सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#184 बृहस्पति

बृहस्पति नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री बृहस्पति नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati namah

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#187 बृहस्पति

बृहस्पति गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बृहस्पति विद्महे रक्षाकारक धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om brihaspati vidmahe rakshaakaaraka dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#188 बृहस्पति

बृहस्पति बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं बृहस्पति नमः
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen brihaspati namah

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#189 बृहस्पति

बृहस्पति रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बृहस्पति रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brihaspati raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#190 बृहस्पति

बृहस्पति शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बृहस्पति, मेरे ज्ञान का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya brihaspati, mere jnyaana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

ज्ञान, गुरु-कृपा, विवाह-सौख्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#191 शुक्र

शुक्र नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री शुक्र नमः
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shukra namah

उद्देश्य

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#194 शुक्र

शुक्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शुक्र विद्महे ज्ञानरूप धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shukra vidmahe jnyaanaroopa dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#195 शुक्र

शुक्र बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं शुक्र नमः
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shukra namah

उद्देश्य

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#196 शुक्र

शुक्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शुक्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shukra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#197 शुक्र

शुक्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शुक्र, मेरे सौंदर्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya shukra, mere saundarya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौंदर्य, सुख, दाम्पत्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#198 शनि

शनि नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री शनि नमः
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shani namah

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#201 शनि

शनि गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ शनि विद्महे दिव्यतेज धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shani vidmahe divyateja dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#202 शनि

शनि बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं शनि नमः
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shani namah

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#203 शनि

शनि रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री शनि रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri shani raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#204 शनि

शनि शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय शनि, मेरे कर्म-संतुलन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya shani, mere karma-santulana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

कर्म-संतुलन, धैर्य, न्याय

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#205 राहु

राहु नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री राहु नमः
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri raahu namah

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#208 राहु

राहु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ राहु विद्महे भक्तवत्सल धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om raahu vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#209 राहु

राहु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं राहु नमः
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen raahu namah

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#210 राहु

राहु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री राहु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri raahu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#211 राहु

राहु शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय राहु, मेरे अनपेक्षित बाधा-शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya raahu, mere anapekshita baadhaa-shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

अनपेक्षित बाधा-शमन, मनोबल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#212 केतु

केतु नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री केतु नमः
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu namah

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#215 केतु

केतु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ केतु विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om ketu vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#216 केतु

केतु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं केतु नमः
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen ketu namah

उद्देश्य

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#217 केतु

केतु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री केतु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri ketu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, वैराग्य, आध्यात्मिकता, मोक्षभाव

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।