सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
05 Aug 2026
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वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#967 नवदुर्गा

नवदुर्गा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय नवदुर्गा, मेरे सर्वांगीण शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya navadurga, mere sarvaangeena shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#968 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री सूर्यनारायण नमः
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri sooryanaaraayana namah

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#969 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सूर्यनारायण कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri sooryanaaraayana kripaan kuru namah

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#970 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री सूर्यनारायण कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri sooryanaaraayana kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#971 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सूर्यनारायण विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om sooryanaaraayana vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#972 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं सूर्यनारायण नमः
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen sooryanaaraayana namah

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#973 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सूर्यनारायण रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri sooryanaaraayana raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#974 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सूर्यनारायण, मेरे प्रकाश और आरोग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya sooryanaaraayana, mere prakaasha aur aarogya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#976 आदित्य

आदित्य कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री आदित्य कृपां कुरु नमः
क्षेत्र तेज और स्पष्टता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri aaditya kripaan kuru namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#978 आदित्य

आदित्य गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ आदित्य विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र तेज और स्पष्टता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om aaditya vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#981 आदित्य

आदित्य शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय आदित्य, मेरे तेज और स्पष्टता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र तेज और स्पष्टता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya aaditya, mere teja aur spashtata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#983 भास्कर

भास्कर कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भास्कर कृपां कुरु नमः
क्षेत्र उजास और उत्साह
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhaaskara kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रेरणा, चमक, सक्रियता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रेरणा, चमक, सक्रियता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#985 भास्कर

भास्कर गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ भास्कर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र उजास और उत्साह
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om bhaaskara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

प्रेरणा, चमक, सक्रियता

लाभ / अर्थ

प्रेरणा, चमक, सक्रियता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#988 भास्कर

भास्कर शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भास्कर, मेरे उजास और उत्साह का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र उजास और उत्साह
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhaaskara, mere ujaasa aur utsaaha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रेरणा, चमक, सक्रियता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#990 मित्र

मित्र कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री मित्र कृपां कुरु नमः
क्षेत्र मैत्री और संतुलन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri mitra kripaan kuru namah

उद्देश्य

सौहार्द, सहयोग, शांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सौहार्द, सहयोग, शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#992 मित्र

मित्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ मित्र विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र मैत्री और संतुलन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om mitra vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

सौहार्द, सहयोग, शांति

लाभ / अर्थ

सौहार्द, सहयोग, शांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#995 मित्र

मित्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय मित्र, मेरे मैत्री और संतुलन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र मैत्री और संतुलन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya mitra, mere maitri aur santulana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौहार्द, सहयोग, शांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#997 पूषा

पूषा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री पूषा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र मार्गदर्शन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri poosha kripaan kuru namah

उद्देश्य

यात्रा, मार्ग-सुरक्षा, पोषण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

यात्रा, मार्ग-सुरक्षा, पोषण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#999 पूषा

पूषा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ पूषा विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र मार्गदर्शन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om poosha vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

यात्रा, मार्ग-सुरक्षा, पोषण

लाभ / अर्थ

यात्रा, मार्ग-सुरक्षा, पोषण से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1002 पूषा

पूषा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय पूषा, मेरे मार्गदर्शन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र मार्गदर्शन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya poosha, mere maargadarshana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

यात्रा, मार्ग-सुरक्षा, पोषण

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1004 सविता

सविता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सविता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्रेरणा और प्रबोधन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri savita kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रेरणा, उजाला, बुद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रेरणा, उजाला, बुद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#1006 सविता

सविता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सविता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रेरणा और प्रबोधन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om savita vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

प्रेरणा, उजाला, बुद्धि

लाभ / अर्थ

प्रेरणा, उजाला, बुद्धि से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#1009 सविता

सविता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सविता, मेरे प्रेरणा और प्रबोधन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रेरणा और प्रबोधन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya savita, mere prerana aur prabodhana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रेरणा, उजाला, बुद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#1011 सुदर्शन

सुदर्शन कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सुदर्शन कृपां कुरु नमः
क्षेत्र रक्षा-चक्र
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri sudarshana kripaan kuru namah

उद्देश्य

रक्षा, शुद्धि, बाधा-शमन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

रक्षा, शुद्धि, बाधा-शमन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।