सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
30 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#127 कृष्ण

कृष्ण शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कृष्ण, मेरे प्रेम का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रेम, भक्ति, आनंद, बुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya krishna, mere prema ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रेम, भक्ति, आनंद, बुद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#152 नृसिंह

नृसिंह गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ नृसिंह विद्महे ज्ञानरूप धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om nrisinha vidmahe jnyaanaroopa dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति

लाभ / अर्थ

रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#177 बुध

बुध नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री बुध नमः
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri budha namah

उद्देश्य

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#178 बुध

बुध कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बुध कृपां कुरु नमः
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri budha kripaan kuru namah

उद्देश्य

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#179 बुध

बुध कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री बुध कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri budha kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#180 बुध

बुध गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बुध विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om budha vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#181 बुध

बुध बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं बुध नमः
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen budha namah

उद्देश्य

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#182 बुध

बुध रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बुध रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri budha raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#183 बुध

बुध शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बुध, मेरे बुद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya budha, mere buddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#184 बृहस्पति

बृहस्पति नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री बृहस्पति नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati namah

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#185 बृहस्पति

बृहस्पति कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बृहस्पति कृपां कुरु नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati kripaan kuru namah

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#186 बृहस्पति

बृहस्पति कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री बृहस्पति कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#187 बृहस्पति

बृहस्पति गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बृहस्पति विद्महे रक्षाकारक धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om brihaspati vidmahe rakshaakaaraka dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#188 बृहस्पति

बृहस्पति बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं बृहस्पति नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen brihaspati namah

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#189 बृहस्पति

बृहस्पति रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बृहस्पति रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#190 बृहस्पति

बृहस्पति शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बृहस्पति, मेरे ज्ञान का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya brihaspati, mere jnyaana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#194 शुक्र

शुक्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शुक्र विद्महे ज्ञानरूप धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shukra vidmahe jnyaanaroopa dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#233 गायत्री

गायत्री नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री गायत्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#234 गायत्री

गायत्री कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गायत्री कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#235 गायत्री

गायत्री कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री गायत्री कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#236 गायत्री

गायत्री गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गायत्री विद्महे भक्तवत्सला धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om gaayatri vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#237 गायत्री

गायत्री बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं गायत्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen gaayatri namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#238 गायत्री

गायत्री रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री गायत्री रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#239 गायत्री

गायत्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गायत्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya gaayatri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।