सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
30 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#218 केतु

केतु शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय केतु, मेरे वैराग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya ketu, mere vairaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#219 कार्तिकेय

कार्तिकेय नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#222 कार्तिकेय

कार्तिकेय गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कार्तिकेय विद्महे शुभप्रद धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om kaartikeya vidmahe shubhaprada dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#223 कार्तिकेय

कार्तिकेय बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं कार्तिकेय नमः
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen kaartikeya namah

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

वीर्य, साहस, नेतृत्व के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#224 कार्तिकेय

कार्तिकेय रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कार्तिकेय रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaartikeya raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#225 कार्तिकेय

कार्तिकेय शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कार्तिकेय, मेरे वीर्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र वीर्य, साहस, नेतृत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaartikeya, mere veerya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

वीर्य, साहस, नेतृत्व

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#226 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री अन्नपूर्णा नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#229 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ अन्नपूर्णा विद्महे शक्तिरूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om annapoorna vidmahe shaktiroopa dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#230 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं अन्नपूर्णा नमः
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen annapoorna namah

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#231 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री अन्नपूर्णा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri annapoorna raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#232 अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय अन्नपूर्णा, मेरे अन्न-समृद्धि का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya annapoorna, mere anna-samriddhi ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

अन्न-समृद्धि, पोषण, तृप्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#233 गायत्री

गायत्री नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री गायत्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#236 गायत्री

गायत्री गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गायत्री विद्महे भक्तवत्सला धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om gaayatri vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#237 गायत्री

गायत्री बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं गायत्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen gaayatri namah

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रकाश, बुद्धि, चेतना के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#238 गायत्री

गायत्री रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री गायत्री रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gaayatri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#239 गायत्री

गायत्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गायत्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, बुद्धि, चेतना
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya gaayatri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकाश, बुद्धि, चेतना

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#240 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari namah

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#243 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ त्रिपुर सुंदरी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om tripura sundari vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#244 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरी नमः
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen tripura sundari namah

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#245 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री त्रिपुर सुंदरी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tripura sundari raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#246 त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुर सुंदरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय त्रिपुर सुंदरी, मेरे सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya tripura sundari, mere saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौभाग्य, सौंदर्य, चैतन्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#247 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री भुवनेश्वरी नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#248 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री भुवनेश्वरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari kripaan kuru namah

उद्देश्य

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#249 भुवनेश्वरी

भुवनेश्वरी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री भुवनेश्वरी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhuvaneshvari kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, आत्मविश्वास, विस्तार, संरक्षण

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।