होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#740 चामुण्डा चामुण्डा गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ चामुण्डा विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om chaamunda vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति लाभ / अर्थ निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#743 चामुण्डा चामुण्डा शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय चामुण्डा, मेरे दुष्प्रभाव शमन का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya chaamunda, mere dushprabhaava shamana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#745 कौशिकी कौशिकी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री कौशिकी कृपां कुरु नमः क्षेत्र तेजस्विनी शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaushiki kripaan kuru namah उद्देश्य आत्मबल, विजय, ऊर्जा, अनुग्रह लाभ / अर्थ आत्मबल, विजय, ऊर्जा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#747 कौशिकी कौशिकी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ कौशिकी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र तेजस्विनी शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om kaushiki vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य आत्मबल, विजय, ऊर्जा लाभ / अर्थ आत्मबल, विजय, ऊर्जा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#750 कौशिकी कौशिकी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय कौशिकी, मेरे तेजस्विनी शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र तेजस्विनी शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya kaushiki, mere tejasvini shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य आत्मबल, विजय, ऊर्जा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#752 महेश्वरी महेश्वरी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री महेश्वरी कृपां कुरु नमः क्षेत्र शैव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri maheshvari kripaan kuru namah उद्देश्य गौरव, स्थिरता, रक्षा, अनुग्रह लाभ / अर्थ गौरव, स्थिरता, रक्षा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#754 महेश्वरी महेश्वरी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ महेश्वरी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र शैव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om maheshvari vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य गौरव, स्थिरता, रक्षा लाभ / अर्थ गौरव, स्थिरता, रक्षा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#757 महेश्वरी महेश्वरी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय महेश्वरी, मेरे शैव शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शैव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya maheshvari, mere shaiva shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य गौरव, स्थिरता, रक्षा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#759 वैष्णवी वैष्णवी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वैष्णवी कृपां कुरु नमः क्षेत्र वैष्णव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vaishnavi kripaan kuru namah उद्देश्य पालन, संतुलन, करुणा, अनुग्रह लाभ / अर्थ पालन, संतुलन, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#761 वैष्णवी वैष्णवी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ वैष्णवी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र वैष्णव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om vaishnavi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य पालन, संतुलन, करुणा लाभ / अर्थ पालन, संतुलन, करुणा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#764 वैष्णवी वैष्णवी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय वैष्णवी, मेरे वैष्णव शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र वैष्णव शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vaishnavi, mere vaishnava shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य पालन, संतुलन, करुणा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#766 ब्राह्मणी ब्राह्मणी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री ब्राह्मणी कृपां कुरु नमः क्षेत्र ज्ञान-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri braahmani kripaan kuru namah उद्देश्य ज्ञान, विवेक, शांत बुद्धि, अनुग्रह लाभ / अर्थ ज्ञान, विवेक, शांत बुद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#768 ब्राह्मणी ब्राह्मणी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ ब्राह्मणी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र ज्ञान-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om braahmani vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य ज्ञान, विवेक, शांत बुद्धि लाभ / अर्थ ज्ञान, विवेक, शांत बुद्धि से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#771 ब्राह्मणी ब्राह्मणी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय ब्राह्मणी, मेरे ज्ञान-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र ज्ञान-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya braahmani, mere jnyaana-shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य ज्ञान, विवेक, शांत बुद्धि लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#773 इन्द्राणी इन्द्राणी कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री इन्द्राणी कृपां कुरु नमः क्षेत्र तेज और नेतृत्व स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri indraani kripaan kuru namah उद्देश्य प्रतिष्ठा, तेज, आत्मविश्वास, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्रतिष्ठा, तेज, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#775 इन्द्राणी इन्द्राणी गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ इन्द्राणी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र तेज और नेतृत्व स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om indraani vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य प्रतिष्ठा, तेज, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ प्रतिष्ठा, तेज, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#778 इन्द्राणी इन्द्राणी शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय इन्द्राणी, मेरे तेज और नेतृत्व का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र तेज और नेतृत्व स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya indraani, mere teja aur netritva ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्रतिष्ठा, तेज, आत्मविश्वास लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#780 वाराही वाराही कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वाराही कृपां कुरु नमः क्षेत्र भूमि-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vaaraahi kripaan kuru namah उद्देश्य स्थिरता, सुरक्षा, आधार, अनुग्रह लाभ / अर्थ स्थिरता, सुरक्षा, आधार में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#782 वाराही वाराही गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ वाराही विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र भूमि-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om vaaraahi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य स्थिरता, सुरक्षा, आधार लाभ / अर्थ स्थिरता, सुरक्षा, आधार से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#785 वाराही वाराही शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय वाराही, मेरे भूमि-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र भूमि-शक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vaaraahi, mere bhoomi-shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य स्थिरता, सुरक्षा, आधार लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#787 नंदीश्वर नंदीश्वर कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री नंदीश्वर कृपां कुरु नमः क्षेत्र सेवा और निष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri nandeeshvara kripaan kuru namah उद्देश्य निष्ठा, सेवा, श्रद्धा, अनुग्रह लाभ / अर्थ निष्ठा, सेवा, श्रद्धा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#789 नंदीश्वर नंदीश्वर गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ नंदीश्वर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र सेवा और निष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om nandeeshvara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य निष्ठा, सेवा, श्रद्धा लाभ / अर्थ निष्ठा, सेवा, श्रद्धा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#792 नंदीश्वर नंदीश्वर शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय नंदीश्वर, मेरे सेवा और निष्ठा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र सेवा और निष्ठा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya nandeeshvara, mere seva aur nishtha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य निष्ठा, सेवा, श्रद्धा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#794 दक्षिणामूर्ति दक्षिणामूर्ति कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री दक्षिणामूर्ति कृपां कुरु नमः क्षेत्र मौन-ज्ञान स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri dakshinaamoorti kripaan kuru namah उद्देश्य अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक, अनुग्रह लाभ / अर्थ अध्ययन, गुरु-कृपा, विवेक में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।