सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
02 Aug 2026
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#507 रुद्र

रुद्र कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री रुद्र कृपां कुरु नमः
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri rudra kripaan kuru namah

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

उग्रता का शमन, रक्षा, तप में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#512 रुद्र

रुद्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय रुद्र, मेरे उग्रता का शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya rudra, mere ugrata ka shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#514 सावित्री

सावित्री कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सावित्री कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri saavitri kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#519 सावित्री

सावित्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सावित्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya saavitri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#520 तुलसी

तुलसी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री तुलसी नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi namah

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#521 तुलसी

तुलसी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री तुलसी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi kripaan kuru namah

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#522 तुलसी

तुलसी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री तुलसी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#523 तुलसी

तुलसी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ तुलसी विद्महे शक्तिरूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om tulasi vidmahe shaktiroopa dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#524 तुलसी

तुलसी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं तुलसी नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen tulasi namah

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#525 तुलसी

तुलसी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री तुलसी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#526 तुलसी

तुलसी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय तुलसी, मेरे भक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya tulasi, mere bhakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#528 महालक्ष्मी

महालक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#533 महालक्ष्मी

महालक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय महालक्ष्मी, मेरे संपत्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya mahaalakshmi, mere sanpatti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#535 महागणपति

महागणपति कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री महागणपति कृपां कुरु नमः
क्षेत्र महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaaganapati kripaan kuru namah

उद्देश्य

महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#540 महागणपति

महागणपति शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय महागणपति, मेरे महाशुभारंभ का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya mahaaganapati, mere mahaashubhaaranbha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#542 शारदा

शारदा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री शारदा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri shaarada kripaan kuru namah

उद्देश्य

विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#547 शारदा

शारदा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शारदा, मेरे विद्या का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya shaarada, mere vidya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#549 विंध्यवासिनी

विंध्यवासिनी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री विंध्यवासिनी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र रक्षा, शक्ति, साहस
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri vindhyavaasini kripaan kuru namah

उद्देश्य

रक्षा, शक्ति, साहस, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

रक्षा, शक्ति, साहस में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#554 विंध्यवासिनी

विंध्यवासिनी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय विंध्यवासिनी, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा, शक्ति, साहस
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya vindhyavaasini, mere raksha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शक्ति, साहस

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#556 छिन्नमस्ता

छिन्नमस्ता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री छिन्नमस्ता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आत्मसंयम, आंतरिक जागरण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri chhinnamasta kripaan kuru namah

उद्देश्य

आत्मसंयम, आंतरिक जागरण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आत्मसंयम, आंतरिक जागरण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#561 छिन्नमस्ता

छिन्नमस्ता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय छिन्नमस्ता, मेरे आत्मसंयम का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आत्मसंयम, आंतरिक जागरण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya chhinnamasta, mere aatmasanyama ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आत्मसंयम, आंतरिक जागरण

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#563 धूमावती

धूमावती कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री धूमावती कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri dhoomaavati kripaan kuru namah

उद्देश्य

वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#568 धूमावती

धूमावती शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय धूमावती, मेरे वैराग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya dhoomaavati, mere vairaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#570 कामाख्या

कामाख्या कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कामाख्या कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaamaakhya kripaan kuru namah

उद्देश्य

शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।