सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
30 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#215 केतु

केतु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ केतु विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om ketu vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#216 केतु

केतु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं केतु नमः
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen ketu namah

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#217 केतु

केतु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री केतु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#218 केतु

केतु शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय केतु, मेरे वैराग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya ketu, mere vairaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#220 कार्तिकेय

कार्तिकेय कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कार्तिकेय कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya kripaan kuru namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#225 कार्तिकेय

कार्तिकेय शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कार्तिकेय, मेरे वीर्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaartikeya, mere veerya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#227 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अन्नपूर्णा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna kripaan kuru namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#232 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अन्नपूर्णा, मेरे अन्न-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya annapoorna, mere anna-samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#234 गायत्री

गायत्री कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गायत्री कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#239 गायत्री

गायत्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गायत्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya gaayatri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#241 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari kripaan kuru namah

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#246 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय त्रिपुर सुंदरी, मेरे सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya tripura sundari, mere saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#248 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भुवनेश्वरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari kripaan kuru namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#253 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भुवनेश्वरी, मेरे आत्मविश्वास का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhuvaneshvari, mere aatmavishvaasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#255 तारा

तारा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री तारा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri taara kripaan kuru namah

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#260 तारा

तारा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय तारा, मेरे करुणा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya taara, mere karuna ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

करुणा, मार्गदर्शन, रक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#262 मातंगी

मातंगी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री मातंगी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri maatangi kripaan kuru namah

उद्देश्य

वाणी, कला, अभिव्यक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वाणी, कला, अभिव्यक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#267 मातंगी

मातंगी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय मातंगी, मेरे वाणी का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वाणी, कला, अभिव्यक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya maatangi, mere vani ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वाणी, कला, अभिव्यक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#269 कमला

कमला कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कमला कृपां कुरु नमः
क्षेत्र समृद्धि, वैभव, लक्ष्मी-कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kamala kripaan kuru namah

उद्देश्य

समृद्धि, वैभव, लक्ष्मी-कृपा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, वैभव, लक्ष्मी-कृपा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#274 कमला

कमला शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कमला, मेरे समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र समृद्धि, वैभव, लक्ष्मी-कृपा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kamala, mere samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

समृद्धि, वैभव, लक्ष्मी-कृपा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#276 बगलामुखी

बगलामुखी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बगलामुखी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वाणी-संयम, रक्षा, वाद-विवाद में स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bagalaamukhi kripaan kuru namah

उद्देश्य

वाणी-संयम, रक्षा, वाद-विवाद में स्थिरता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

वाणी-संयम, रक्षा, वाद-विवाद में स्थिरता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#281 बगलामुखी

बगलामुखी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बगलामुखी, मेरे वाणी-संयम का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वाणी-संयम, रक्षा, वाद-विवाद में स्थिरता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya bagalaamukhi, mere vani-sanyama ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वाणी-संयम, रक्षा, वाद-विवाद में स्थिरता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#283 भैरव

भैरव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भैरव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र रक्षा, निर्भयता, समय-साधना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhairava kripaan kuru namah

उद्देश्य

रक्षा, निर्भयता, समय-साधना, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

रक्षा, निर्भयता, समय-साधना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#288 भैरव

भैरव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भैरव, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा, निर्भयता, समय-साधना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhairava, mere raksha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, निर्भयता, समय-साधना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।