सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
31 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#289 बटुक भैरव

बटुक भैरव नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री बटुक भैरव नमः
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri batuka bhairava namah

उद्देश्य

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#290 बटुक भैरव

बटुक भैरव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बटुक भैरव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri batuka bhairava kripaan kuru namah

उद्देश्य

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#291 बटुक भैरव

बटुक भैरव कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री बटुक भैरव कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri batuka bhairava kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#292 बटुक भैरव

बटुक भैरव गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बटुक भैरव विद्महे भक्तवत्सल धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om batuka bhairava vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#293 बटुक भैरव

बटुक भैरव बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं बटुक भैरव नमः
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen batuka bhairava namah

उद्देश्य

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#294 बटुक भैरव

बटुक भैरव रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बटुक भैरव रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri batuka bhairava raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#295 बटुक भैरव

बटुक भैरव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बटुक भैरव, मेरे त्वरित रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya batuka bhairava, mere tvarita raksha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

त्वरित रक्षा, सहज अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#297 स्वर्णाकर्षण भैरव

स्वर्णाकर्षण भैरव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री स्वर्णाकर्षण भैरव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धन-आकर्षण, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri svarnaakarshana bhairava kripaan kuru namah

उद्देश्य

धन-आकर्षण, स्थिरता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धन-आकर्षण, स्थिरता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#302 स्वर्णाकर्षण भैरव

स्वर्णाकर्षण भैरव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय स्वर्णाकर्षण भैरव, मेरे धन-आकर्षण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धन-आकर्षण, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya svarnaakarshana bhairava, mere dhan-aakarshana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

धन-आकर्षण, स्थिरता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#304 काल भैरव

काल भैरव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री काल भैरव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भय नाश, समय-शक्ति, सुरक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaala bhairava kripaan kuru namah

उद्देश्य

भय नाश, समय-शक्ति, सुरक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय नाश, समय-शक्ति, सुरक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#309 काल भैरव

काल भैरव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय काल भैरव, मेरे भय नाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भय नाश, समय-शक्ति, सुरक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaala bhairava, mere bhay naasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भय नाश, समय-शक्ति, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#311 कुबेर

कुबेर कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कुबेर कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धन-संचय, व्यापारिक वृद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kubera kripaan kuru namah

उद्देश्य

धन-संचय, व्यापारिक वृद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धन-संचय, व्यापारिक वृद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#316 कुबेर

कुबेर शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कुबेर, मेरे धन-संचय का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धन-संचय, व्यापारिक वृद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kubera, mere dhan-sanchaya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

धन-संचय, व्यापारिक वृद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#318 धन्वंतरि

धन्वंतरि कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री धन्वंतरि कृपां कुरु नमः
क्षेत्र स्वास्थ्य, आरोग्य, उपचार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri dhanvantari kripaan kuru namah

उद्देश्य

स्वास्थ्य, आरोग्य, उपचार, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

स्वास्थ्य, आरोग्य, उपचार में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#323 धन्वंतरि

धन्वंतरि शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय धन्वंतरि, मेरे स्वास्थ्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र स्वास्थ्य, आरोग्य, उपचार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya dhanvantari, mere svaasthya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

स्वास्थ्य, आरोग्य, उपचार

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#325 दत्तात्रेय

दत्तात्रेय कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री दत्तात्रेय कृपां कुरु नमः
क्षेत्र गुरु-कृपा, साधना, ज्ञान
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri dattaatreya kripaan kuru namah

उद्देश्य

गुरु-कृपा, साधना, ज्ञान, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

गुरु-कृपा, साधना, ज्ञान में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#330 दत्तात्रेय

दत्तात्रेय शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय दत्तात्रेय, मेरे गुरु-कृपा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र गुरु-कृपा, साधना, ज्ञान
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya dattaatreya, mere guru-kripa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

गुरु-कृपा, साधना, ज्ञान

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#332 महाकाल

महाकाल कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री महाकाल कृपां कुरु नमः
क्षेत्र काल-भय से मुक्ति, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mahaakaala kripaan kuru namah

उद्देश्य

काल-भय से मुक्ति, स्थिरता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

काल-भय से मुक्ति, स्थिरता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#337 महाकाल

महाकाल शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय महाकाल, मेरे काल-भय से मुक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र काल-भय से मुक्ति, स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya mahaakaala, mere kaala-bhay se mukti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

काल-भय से मुक्ति, स्थिरता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#339 मृत्युंजय शिव

मृत्युंजय शिव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री मृत्युंजय शिव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आरोग्य, आयु, भय-शमन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri mrityunjaya shiva kripaan kuru namah

उद्देश्य

आरोग्य, आयु, भय-शमन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आरोग्य, आयु, भय-शमन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#344 मृत्युंजय शिव

मृत्युंजय शिव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय मृत्युंजय शिव, मेरे आरोग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आरोग्य, आयु, भय-शमन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya mrityunjaya shiva, mere aarogya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आरोग्य, आयु, भय-शमन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#346 संतोषी माता

संतोषी माता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री संतोषी माता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र संतोष, गृह-शांति, सरल कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri santoshi maata kripaan kuru namah

उद्देश्य

संतोष, गृह-शांति, सरल कृपा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संतोष, गृह-शांति, सरल कृपा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#351 संतोषी माता

संतोषी माता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय संतोषी माता, मेरे संतोष का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र संतोष, गृह-शांति, सरल कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya santoshi maata, mere santosha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संतोष, गृह-शांति, सरल कृपा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#353 वैष्णो देवी

वैष्णो देवी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वैष्णो देवी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शक्ति, भक्ति, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaishno devi kripaan kuru namah

उद्देश्य

शक्ति, भक्ति, रक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शक्ति, भक्ति, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।