होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#796 दक्षिणामूर्ति दक्षिणामूर्ति गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ दक्षिणामूर्ति विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र मौन-ज्ञान स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om dakshinaamoorti vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक लाभ / अर्थ अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#799 दक्षिणामूर्ति दक्षिणामूर्ति शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय दक्षिणामूर्ति, मेरे मौन-ज्ञान का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र मौन-ज्ञान स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya dakshinaamoorti, mere mauna-jnyaana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#801 अय्यप्पा अय्यप्पा कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अय्यप्पा कृपां कुरु नमः क्षेत्र अनुशासन और धैर्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri ayyappa kripaan kuru namah उद्देश्य संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा, अनुग्रह लाभ / अर्थ संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#803 अय्यप्पा अय्यप्पा गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ अय्यप्पा विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र अनुशासन और धैर्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om ayyappa vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा लाभ / अर्थ संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#806 अय्यप्पा अय्यप्पा शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अय्यप्पा, मेरे अनुशासन और धैर्य का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र अनुशासन और धैर्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya ayyappa, mere anushaasana aur dhairya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#808 शास्ता शास्ता कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री शास्ता कृपां कुरु नमः क्षेत्र पालन और अनुशासन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shaasta kripaan kuru namah उद्देश्य संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन, अनुग्रह लाभ / अर्थ संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#810 शास्ता शास्ता गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ शास्ता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र पालन और अनुशासन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shaasta vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन लाभ / अर्थ संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#813 शास्ता शास्ता शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय शास्ता, मेरे पालन और अनुशासन का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र पालन और अनुशासन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya shaasta, mere paalana aur anushaasana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#815 बालसुब्रह्मण्य बालसुब्रह्मण्य कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री बालसुब्रह्मण्य कृपां कुरु नमः क्षेत्र युव-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri baalasubrahmanya kripaan kuru namah उद्देश्य तेज, शिक्षा, आत्मबल, अनुग्रह लाभ / अर्थ तेज, शिक्षा, आत्मबल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#817 बालसुब्रह्मण्य बालसुब्रह्मण्य गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ बालसुब्रह्मण्य विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र युव-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om baalasubrahmanya vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य तेज, शिक्षा, आत्मबल लाभ / अर्थ तेज, शिक्षा, आत्मबल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#820 बालसुब्रह्मण्य बालसुब्रह्मण्य शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय बालसुब्रह्मण्य, मेरे युव-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र युव-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya baalasubrahmanya, mere yuva-shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य तेज, शिक्षा, आत्मबल लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#822 गजलक्ष्मी गजलक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री गजलक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri gajalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य समृद्धि, सम्मान, शुभता, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, सम्मान, शुभता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#824 गजलक्ष्मी गजलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ गजलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om gajalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य समृद्धि, सम्मान, शुभता लाभ / अर्थ समृद्धि, सम्मान, शुभता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#827 गजलक्ष्मी गजलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय गजलक्ष्मी, मेरे धन और प्रतिष्ठा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya gajalakshmi, mere dhan aur pratishtha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य समृद्धि, सम्मान, शुभता लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#828 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी नमः क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri siddhalakshmi namah उद्देश्य समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#829 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri siddhalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#830 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri siddhalakshmi kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#831 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ सिद्धलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om siddhalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#832 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं सिद्धलक्ष्मी नमः क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen siddhalakshmi namah उद्देश्य समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#833 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri siddhalakshmi raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#834 सिद्धलक्ष्मी सिद्धलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय सिद्धलक्ष्मी, मेरे सिद्धि और सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya siddhalakshmi, mere siddhi aur saubhaagya ka mangal karo, svaaha उद्देश्य समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#836 विजयलक्ष्मी विजयलक्ष्मी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री विजयलक्ष्मी कृपां कुरु नमः क्षेत्र विजय और सफलता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vijayalakshmi kripaan kuru namah उद्देश्य विजय, उन्नति, आत्मविश्वास, अनुग्रह लाभ / अर्थ विजय, उन्नति, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#838 विजयलक्ष्मी विजयलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ विजयलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र विजय और सफलता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om vijayalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य विजय, उन्नति, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ विजय, उन्नति, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#841 विजयलक्ष्मी विजयलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय विजयलक्ष्मी, मेरे विजय और सफलता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विजय और सफलता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vijayalakshmi, mere vijaya aur saphalata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य विजय, उन्नति, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।