सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
31 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#358 वैष्णो देवी

वैष्णो देवी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वैष्णो देवी, मेरे शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शक्ति, भक्ति, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya vaishno devi, mere shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शक्ति, भक्ति, रक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#359 ललिता

ललिता नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री ललिता नमः
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri lalita namah

उद्देश्य

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#360 ललिता

ललिता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री ललिता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri lalita kripaan kuru namah

उद्देश्य

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#361 ललिता

ललिता कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री ललिता कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri lalita kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#362 ललिता

ललिता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ ललिता विद्महे भक्तवत्सला धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om lalita vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#363 ललिता

ललिता बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं ललिता नमः
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen lalita namah

उद्देश्य

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#364 ललिता

ललिता रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री ललिता रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri lalita raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#365 ललिता

ललिता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय ललिता, मेरे श्रीविद्या का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya lalita, mere shreevidya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

श्रीविद्या, सौम्यता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#367 राजराजेश्वरी

राजराजेश्वरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री राजराजेश्वरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र सौभाग्य, शासन-शक्ति, तेज
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri raajaraajeshvari kripaan kuru namah

उद्देश्य

सौभाग्य, शासन-शक्ति, तेज, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, शासन-शक्ति, तेज में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#372 राजराजेश्वरी

राजराजेश्वरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय राजराजेश्वरी, मेरे सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, शासन-शक्ति, तेज
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya raajaraajeshvari, mere saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौभाग्य, शासन-शक्ति, तेज

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#374 नारायणी

नारायणी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री नारायणी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri naaraayani kripaan kuru namah

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शक्ति, रक्षा, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#379 नारायणी

नारायणी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय नारायणी, मेरे शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शक्ति, रक्षा, संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya naaraayani, mere shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शक्ति, रक्षा, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#381 गरुड़

गरुड़ कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गरुड़ कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri garuda kripaan kuru namah

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विष-भय शमन, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#386 गरुड़

गरुड़ शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गरुड़, मेरे विष-भय शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विष-भय शमन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya garuda, mere visha-bhay shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विष-भय शमन, रक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#388 हयग्रीव

हयग्रीव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री हयग्रीव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विद्या, स्मरण, बुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri hayagreeva kripaan kuru namah

उद्देश्य

विद्या, स्मरण, बुद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विद्या, स्मरण, बुद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#393 हयग्रीव

हयग्रीव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय हयग्रीव, मेरे विद्या का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विद्या, स्मरण, बुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya hayagreeva, mere vidya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विद्या, स्मरण, बुद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#395 वराह

वराह कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वराह कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri varaaha kripaan kuru namah

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#400 वराह

वराह शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वराह, मेरे भूमि-सुरक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भूमि-सुरक्षा, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya varaaha, mere bhoomi-surakshaa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भूमि-सुरक्षा, स्थिरता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#402 वामन

वामन कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वामन कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धैर्य, संतुलन, धर्म
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaamana kripaan kuru namah

उद्देश्य

धैर्य, संतुलन, धर्म, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धैर्य, संतुलन, धर्म में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#407 वामन

वामन शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वामन, मेरे धैर्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धैर्य, संतुलन, धर्म
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya vaamana, mere dhairya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

धैर्य, संतुलन, धर्म

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#409 परशुराम

परशुराम कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री परशुराम कृपां कुरु नमः
क्षेत्र साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri parashuraama kripaan kuru namah

उद्देश्य

साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#414 परशुराम

परशुराम शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय परशुराम, मेरे साहस का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya parashuraama, mere saahasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

साहस, संकल्प, अन्याय-विरोध

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#416 जगन्नाथ

जगन्नाथ कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री जगन्नाथ कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शरण, भक्ति, व्यापक कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri jagannaatha kripaan kuru namah

उद्देश्य

शरण, भक्ति, व्यापक कृपा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शरण, भक्ति, व्यापक कृपा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#421 जगन्नाथ

जगन्नाथ शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय जगन्नाथ, मेरे शरण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शरण, भक्ति, व्यापक कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya jagannaatha, mere sharana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शरण, भक्ति, व्यापक कृपा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।