सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
04 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#796 दक्षिणामूर्ति

दक्षिणामूर्ति गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ दक्षिणामूर्ति विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र मौन-ज्ञान
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om dakshinaamoorti vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक

लाभ / अर्थ

अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#799 दक्षिणामूर्ति

दक्षिणामूर्ति शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय दक्षिणामूर्ति, मेरे मौन-ज्ञान का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र मौन-ज्ञान
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya dakshinaamoorti, mere mauna-jnyaana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#801 अय्यप्पा

अय्यप्पा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अय्यप्पा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र अनुशासन और धैर्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri ayyappa kripaan kuru namah

उद्देश्य

संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#803 अय्यप्पा

अय्यप्पा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अय्यप्पा विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अनुशासन और धैर्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om ayyappa vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा

लाभ / अर्थ

संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#806 अय्यप्पा

अय्यप्पा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अय्यप्पा, मेरे अनुशासन और धैर्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अनुशासन और धैर्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya ayyappa, mere anushaasana aur dhairya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संयम, साहस, यात्रा-सुरक्षा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#808 शास्ता

शास्ता कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री शास्ता कृपां कुरु नमः
क्षेत्र पालन और अनुशासन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri shaasta kripaan kuru namah

उद्देश्य

संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#810 शास्ता

शास्ता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शास्ता विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र पालन और अनुशासन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shaasta vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#813 शास्ता

शास्ता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शास्ता, मेरे पालन और अनुशासन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र पालन और अनुशासन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya shaasta, mere paalana aur anushaasana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संरक्षण, कर्तव्य, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#815 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बालसुब्रह्मण्य कृपां कुरु नमः
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri baalasubrahmanya kripaan kuru namah

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

तेज, शिक्षा, आत्मबल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#817 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बालसुब्रह्मण्य विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om baalasubrahmanya vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

तेज, शिक्षा, आत्मबल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#820 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बालसुब्रह्मण्य, मेरे युव-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya baalasubrahmanya, mere yuva-shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#822 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गजलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri gajalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#824 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गजलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om gajalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#827 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गजलक्ष्मी, मेरे धन और प्रतिष्ठा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya gajalakshmi, mere dhan aur pratishtha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#828 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#829 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#830 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#831 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सिद्धलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om siddhalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#832 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं सिद्धलक्ष्मी नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen siddhalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#833 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#834 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सिद्धलक्ष्मी, मेरे सिद्धि और सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya siddhalakshmi, mere siddhi aur saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#836 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री विजयलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vijayalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#838 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ विजयलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om vijayalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#841 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय विजयलक्ष्मी, मेरे विजय और सफलता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya vijayalakshmi, mere vijaya aur saphalata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।