सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
30 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#196 शुक्र

शुक्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शुक्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shukra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#198 शनि

शनि नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री शनि नमः
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shani namah

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#201 शनि

शनि गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शनि विद्महे दिव्यतेज धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shani vidmahe divyateja dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#202 शनि

शनि बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं शनि नमः
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shani namah

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#203 शनि

शनि रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शनि रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shani raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#205 राहु

राहु नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री राहु नमः
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri raahu namah

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#208 राहु

राहु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ राहु विद्महे भक्तवत्सल धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om raahu vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#209 राहु

राहु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं राहु नमः
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen raahu namah

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#210 राहु

राहु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री राहु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri raahu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#212 केतु

केतु नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री केतु नमः
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu namah

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#215 केतु

केतु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ केतु विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om ketu vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#216 केतु

केतु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं केतु नमः
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen ketu namah

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#217 केतु

केतु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री केतु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#219 कार्तिकेय

कार्तिकेय नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#222 कार्तिकेय

कार्तिकेय गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कार्तिकेय विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om kaartikeya vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#223 कार्तिकेय

कार्तिकेय बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#224 कार्तिकेय

कार्तिकेय रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कार्तिकेय रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#226 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री अन्नपूर्णा नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#227 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री अन्नपूर्णा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna kripaan kuru namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#228 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री अन्नपूर्णा कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#229 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अन्नपूर्णा विद्महे शक्तिरूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om annapoorna vidmahe shaktiroopa dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#230 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं अन्नपूर्णा नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen annapoorna namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#231 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री अन्नपूर्णा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#232 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अन्नपूर्णा, मेरे अन्न-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya annapoorna, mere anna-samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।