सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
31 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#373 नारायणी

नारायणी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री नारायणी नमः
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri naaraayani namah

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

शक्ति, रक्षा, संतुलन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#374 नारायणी

नारायणी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री नारायणी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri naaraayani kripaan kuru namah

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शक्ति, रक्षा, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#375 नारायणी

नारायणी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री नारायणी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri naaraayani kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#376 नारायणी

नारायणी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ नारायणी विद्महे शुभप्रदा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om naaraayani vidmahe shubhaprada dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

शक्ति, रक्षा, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#377 नारायणी

नारायणी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं नारायणी नमः
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen naaraayani namah

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

शक्ति, रक्षा, संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#378 नारायणी

नारायणी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री नारायणी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri naaraayani raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#379 नारायणी

नारायणी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय नारायणी, मेरे शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya naaraayani, mere shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#380 गरुड़

गरुड़ नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री गरुड़ नमः
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri garuda namah

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

विष-भय शमन, रक्षा की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#381 गरुड़

गरुड़ कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गरुड़ कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri garuda kripaan kuru namah

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विष-भय शमन, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#382 गरुड़

गरुड़ कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री गरुड़ कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri garuda kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#383 गरुड़

गरुड़ गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गरुड़ विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om garuda vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

विष-भय शमन, रक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#384 गरुड़

गरुड़ बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं गरुड़ नमः
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen garuda namah

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

विष-भय शमन, रक्षा के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#385 गरुड़

गरुड़ रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री गरुड़ रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri garuda raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#386 गरुड़

गरुड़ शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गरुड़, मेरे विष-भय शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya garuda, mere visha-bhay shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#392 हयग्रीव

हयग्रीव रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री हयग्रीव रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र विद्या, स्मरण, बुद्धि
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri hayagreeva raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, विद्या, स्मरण, बुद्धि

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#394 वराह

वराह नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री वराह नमः
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri varaaha namah

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#395 वराह

वराह कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वराह कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri varaaha kripaan kuru namah

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#396 वराह

वराह कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री वराह कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri varaaha kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#397 वराह

वराह गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ वराह विद्महे रक्षाकारक धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om varaaha vidmahe rakshaakaaraka dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#398 वराह

वराह बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं वराह नमः
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen varaaha namah

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#399 वराह

वराह रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री वराह रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri varaaha raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#400 वराह

वराह शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वराह, मेरे भूमि-सुरक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya varaaha, mere bhoomi-surakshaa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#406 वामन

वामन रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री वामन रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र धैर्य, संतुलन, धर्म
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaamana raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, धैर्य, संतुलन, धर्म

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#408 परशुराम

परशुराम नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री परशुराम नमः
क्षेत्र साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri parashuraama namah

उद्देश्य

साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध

लाभ / अर्थ

साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।