होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#575 कामाख्या कामाख्या शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय कामाख्या, मेरे शक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya kaamaakhya, mere shakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#577 कालिका कालिका कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री कालिका कृपां कुरु नमः क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri kaalika kripaan kuru namah उद्देश्य दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता, अनुग्रह लाभ / अर्थ दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#582 कालिका कालिका शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय कालिका, मेरे दुष्प्रभाव शमन का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya kaalika, mere dushprabhaava shamana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#584 अर्धनारीश्वर अर्धनारीश्वर कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अर्धनारीश्वर कृपां कुरु नमः क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri ardhanaareeshvara kripaan kuru namah उद्देश्य संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता, अनुग्रह लाभ / अर्थ संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#586 अर्धनारीश्वर अर्धनारीश्वर गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ अर्धनारीश्वर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om ardhanaareeshvara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता लाभ / अर्थ संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#589 अर्धनारीश्वर अर्धनारीश्वर शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अर्धनारीश्वर, मेरे शिव-शक्ति समरसता का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya ardhanaareeshvara, mere shiva-shakti samarasata ka mangal karo, svaaha उद्देश्य संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#591 बालगोपाल बालगोपाल कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री बालगोपाल कृपां कुरु नमः क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri baalagopaala kripaan kuru namah उद्देश्य ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द, अनुग्रह लाभ / अर्थ ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#593 बालगोपाल बालगोपाल गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ बालगोपाल विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om baalagopaala vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द लाभ / अर्थ ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#596 बालगोपाल बालगोपाल शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय बालगोपाल, मेरे बाल-कृष्ण कृपा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya baalagopaala, mere baala-krishna kripa ka mangal karo, svaaha उद्देश्य ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#598 गोविन्द गोविन्द कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री गोविन्द कृपां कुरु नमः क्षेत्र भक्ति और संरक्षण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri govinda kripaan kuru namah उद्देश्य भक्ति, संरक्षण, करुणा, अनुग्रह लाभ / अर्थ भक्ति, संरक्षण, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#600 गोविन्द गोविन्द गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ गोविन्द विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र भक्ति और संरक्षण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om govinda vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य भक्ति, संरक्षण, करुणा लाभ / अर्थ भक्ति, संरक्षण, करुणा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#603 गोविन्द गोविन्द शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय गोविन्द, मेरे भक्ति और संरक्षण का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र भक्ति और संरक्षण स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya govinda, mere bhakti aur sanrakshana ka mangal karo, svaaha उद्देश्य भक्ति, संरक्षण, करुणा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#605 माधव माधव कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री माधव कृपां कुरु नमः क्षेत्र विष्णु-कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri maadhava kripaan kuru namah उद्देश्य शांति, सौम्यता, संरक्षण, अनुग्रह लाभ / अर्थ शांति, सौम्यता, संरक्षण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#607 माधव माधव गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ माधव विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र विष्णु-कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om maadhava vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य शांति, सौम्यता, संरक्षण लाभ / अर्थ शांति, सौम्यता, संरक्षण से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#610 माधव माधव शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय माधव, मेरे विष्णु-कृपा का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विष्णु-कृपा स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya maadhava, mere vishnu-kripa ka mangal karo, svaaha उद्देश्य शांति, सौम्यता, संरक्षण लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#612 दामोदर दामोदर कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री दामोदर कृपां कुरु नमः क्षेत्र कृष्ण-भक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri daamodara kripaan kuru namah उद्देश्य प्रेम, विनम्रता, भक्ति, अनुग्रह लाभ / अर्थ प्रेम, विनम्रता, भक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#614 दामोदर दामोदर गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ दामोदर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र कृष्ण-भक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om daamodara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य प्रेम, विनम्रता, भक्ति लाभ / अर्थ प्रेम, विनम्रता, भक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#617 दामोदर दामोदर शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय दामोदर, मेरे कृष्ण-भक्ति का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र कृष्ण-भक्ति स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya daamodara, mere krishna-bhakti ka mangal karo, svaaha उद्देश्य प्रेम, विनम्रता, भक्ति लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#619 वासुदेव वासुदेव कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री वासुदेव कृपां कुरु नमः क्षेत्र विष्णु-चेतना स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri vaasudeva kripaan kuru namah उद्देश्य धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा, अनुग्रह लाभ / अर्थ धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#621 वासुदेव वासुदेव गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ वासुदेव विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र विष्णु-चेतना स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om vaasudeva vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा लाभ / अर्थ धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#624 वासुदेव वासुदेव शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय वासुदेव, मेरे विष्णु-चेतना का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र विष्णु-चेतना स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya vaasudeva, mere vishnu-chetanaa ka mangal karo, svaaha उद्देश्य धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।
#626 अच्युत अच्युत कृपा मंत्र सगुण मंत्र कृपा मंत्र ॐ श्री अच्युत कृपां कुरु नमः क्षेत्र अचल विश्वास स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shri achyuta kripaan kuru namah उद्देश्य विश्वास, संरक्षण, धैर्य, अनुग्रह लाभ / अर्थ विश्वास, संरक्षण, धैर्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक। जप संख्या एवं नियम श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।
#628 अच्युत अच्युत गायत्री-रूप मंत्र गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री ॐ अच्युत विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र अचल विश्वास स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om achyuta vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat. उद्देश्य विश्वास, संरक्षण, धैर्य लाभ / अर्थ विश्वास, संरक्षण, धैर्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।
#631 अच्युत अच्युत शाबर-शैली लोकमंत्र शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र जय अच्युत, मेरे अचल विश्वास का मंगल करो, स्वाहा क्षेत्र अचल विश्वास स्रोत संपादकीय विस्तार विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) jaya achyuta, mere achala vishvaasa ka mangal karo, svaaha उद्देश्य विश्वास, संरक्षण, धैर्य लाभ / अर्थ सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक। जप संख्या एवं नियम यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।