होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#217 केतु केतु रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री केतु रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri ketu raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#218 केतु केतु शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय केतु, मेरे वैराग्य का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya ketu, mere vairaagya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#219 कार्तिकेय कार्तिकेय नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम जप ॐ श्री कार्तिकेय नमः क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaartikeya namah उद्देश्य वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ वीर्य, साहस, नेतृत्व की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#220 कार्तिकेय कार्तिकेय कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री कार्तिकेय कृपां कुरु नमः क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaartikeya kripaan kuru namah उद्देश्य वीर्य, साहस, नेतृत्व, अनुग्रह लाभ / अर्थ वीर्य, साहस, नेतृत्व में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#221 कार्तिकेय कार्तिकेय कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री कार्तिकेय कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaartikeya kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#222 कार्तिकेय कार्तिकेय गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ कार्तिकेय विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥ क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om kaartikeya vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat. उद्देश्य वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ वीर्य, साहस, नेतृत्व से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#223 कार्तिकेय कार्तिकेय बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं कार्तिकेय नमः क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen kaartikeya namah उद्देश्य वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ वीर्य, साहस, नेतृत्व के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#224 कार्तिकेय कार्तिकेय रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री कार्तिकेय रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaartikeya raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#225 कार्तिकेय कार्तिकेय शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय कार्तिकेय, मेरे वीर्य का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya kaartikeya, mere veerya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य वीर्य, साहस, नेतृत्व लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#226 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम जप ॐ श्री अन्नपूर्णा नमः क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri annapoorna namah उद्देश्य अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#227 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अन्नपूर्णा कृपां कुरु नमः क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri annapoorna kripaan kuru namah उद्देश्य अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति, अनुग्रह लाभ / अर्थ अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#228 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री अन्नपूर्णा कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri annapoorna kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#229 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ अन्नपूर्णा विद्महे शक्तिरूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om annapoorna vidmahe shaktiroopa dheemahi tanno devi prachodayaat. उद्देश्य अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#230 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं अन्नपूर्णा नमः क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen annapoorna namah उद्देश्य अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#231 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री अन्नपूर्णा रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri annapoorna raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#232 अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अन्नपूर्णा, मेरे अन्न-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya annapoorna, mere anna-samriddhi ka mangal karo, svaaha उद्देश्य अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#233 गायत्री गायत्री नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम जप ॐ श्री गायत्री नमः क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gaayatri namah उद्देश्य प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ प्रकाश, बुद्धि, चेतना की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#234 गायत्री गायत्री कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री गायत्री कृपां कुरु नमः क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gaayatri kripaan kuru namah उद्देश्य प्रकाश, बुद्धि, चेतना, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्रकाश, बुद्धि, चेतना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#235 गायत्री गायत्री कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री गायत्री कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gaayatri kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#236 गायत्री गायत्री गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ गायत्री विद्महे भक्तवत्सला धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om gaayatri vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno devi prachodayaat. उद्देश्य प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ प्रकाश, बुद्धि, चेतना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#237 गायत्री गायत्री बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं गायत्री नमः क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen gaayatri namah उद्देश्य प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ प्रकाश, बुद्धि, चेतना के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#238 गायत्री गायत्री रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री गायत्री रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gaayatri raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#239 गायत्री गायत्री शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय गायत्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya gaayatri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्रकाश, बुद्धि, चेतना लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#240 त्रिपुर सुंदरी त्रिपुर सुंदरी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम जप ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी नमः क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri tripura sundari namah उद्देश्य सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य लाभ / अर्थ सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।