सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
06 Aug 2026
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#1060 अन्नदेवता

अन्नदेवता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अन्नदेवता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri annadevata kripaan kuru namah

उद्देश्य

पोषण, संतोष, कृतज्ञता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

पोषण, संतोष, कृतज्ञता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1062 अन्नदेवता

अन्नदेवता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अन्नदेवता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अन्न-समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om annadevata vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

पोषण, संतोष, कृतज्ञता

लाभ / अर्थ

पोषण, संतोष, कृतज्ञता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1065 अन्नदेवता

अन्नदेवता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अन्नदेवता, मेरे अन्न-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya annadevata, mere anna-samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

पोषण, संतोष, कृतज्ञता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1067 वनदेवी

वनदेवी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वनदेवी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रकृति-शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vanadevi kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रकृति-संबंध, शांति, हरित ऊर्जा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रकृति-संबंध, शांति, हरित ऊर्जा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1072 वनदेवी

वनदेवी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वनदेवी, मेरे प्रकृति-शांति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकृति-शांति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya vanadevi, mere prakriti-shaanti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकृति-संबंध, शांति, हरित ऊर्जा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1074 गृहदेवता

गृहदेवता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गृहदेवता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र गृह-रक्षा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri grihadevata kripaan kuru namah

उद्देश्य

घर की शांति, सौहार्द, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

घर की शांति, सौहार्द में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1076 गृहदेवता

गृहदेवता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गृहदेवता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र गृह-रक्षा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om grihadevata vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

घर की शांति, सौहार्द

लाभ / अर्थ

घर की शांति, सौहार्द से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1079 गृहदेवता

गृहदेवता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गृहदेवता, मेरे गृह-रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र गृह-रक्षा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya grihadevata, mere griha-rakshaa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

घर की शांति, सौहार्द

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1080 कुलदेवी

कुलदेवी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री कुलदेवी नमः
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kuladevi namah

उद्देश्य

परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

परिवार, परंपरा, सुरक्षा की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#1081 कुलदेवी

कुलदेवी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कुलदेवी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kuladevi kripaan kuru namah

उद्देश्य

परिवार, परंपरा, सुरक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

परिवार, परंपरा, सुरक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1082 कुलदेवी

कुलदेवी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री कुलदेवी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kuladevi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#1083 कुलदेवी

कुलदेवी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कुलदेवी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kuladevi vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

परिवार, परंपरा, सुरक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1084 कुलदेवी

कुलदेवी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं कुलदेवी नमः
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen kuladevi namah

उद्देश्य

परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

परिवार, परंपरा, सुरक्षा के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#1085 कुलदेवी

कुलदेवी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कुलदेवी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kuladevi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#1086 कुलदेवी

कुलदेवी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कुलदेवी, मेरे वंश-रक्षा और मंगल का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वंश-रक्षा और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kuladevi, mere vansha-rakshaa aur mangal ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

परिवार, परंपरा, सुरक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1088 कुलदेवता

कुलदेवता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कुलदेवता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र वंशीय आशीर्वाद
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kuladevata kripaan kuru namah

उद्देश्य

संरक्षण, सद्भाव, मार्गदर्शन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संरक्षण, सद्भाव, मार्गदर्शन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1090 कुलदेवता

कुलदेवता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कुलदेवता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वंशीय आशीर्वाद
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kuladevata vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

संरक्षण, सद्भाव, मार्गदर्शन

लाभ / अर्थ

संरक्षण, सद्भाव, मार्गदर्शन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1093 कुलदेवता

कुलदेवता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कुलदेवता, मेरे वंशीय आशीर्वाद का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वंशीय आशीर्वाद
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kuladevata, mere vansheeya aasheervaada ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संरक्षण, सद्भाव, मार्गदर्शन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1095 योगमाया

योगमाया कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री योगमाया कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भक्ति और लीला-चेतना
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri yogamaaya kripaan kuru namah

उद्देश्य

भक्ति, अंतर्दृष्टि, करुणा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भक्ति, अंतर्दृष्टि, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1100 योगमाया

योगमाया शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय योगमाया, मेरे भक्ति और लीला-चेतना का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भक्ति और लीला-चेतना
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya yogamaaya, mere bhakti aur leelaa-chetanaa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भक्ति, अंतर्दृष्टि, करुणा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।