सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
02 Aug 2026
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#575 कामाख्या

कामाख्या शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कामाख्या, मेरे शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaamaakhya, mere shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शक्ति, साधना, स्त्री-ऊर्जा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#577 कालिका

कालिका कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री कालिका कृपां कुरु नमः
क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaalika kripaan kuru namah

उद्देश्य

दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#582 कालिका

कालिका शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कालिका, मेरे दुष्प्रभाव शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaalika, mere dushprabhaava shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

दुष्प्रभाव शमन, निर्भयता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#584 अर्धनारीश्वर

अर्धनारीश्वर कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अर्धनारीश्वर कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri ardhanaareeshvara kripaan kuru namah

उद्देश्य

संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#586 अर्धनारीश्वर

अर्धनारीश्वर गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अर्धनारीश्वर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om ardhanaareeshvara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता

लाभ / अर्थ

संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#589 अर्धनारीश्वर

अर्धनारीश्वर शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अर्धनारीश्वर, मेरे शिव-शक्ति समरसता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शिव-शक्ति समरसता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya ardhanaareeshvara, mere shiva-shakti samarasata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

संतुलन, दांपत्य-सौहार्द, आंतरिक एकता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#591 बालगोपाल

बालगोपाल कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री बालगोपाल कृपां कुरु नमः
क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri baalagopaala kripaan kuru namah

उद्देश्य

ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#593 बालगोपाल

बालगोपाल गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बालगोपाल विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om baalagopaala vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द

लाभ / अर्थ

ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#596 बालगोपाल

बालगोपाल शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बालगोपाल, मेरे बाल-कृष्ण कृपा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र बाल-कृष्ण कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya baalagopaala, mere baala-krishna kripa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

ममता, आनंद, परिवार-सौहार्द

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#598 गोविन्द

गोविन्द कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गोविन्द कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भक्ति और संरक्षण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri govinda kripaan kuru namah

उद्देश्य

भक्ति, संरक्षण, करुणा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भक्ति, संरक्षण, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#600 गोविन्द

गोविन्द गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गोविन्द विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र भक्ति और संरक्षण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om govinda vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

भक्ति, संरक्षण, करुणा

लाभ / अर्थ

भक्ति, संरक्षण, करुणा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#603 गोविन्द

गोविन्द शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गोविन्द, मेरे भक्ति और संरक्षण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भक्ति और संरक्षण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya govinda, mere bhakti aur sanrakshana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भक्ति, संरक्षण, करुणा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#605 माधव

माधव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री माधव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विष्णु-कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri maadhava kripaan kuru namah

उद्देश्य

शांति, सौम्यता, संरक्षण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शांति, सौम्यता, संरक्षण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#607 माधव

माधव गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ माधव विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विष्णु-कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om maadhava vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

शांति, सौम्यता, संरक्षण

लाभ / अर्थ

शांति, सौम्यता, संरक्षण से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#610 माधव

माधव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय माधव, मेरे विष्णु-कृपा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विष्णु-कृपा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya maadhava, mere vishnu-kripa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शांति, सौम्यता, संरक्षण

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#612 दामोदर

दामोदर कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री दामोदर कृपां कुरु नमः
क्षेत्र कृष्ण-भक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri daamodara kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्रेम, विनम्रता, भक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्रेम, विनम्रता, भक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#614 दामोदर

दामोदर गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ दामोदर विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र कृष्ण-भक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om daamodara vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

प्रेम, विनम्रता, भक्ति

लाभ / अर्थ

प्रेम, विनम्रता, भक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#617 दामोदर

दामोदर शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय दामोदर, मेरे कृष्ण-भक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र कृष्ण-भक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya daamodara, mere krishna-bhakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रेम, विनम्रता, भक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#619 वासुदेव

वासुदेव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वासुदेव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विष्णु-चेतना
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaasudeva kripaan kuru namah

उद्देश्य

धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#621 वासुदेव

वासुदेव गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ वासुदेव विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विष्णु-चेतना
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om vaasudeva vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा

लाभ / अर्थ

धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#624 वासुदेव

वासुदेव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वासुदेव, मेरे विष्णु-चेतना का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विष्णु-चेतना
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya vaasudeva, mere vishnu-chetanaa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

धर्मबुद्धि, स्थिरता, करुणा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#626 अच्युत

अच्युत कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अच्युत कृपां कुरु नमः
क्षेत्र अचल विश्वास
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri achyuta kripaan kuru namah

उद्देश्य

विश्वास, संरक्षण, धैर्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विश्वास, संरक्षण, धैर्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#628 अच्युत

अच्युत गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अच्युत विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अचल विश्वास
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om achyuta vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

विश्वास, संरक्षण, धैर्य

लाभ / अर्थ

विश्वास, संरक्षण, धैर्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#631 अच्युत

अच्युत शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अच्युत, मेरे अचल विश्वास का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अचल विश्वास
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya achyuta, mere achala vishvaasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विश्वास, संरक्षण, धैर्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।