग्नि बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं अग्नि नमः
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen agni namah

उद्देश्य

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#476 अग्नि

अग्नि रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री अग्नि रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri agni raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#477 अग्नि

अग्नि शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अग्नि, मेरे शुद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya agni, mere shuddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#478 वरुण

वरुण नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री वरुण नमः
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri varuna namah

उद्देश्य

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#479 वरुण

वरुण कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वरुण कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri varuna kripaan kuru namah

उद्देश्य

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#480 वरुण

वरुण कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री वरुण कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri varuna kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।