होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#507 रुद्र रुद्र कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री रुद्र कृपां कुरु नमः क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri rudra kripaan kuru namah उद्देश्य उग्रता का शमन, रक्षा, तप, अनुग्रह लाभ / अर्थ उग्रता का शमन, रक्षा, तप में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#512 रुद्र रुद्र शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय रुद्र, मेरे उग्रता का शमन का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya rudra, mere ugrata ka shamana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य उग्रता का शमन, रक्षा, तप लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#514 सावित्री सावित्री कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री सावित्री कृपां कुरु नमः क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri saavitri kripaan kuru namah उद्देश्य प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#519 सावित्री सावित्री शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय सावित्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya saavitri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#520 तुलसी तुलसी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम जप ॐ श्री तुलसी नमः क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri tulasi namah उद्देश्य भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#521 तुलसी तुलसी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री तुलसी कृपां कुरु नमः क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri tulasi kripaan kuru namah उद्देश्य भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल, अनुग्रह लाभ / अर्थ भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#522 तुलसी तुलसी कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री तुलसी कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri tulasi kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#523 तुलसी तुलसी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ तुलसी विद्महे शक्तिरूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om tulasi vidmahe shaktiroopa dheemahi tanno devi prachodayaat. उद्देश्य भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#524 तुलसी तुलसी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं तुलसी नमः क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen tulasi namah उद्देश्य भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#525 तुलसी तुलसी रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री तुलसी रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri tulasi raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#526 तुलसी तुलसी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय तुलसी, मेरे भक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya tulasi, mere bhakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#528 महालक्ष्मी महालक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री महालक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri mahaalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#533 महालक्ष्मी महालक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय महालक्ष्मी, मेरे संपत्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya mahaalakshmi, mere sanpatti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य संपत्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#535 महागणपति महागणपति कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री महागणपति कृपां कुरु नमः क्षेत्र महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri mahaaganapati kripaan kuru namah उद्देश्य महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश, अनुग्रह लाभ / अर्थ महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#540 महागणपति महागणपति शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय महागणपति, मेरे महाशुभारंभ का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya mahaaganapati, mere mahaashubhaaranbha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य महाशुभारंभ, विघ्न-विनाश लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#542 शारदा शारदा कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री शारदा कृपां कुरु नमः क्षेत्र विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shaarada kripaan kuru namah उद्देश्य विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता, अनुग्रह लाभ / अर्थ विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#547 शारदा शारदा शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय शारदा, मेरे विद्या का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya shaarada, mere vidya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य विद्या, स्मरण, परीक्षा-सफलता लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#549 विंध्यवासिनी विंध्यवासिनी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री विंध्यवासिनी कृपां कुरु नमः क्षेत्र रक्षा, शक्ति, साहस स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vindhyavaasini kripaan kuru namah उद्देश्य रक्षा, शक्ति, साहस, अनुग्रह लाभ / अर्थ रक्षा, शक्ति, साहस में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#554 विंध्यवासिनी विंध्यवासिनी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय विंध्यवासिनी, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र रक्षा, शक्ति, साहस स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vindhyavaasini, mere raksha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य रक्षा, शक्ति, साहस लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#556 छिन्नमस्ता छिन्नमस्ता कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री छिन्नमस्ता कृपां कुरु नमः क्षेत्र आत्मसंयम, आंतरिक जागरण स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri chhinnamasta kripaan kuru namah उद्देश्य आत्मसंयम, आंतरिक जागरण, अनुग्रह लाभ / अर्थ आत्मसंयम, आंतरिक जागरण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#561 छिन्नमस्ता छिन्नमस्ता शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय छिन्नमस्ता, मेरे आत्मसंयम का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र आत्मसंयम, आंतरिक जागरण स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya chhinnamasta, mere aatmasanyama ka mangal karo, svaaha उद्देश्य आत्मसंयम, आंतरिक जागरण लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#563 धूमावती धूमावती कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री धूमावती कृपां कुरु नमः क्षेत्र वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dhoomaavati kripaan kuru namah उद्देश्य वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल, अनुग्रह लाभ / अर्थ वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#568 धूमावती धूमावती शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय धूमावती, मेरे वैराग्य का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya dhoomaavati, mere vairaagya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य वैराग्य, निराशा-शमन, एकांत-बल लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#570 कामाख्या कामाख्या कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री कामाख्या कृपां कुरु नमः क्षेत्र शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaamaakhya kripaan kuru namah उद्देश्य शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा, अनुग्रह लाभ / अर्थ शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।