सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#241 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari kripaan kuru namah

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#242 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#243 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ त्रिपुर सुंदरी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om tripura sundari vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#244 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरी नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen tripura sundari namah

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#245 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#246 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय त्रिपुर सुंदरी, मेरे सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya tripura sundari, mere saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#247 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री भुवनेश्वरी नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#248 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भुवनेश्वरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari kripaan kuru namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#249 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री भुवनेश्वरी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#250 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ भुवनेश्वरी विद्महे शुभप्रदा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om bhuvaneshvari vidmahe shubhaprada dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#251 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं भुवनेश्वरी नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen bhuvaneshvari namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#252 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री भुवनेश्वरी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#253 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भुवनेश्वरी, मेरे आत्मविश्वास का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhuvaneshvari, mere aatmavishvaasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#254 तारा

तारा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री तारा नमः
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri taara namah

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#255 तारा

तारा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री तारा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri taara kripaan kuru namah

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#256 तारा

तारा कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री तारा कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri taara kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#257 तारा

तारा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ तारा विद्महे मङ्गलमयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om taara vidmahe manggalamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#258 तारा

तारा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं तारा नमः
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen taara namah

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#259 तारा

तारा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री तारा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri taara raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#260 तारा

तारा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय तारा, मेरे करुणा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya taara, mere karuna ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#261 मातंगी

मातंगी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री मातंगी नमः
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri maatangi namah

उद्देश्य

वाणी, कला, अभिव्यक्ति

लाभ / अर्थ

वाणी, कला, अभिव्यक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#262 मातंगी

मातंगी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री मातंगी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri maatangi kripaan kuru namah

उद्देश्य

वाणी, कला, अभिव्यक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वाणी, कला, अभिव्यक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#263 मातंगी

मातंगी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री मातंगी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri maatangi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, वाणी, कला, अभिव्यक्ति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#264 मातंगी

मातंगी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ मातंगी विद्महे विद्यारूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om maatangi vidmahe vidyaaroopa dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

वाणी, कला, अभिव्यक्ति

लाभ / अर्थ

वाणी, कला, अभिव्यक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।