सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
30 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#153 नृसिंह

नृसिंह बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं नृसिंह नमः
क्षेत्र रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen nrisinha namah

उद्देश्य

रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति

लाभ / अर्थ

रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#154 नृसिंह

नृसिंह रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री नृसिंह रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri nrisinha raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#155 नृसिंह

नृसिंह शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय नृसिंह, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya nrisinha, mere raksha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, भय नाश, शत्रुभय से मुक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#161 सूर्य

सूर्य रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सूर्य रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri soorya raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#168 चन्द्र

चन्द्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री चन्द्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र मन-शांति, भावनात्मक संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri chandra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, मन-शांति, भावनात्मक संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#170 मंगल

मंगल नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री मंगल नमः
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri mangal namah

उद्देश्य

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#171 मंगल

मंगल कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री मंगल कृपां कुरु नमः
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mangal kripaan kuru namah

उद्देश्य

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#172 मंगल

मंगल कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री मंगल कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mangal kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#173 मंगल

मंगल गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ मंगल विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om mangal vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#174 मंगल

मंगल बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं मंगल नमः
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen mangal namah

उद्देश्य

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#175 मंगल

मंगल रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री मंगल रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri mangal raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#176 मंगल

मंगल शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय मंगल, मेरे साहस का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र साहस, भूमि, ऋण-शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya mangal, mere saahasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

साहस, भूमि, ऋण-शक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#182 बुध

बुध रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बुध रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र बुद्धि, वाणिज्य, संवाद
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri budha raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, बुद्धि, वाणिज्य, संवाद

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#187 बृहस्पति

बृहस्पति गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बृहस्पति विद्महे रक्षाकारक धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om brihaspati vidmahe rakshaakaaraka dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#189 बृहस्पति

बृहस्पति रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बृहस्पति रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#196 शुक्र

शुक्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शुक्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shukra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#203 शनि

शनि रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शनि रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shani raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#210 राहु

राहु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री राहु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri raahu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#217 केतु

केतु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री केतु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#219 कार्तिकेय

कार्तिकेय नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#220 कार्तिकेय

कार्तिकेय कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कार्तिकेय कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya kripaan kuru namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#221 कार्तिकेय

कार्तिकेय कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री कार्तिकेय कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#222 कार्तिकेय

कार्तिकेय गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कार्तिकेय विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om kaartikeya vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#223 कार्तिकेय

कार्तिकेय बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।