सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
28 Oct 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#1046 धर्मराज

धर्मराज कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री धर्मराज कृपां कुरु नमः
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri dharmaraaja kripaan kuru namah

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1047 धर्मराज

धर्मराज कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री धर्मराज कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri dharmaraaja kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#1048 धर्मराज

धर्मराज गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ धर्मराज विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om dharmaraaja vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1049 धर्मराज

धर्मराज बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं धर्मराज नमः
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen dharmaraaja namah

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#1050 धर्मराज

धर्मराज रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री धर्मराज रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri dharmaraaja raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#1051 धर्मराज

धर्मराज शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय धर्मराज, मेरे नीति और न्याय का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya dharmaraaja, mere neeti aur nyaaya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।