सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
05 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#1013 सुदर्शन

सुदर्शन गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सुदर्शन विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र रक्षा-चक्र
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om sudarshana vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

रक्षा, शुद्धि, बाधा-शमन

लाभ / अर्थ

रक्षा, शुद्धि, बाधा-शमन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1016 सुदर्शन

सुदर्शन शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सुदर्शन, मेरे रक्षा-चक्र का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा-चक्र
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya sudarshana, mere rakshaa-chakra ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शुद्धि, बाधा-शमन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1018 गरुडध्वज

गरुडध्वज कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गरुडध्वज कृपां कुरु नमः
क्षेत्र दुष्प्रभाव-शमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri garudadhvaja kripaan kuru namah

उद्देश्य

सुरक्षा, विष-भय शांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सुरक्षा, विष-भय शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1020 गरुडध्वज

गरुडध्वज गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गरुडध्वज विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र दुष्प्रभाव-शमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om garudadhvaja vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

सुरक्षा, विष-भय शांति

लाभ / अर्थ

सुरक्षा, विष-भय शांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1023 गरुडध्वज

गरुडध्वज शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गरुडध्वज, मेरे दुष्प्रभाव-शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र दुष्प्रभाव-शमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya garudadhvaja, mere dushprabhaava-shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सुरक्षा, विष-भय शांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1025 विश्वकर्मा

विश्वकर्मा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री विश्वकर्मा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र कौशल और निर्माण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vishvakarma kripaan kuru namah

उद्देश्य

कौशल, कर्म, रचना, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

कौशल, कर्म, रचना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1027 विश्वकर्मा

विश्वकर्मा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ विश्वकर्मा विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र कौशल और निर्माण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om vishvakarma vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

कौशल, कर्म, रचना

लाभ / अर्थ

कौशल, कर्म, रचना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1030 विश्वकर्मा

विश्वकर्मा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय विश्वकर्मा, मेरे कौशल और निर्माण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र कौशल और निर्माण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya vishvakarma, mere kaushala aur nirmaana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

कौशल, कर्म, रचना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1032 अश्विनीकुमार

अश्विनीकुमार कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अश्विनीकुमार कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आरोग्य और पुनरुत्थान
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri ashvineekumaara kripaan kuru namah

उद्देश्य

स्वास्थ्य, चपलता, पुनर्बल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

स्वास्थ्य, चपलता, पुनर्बल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1034 अश्विनीकुमार

अश्विनीकुमार गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अश्विनीकुमार विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र आरोग्य और पुनरुत्थान
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om ashvineekumaara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

स्वास्थ्य, चपलता, पुनर्बल

लाभ / अर्थ

स्वास्थ्य, चपलता, पुनर्बल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1037 अश्विनीकुमार

अश्विनीकुमार शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अश्विनीकुमार, मेरे आरोग्य और पुनरुत्थान का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आरोग्य और पुनरुत्थान
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya ashvineekumaara, mere aarogya aur punarutthaana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

स्वास्थ्य, चपलता, पुनर्बल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1039 कामधेनु

कामधेनु कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कामधेनु कृपां कुरु नमः
क्षेत्र पोषण और समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaamadhenu kripaan kuru namah

उद्देश्य

पोषण, सम्पन्नता, शांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

पोषण, सम्पन्नता, शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1041 कामधेनु

कामधेनु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कामधेनु विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र पोषण और समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kaamadhenu vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

पोषण, सम्पन्नता, शांति

लाभ / अर्थ

पोषण, सम्पन्नता, शांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1044 कामधेनु

कामधेनु शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कामधेनु, मेरे पोषण और समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र पोषण और समृद्धि
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaamadhenu, mere poshana aur samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

पोषण, सम्पन्नता, शांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1046 धर्मराज

धर्मराज कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री धर्मराज कृपां कुरु नमः
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri dharmaraaja kripaan kuru namah

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1048 धर्मराज

धर्मराज गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ धर्मराज विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om dharmaraaja vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1051 धर्मराज

धर्मराज शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय धर्मराज, मेरे नीति और न्याय का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र नीति और न्याय
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya dharmaraaja, mere neeti aur nyaaya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

न्याय-बुद्धि, कर्तव्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1052 भूमिदेवी

भूमिदेवी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री भूमिदेवी नमः
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhoomidevi namah

उद्देश्य

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#1053 भूमिदेवी

भूमिदेवी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भूमिदेवी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhoomidevi kripaan kuru namah

उद्देश्य

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1054 भूमिदेवी

भूमिदेवी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री भूमिदेवी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhoomidevi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#1055 भूमिदेवी

भूमिदेवी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ भूमिदेवी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om bhoomidevi vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1056 भूमिदेवी

भूमिदेवी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं भूमिदेवी नमः
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen bhoomidevi namah

उद्देश्य

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#1057 भूमिदेवी

भूमिदेवी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री भूमिदेवी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhoomidevi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#1058 भूमिदेवी

भूमिदेवी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भूमिदेवी, मेरे स्थिरता और पोषण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र स्थिरता और पोषण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhoomidevi, mere sthirata aur poshana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आधार, धैर्य, ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।