सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#3 लक्ष्मी

श्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र लक्ष्मी बीज
श्रीं
क्षेत्र समृद्धि, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

shreen

उद्देश्य

धन-संतुलन, सौभाग्य, सकारात्मकता

लाभ / अर्थ

शुक्रवार/दीपक के साथ जप शुभ।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#6 गणेश

गं बीज मंत्र

बीज मंत्र गणेश बीज
गं
क्षेत्र विघ्न-नाश, शुभारंभ
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

gan

उद्देश्य

रुकावटों में कमी, स्पष्टता, मंगल

लाभ / अर्थ

नए कार्य से पहले जप शुभ।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#20 सूर्य

स्रौं बीज मंत्र

बीज मंत्र सूर्य बीज
स्रौं
क्षेत्र तेज, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

sraun

उद्देश्य

ऊर्जा, सक्रियता

लाभ / अर्थ

सूर्योदय के समय।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#24 लक्ष्मी-शक्ति

ह्रीं श्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र संयुक्त श्री-शक्ति बीज
ह्रीं श्रीं
क्षेत्र समृद्धि + शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hreen shreen

उद्देश्य

धन और चित्त दोनों में संतुलन

लाभ / अर्थ

शुक्रवार/शांत मन से।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#37 मित्र-वरुणादि देवता

शं नो मित्रः

वैदिक मंत्र शांति मंत्र
ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो बृहस्पतिः। शं नो विष्णुरुरुक्रमः॥
क्षेत्र शांति, समन्वय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shan no mitrah shan varunah. shan no bhavatvaryama. shan na indro brihaspatih. shan no vishnururukramah.

उद्देश्य

संतुलन, मंगल, सामंजस्य

लाभ / अर्थ

समूह प्रार्थना में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#39 देवता

भद्रं कर्णेभिः

वैदिक मंत्र मंगल प्रार्थना
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥
क्षेत्र सदश्रवण, सद्दर्शन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om bhadran karnebhih shrinuyaama devaah bhadran pashyemaakshabhiryajatraah.

उद्देश्य

मन में शुभ ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

सुबह जप शुभ

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#47 महालक्ष्मी

लक्ष्मी जप

सगुण/बीज-युक्त मंत्र श्री साधना
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
क्षेत्र धन, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shreen mahaalakshmyai namah

उद्देश्य

समृद्धि-भाव, सकारात्मकता

लाभ / अर्थ

शुक्रवार शुभ

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#52 शिव

शिव कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री शिव कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आध्यात्मिक शक्ति, शांति, वैराग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri shiva kripaan kuru namah

उद्देश्य

आध्यात्मिक शक्ति, शांति, वैराग्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आध्यात्मिक शक्ति, शांति, वैराग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#57 शिव

शिव शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शिव, मेरे आध्यात्मिक शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र आध्यात्मिक शक्ति, शांति, वैराग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya shiva, mere aadhyaatmika shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

आध्यात्मिक शक्ति, शांति, वैराग्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#59 पार्वती

पार्वती कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री पार्वती कृपां कुरु नमः
क्षेत्र गृह-सौख्य, सौम्यता, दाम्पत्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri paarvati kripaan kuru namah

उद्देश्य

गृह-सौख्य, सौम्यता, दाम्पत्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

गृह-सौख्य, सौम्यता, दाम्पत्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#64 पार्वती

पार्वती शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय पार्वती, मेरे गृह-सौख्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र गृह-सौख्य, सौम्यता, दाम्पत्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya paarvati, mere griha-saukhya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

गृह-सौख्य, सौम्यता, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#66 दुर्गा

दुर्गा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री दुर्गा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र रक्षा, साहस, नकारात्मकता से मुक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri durga kripaan kuru namah

उद्देश्य

रक्षा, साहस, नकारात्मकता से मुक्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

रक्षा, साहस, नकारात्मकता से मुक्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#71 दुर्गा

दुर्गा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय दुर्गा, मेरे रक्षा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा, साहस, नकारात्मकता से मुक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya durga, mere raksha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, साहस, नकारात्मकता से मुक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#73 काली

काली कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री काली कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भय नाश, आंतरिक शक्ति, संकट-विनाश
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaali kripaan kuru namah

उद्देश्य

भय नाश, आंतरिक शक्ति, संकट-विनाश, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय नाश, आंतरिक शक्ति, संकट-विनाश में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#78 काली

काली शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय काली, मेरे भय नाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भय नाश, आंतरिक शक्ति, संकट-विनाश
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaali, mere bhay naasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

भय नाश, आंतरिक शक्ति, संकट-विनाश

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#80 लक्ष्मी

लक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री लक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धन, समृद्धि, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri lakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

धन, समृद्धि, सौभाग्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धन, समृद्धि, सौभाग्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#85 लक्ष्मी

लक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय लक्ष्मी, मेरे धन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धन, समृद्धि, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya lakshmi, mere dhan ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

धन, समृद्धि, सौभाग्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#87 सरस्वती

सरस्वती कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सरस्वती कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विद्या, वाणी, बुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri sarasvati kripaan kuru namah

उद्देश्य

विद्या, वाणी, बुद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विद्या, वाणी, बुद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#92 सरस्वती

सरस्वती शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सरस्वती, मेरे विद्या का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विद्या, वाणी, बुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya sarasvati, mere vidya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विद्या, वाणी, बुद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#94 गणेश

गणेश कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गणेश कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विघ्न-नाश, शुभारंभ, कार्यसिद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri ganesha kripaan kuru namah

उद्देश्य

विघ्न-नाश, शुभारंभ, कार्यसिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विघ्न-नाश, शुभारंभ, कार्यसिद्धि में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#99 गणेश

गणेश शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गणेश, मेरे विघ्न-नाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र विघ्न-नाश, शुभारंभ, कार्यसिद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya ganesha, mere vighna-naasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

विघ्न-नाश, शुभारंभ, कार्यसिद्धि

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#101 हनुमान

हनुमान कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री हनुमान कृपां कुरु नमः
क्षेत्र साहस, रक्षा, भक्ति, बल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri hanuman kripaan kuru namah

उद्देश्य

साहस, रक्षा, भक्ति, बल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

साहस, रक्षा, भक्ति, बल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#106 हनुमान

हनुमान शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय हनुमान, मेरे साहस का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र साहस, रक्षा, भक्ति, बल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya hanuman, mere saahasa ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

साहस, रक्षा, भक्ति, बल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#108 राम

राम कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री राम कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धर्म, मर्यादा, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri raama kripaan kuru namah

उद्देश्य

धर्म, मर्यादा, मनःशांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

धर्म, मर्यादा, मनःशांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।