होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#423 बालाजी बालाजी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री बालाजी कृपां कुरु नमः क्षेत्र रक्षा, समृद्धि, विश्वास स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri baalaaji kripaan kuru namah उद्देश्य रक्षा, समृद्धि, विश्वास, अनुग्रह लाभ / अर्थ रक्षा, समृद्धि, विश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#428 बालाजी बालाजी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय बालाजी, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र रक्षा, समृद्धि, विश्वास स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya baalaaji, mere raksha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य रक्षा, समृद्धि, विश्वास लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#430 विट्ठल विट्ठल कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री विट्ठल कृपां कुरु नमः क्षेत्र भक्ति, सादगी, आनंद स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vitthala kripaan kuru namah उद्देश्य भक्ति, सादगी, आनंद, अनुग्रह लाभ / अर्थ भक्ति, सादगी, आनंद में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#435 विट्ठल विट्ठल शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय विट्ठल, मेरे भक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र भक्ति, सादगी, आनंद स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vitthala, mere bhakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य भक्ति, सादगी, आनंद लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#437 विघ्नहर्ता गणपति विघ्नहर्ता गणपति कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री विघ्नहर्ता गणपति कृपां कुरु नमः क्षेत्र बाधा-निवारण, सफलता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vighnaharta ganapati kripaan kuru namah उद्देश्य बाधा-निवारण, सफलता, अनुग्रह लाभ / अर्थ बाधा-निवारण, सफलता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#442 विघ्नहर्ता गणपति विघ्नहर्ता गणपति शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय विघ्नहर्ता गणपति, मेरे बाधा-निवारण का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र बाधा-निवारण, सफलता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vighnaharta ganapati, mere baadhaa-nivaarana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य बाधा-निवारण, सफलता लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#444 स्कन्द स्कन्द कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री स्कन्द कृपां कुरु नमः क्षेत्र वीरता, तेज, निर्णय स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri skanda kripaan kuru namah उद्देश्य वीरता, तेज, निर्णय, अनुग्रह लाभ / अर्थ वीरता, तेज, निर्णय में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#449 स्कन्द स्कन्द शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय स्कन्द, मेरे वीरता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र वीरता, तेज, निर्णय स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya skanda, mere veerata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य वीरता, तेज, निर्णय लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#451 गंगा गंगा कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री गंगा कृपां कुरु नमः क्षेत्र शुद्धि, पावनता, दोष-क्षालन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri ganga kripaan kuru namah उद्देश्य शुद्धि, पावनता, दोष-क्षालन, अनुग्रह लाभ / अर्थ शुद्धि, पावनता, दोष-क्षालन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#456 गंगा गंगा शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय गंगा, मेरे शुद्धि का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शुद्धि, पावनता, दोष-क्षालन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya ganga, mere shuddhi ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शुद्धि, पावनता, दोष-क्षालन लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#458 यमुना यमुना कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री यमुना कृपां कुरु नमः क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri yamuna kripaan kuru namah उद्देश्य प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#463 यमुना यमुना शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय यमुना, मेरे प्रेम का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya yamuna, mere prema ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्रेम, सौम्यता, भावनात्मक शांति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#465 पृथ्वी पृथ्वी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री पृथ्वी कृपां कुरु नमः क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri prithvi kripaan kuru namah उद्देश्य स्थिरता, धैर्य, आधार, अनुग्रह लाभ / अर्थ स्थिरता, धैर्य, आधार में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#470 पृथ्वी पृथ्वी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय पृथ्वी, मेरे स्थिरता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र स्थिरता, धैर्य, आधार स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya prithvi, mere sthirata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य स्थिरता, धैर्य, आधार लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#472 अग्नि अग्नि कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अग्नि कृपां कुरु नमः क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri agni kripaan kuru namah उद्देश्य शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प, अनुग्रह लाभ / अर्थ शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#477 अग्नि अग्नि शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अग्नि, मेरे शुद्धि का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya agni, mere shuddhi ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शुद्धि, ऊर्जा, संकल्प लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#479 वरुण वरुण कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वरुण कृपां कुरु नमः क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri varuna kripaan kuru namah उद्देश्य शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन, अनुग्रह लाभ / अर्थ शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#484 वरुण वरुण शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय वरुण, मेरे शांति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya varuna, mere shaanti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#486 वायु वायु कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वायु कृपां कुरु नमः क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vaayu kripaan kuru namah उद्देश्य प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#491 वायु वायु शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय वायु, मेरे प्राण-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vaayu, mere praana-shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#493 इन्द्र इन्द्र कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री इन्द्र कृपां कुरु नमः क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri indra kripaan kuru namah उद्देश्य बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास, अनुग्रह लाभ / अर्थ बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#498 इन्द्र इन्द्र शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय इन्द्र, मेरे बल का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya indra, mere bala ka mangal karo, svaaha उद्देश्य बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#500 सोम सोम कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री सोम कृपां कुरु नमः क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri soma kripaan kuru namah उद्देश्य शीतलता, रस, मनःशांति, अनुग्रह लाभ / अर्थ शीतलता, रस, मनःशांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#505 सोम सोम शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय सोम, मेरे शीतलता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya soma, mere sheetalata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शीतलता, रस, मनःशांति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।