होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#633 अनंत अनंत कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अनंत कृपां कुरु नमः क्षेत्र अनंत नारायण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri ananta kripaan kuru namah उद्देश्य दीर्घ दृष्टि, धैर्य, सहनशक्ति, अनुग्रह लाभ / अर्थ दीर्घ दृष्टि, धैर्य, सहनशक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#635 अनंत अनंत गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ अनंत विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र अनंत नारायण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om ananta vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य दीर्घ दृष्टि, धैर्य, सहनशक्ति लाभ / अर्थ दीर्घ दृष्टि, धैर्य, सहनशक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#638 अनंत अनंत शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अनंत, मेरे अनंत नारायण का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र अनंत नारायण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya ananta, mere ananta naaraayana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य दीर्घ दृष्टि, धैर्य, सहनशक्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#640 पद्मनाभ पद्मनाभ कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री पद्मनाभ कृपां कुरु नमः क्षेत्र विष्णु-समृद्धि स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri padmanaabha kripaan kuru namah उद्देश्य शांति, समृद्धि, धारण-शक्ति, अनुग्रह लाभ / अर्थ शांति, समृद्धि, धारण-शक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#642 पद्मनाभ पद्मनाभ गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ पद्मनाभ विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र विष्णु-समृद्धि स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om padmanaabha vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य शांति, समृद्धि, धारण-शक्ति लाभ / अर्थ शांति, समृद्धि, धारण-शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#645 पद्मनाभ पद्मनाभ शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय पद्मनाभ, मेरे विष्णु-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विष्णु-समृद्धि स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya padmanaabha, mere vishnu-samriddhi ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शांति, समृद्धि, धारण-शक्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#646 श्रीधर श्रीधर नाम मंत्र सगुण मंत्र नाम मंत्र ॐ श्री श्रीधर नमः क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shreedhara namah उद्देश्य गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ गृह-सौभाग्य, संतुलन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक। जप संख्या एवं नियम दैनिक जप के लिए सरल रूप।
#647 श्रीधर श्रीधर कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री श्रीधर कृपां कुरु नमः क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shreedhara kripaan kuru namah उद्देश्य गृह-सौभाग्य, संतुलन, अनुग्रह लाभ / अर्थ गृह-सौभाग्य, संतुलन में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#648 श्रीधर श्रीधर कार्यसिद्धि मंत्र सगुण मंत्र कार्यसिद्धि ॐ श्री श्रीधर कार्यसिद्धिं देहि नमः क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shreedhara kaaryasiddhin dehi namah उद्देश्य कार्यसिद्धि, गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक। जप संख्या एवं नियम जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।
#649 श्रीधर श्रीधर गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ श्रीधर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shreedhara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ गृह-सौभाग्य, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#650 श्रीधर श्रीधर बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त ॐ ह्रीं श्रीं श्रीधर नमः क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hreen shreen shreedhara namah उद्देश्य गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ गृह-सौभाग्य, संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।
#651 श्रीधर श्रीधर रक्षा मंत्र तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र ॐ श्री श्रीधर रक्ष रक्ष स्वाहा क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri shreedhara raksha raksha svaaha उद्देश्य रक्षा, गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक। जप संख्या एवं नियम रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।
#652 श्रीधर श्रीधर शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय श्रीधर, मेरे लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र लक्ष्मी-विष्णु अनुग्रह स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya shreedhara, mere lakshmee-vishnu anugraha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य गृह-सौभाग्य, संतुलन लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#654 जनार्दन जनार्दन कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री जनार्दन कृपां कुरु नमः क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri janaardana kripaan kuru namah उद्देश्य रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#656 जनार्दन जनार्दन गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ जनार्दन विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om janaardana vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य लाभ / अर्थ रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#659 जनार्दन जनार्दन शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय जनार्दन, मेरे लोक-रक्षक विष्णु का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र लोक-रक्षक विष्णु स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya janaardana, mere loka-rakshaka vishnu ka mangal karo, svaaha उद्देश्य रक्षा, सद्बुद्धि, कर्तव्य लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#661 हृषीकेश हृषीकेश कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री हृषीकेश कृपां कुरु नमः क्षेत्र इंद्रिय-नियमन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri hrisheekesha kripaan kuru namah उद्देश्य संयम, योग, साधना, अनुग्रह लाभ / अर्थ संयम, योग, साधना में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#663 हृषीकेश हृषीकेश गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ हृषीकेश विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र इंद्रिय-नियमन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om hrisheekesha vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य संयम, योग, साधना लाभ / अर्थ संयम, योग, साधना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#666 हृषीकेश हृषीकेश शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय हृषीकेश, मेरे इंद्रिय-नियमन का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र इंद्रिय-नियमन स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya hrisheekesha, mere indriya-niyamana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य संयम, योग, साधना लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#668 पुरुषोत्तम पुरुषोत्तम कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री पुरुषोत्तम कृपां कुरु नमः क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri purushottama kripaan kuru namah उद्देश्य उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ, अनुग्रह लाभ / अर्थ उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#670 पुरुषोत्तम पुरुषोत्तम गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ पुरुषोत्तम विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om purushottama vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ लाभ / अर्थ उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#673 पुरुषोत्तम पुरुषोत्तम शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय पुरुषोत्तम, मेरे श्रेष्ठ पुरुषार्थ का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र श्रेष्ठ पुरुषार्थ स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya purushottama, mere shreshtha purushaartha ka mangal karo, svaaha उद्देश्य उत्कर्ष, नीति, पुरुषार्थ लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#675 वेंकटेश वेंकटेश कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वेंकटेश कृपां कुरु नमः क्षेत्र कल्याणकारी विष्णु स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri venkatesha kripaan kuru namah उद्देश्य समृद्धि, शरण, सौभाग्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ समृद्धि, शरण, सौभाग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#677 वेंकटेश वेंकटेश गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ वेंकटेश विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र कल्याणकारी विष्णु स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om venkatesha vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य समृद्धि, शरण, सौभाग्य लाभ / अर्थ समृद्धि, शरण, सौभाग्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।