सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
05 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

🔍
875 मंत्र मिले • भक्ति-शांति सभी फ़िल्टर साफ़ करें
#938 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री ब्रह्मचारिणी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri brahmachaarini raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, एकाग्रता, अनुशासन, तप

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#939 ब्रह्मचारिणी

ब्रह्मचारिणी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय ब्रह्मचारिणी, मेरे तप और एकाग्रता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र तप और एकाग्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya brahmachaarini, mere tapa aur ekaagrata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

एकाग्रता, अनुशासन, तप

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#940 कूष्मांडा

कूष्मांडा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री कूष्मांडा नमः
क्षेत्र ऊर्जा और प्रसन्नता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kooshmaanda namah

उद्देश्य

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#943 कूष्मांडा

कूष्मांडा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कूष्मांडा विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र ऊर्जा और प्रसन्नता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kooshmaanda vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#944 कूष्मांडा

कूष्मांडा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं कूष्मांडा नमः
क्षेत्र ऊर्जा और प्रसन्नता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen kooshmaanda namah

उद्देश्य

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#945 कूष्मांडा

कूष्मांडा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कूष्मांडा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र ऊर्जा और प्रसन्नता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kooshmaanda raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#946 कूष्मांडा

कूष्मांडा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कूष्मांडा, मेरे ऊर्जा और प्रसन्नता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र ऊर्जा और प्रसन्नता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kooshmaanda, mere oorja aur prasannata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

उत्साह, सृजन, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#947 स्कन्दमाता

स्कन्दमाता नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री स्कन्दमाता नमः
क्षेत्र मातृत्व और संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri skandamaata namah

उद्देश्य

ममता, परिवार, कृपा

लाभ / अर्थ

ममता, परिवार, कृपा की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#950 स्कन्दमाता

स्कन्दमाता गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ स्कन्दमाता विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र मातृत्व और संरक्षण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om skandamaata vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

ममता, परिवार, कृपा

लाभ / अर्थ

ममता, परिवार, कृपा से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#951 स्कन्दमाता

स्कन्दमाता बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं स्कन्दमाता नमः
क्षेत्र मातृत्व और संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen skandamaata namah

उद्देश्य

ममता, परिवार, कृपा

लाभ / अर्थ

ममता, परिवार, कृपा के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#952 स्कन्दमाता

स्कन्दमाता रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री स्कन्दमाता रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र मातृत्व और संरक्षण
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri skandamaata raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, ममता, परिवार, कृपा

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#953 स्कन्दमाता

स्कन्दमाता शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय स्कन्दमाता, मेरे मातृत्व और संरक्षण का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र मातृत्व और संरक्षण
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya skandamaata, mere maatritva aur sanrakshana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

ममता, परिवार, कृपा

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#954 कालरात्रि

कालरात्रि नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री कालरात्रि नमः
क्षेत्र भय-शमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaalaraatri namah

उद्देश्य

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति

लाभ / अर्थ

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#957 कालरात्रि

कालरात्रि गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ कालरात्रि विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र भय-शमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om kaalaraatri vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति

लाभ / अर्थ

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#958 कालरात्रि

कालरात्रि बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं कालरात्रि नमः
क्षेत्र भय-शमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen kaalaraatri namah

उद्देश्य

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति

लाभ / अर्थ

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#959 कालरात्रि

कालरात्रि रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री कालरात्रि रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र भय-शमन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri kaalaraatri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#960 कालरात्रि

कालरात्रि शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय कालरात्रि, मेरे भय-शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र भय-शमन
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya kaalaraatri, mere bhay-shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

निर्भयता, सुरक्षा, शक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#961 नवदुर्गा

नवदुर्गा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री नवदुर्गा नमः
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri navadurga namah

उद्देश्य

रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

रक्षा, विजय, संतुलन की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#964 नवदुर्गा

नवदुर्गा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ नवदुर्गा विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om navadurga vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

रक्षा, विजय, संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#965 नवदुर्गा

नवदुर्गा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं नवदुर्गा नमः
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen navadurga namah

उद्देश्य

रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

रक्षा, विजय, संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#966 नवदुर्गा

नवदुर्गा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री नवदुर्गा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri navadurga raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#967 नवदुर्गा

नवदुर्गा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय नवदुर्गा, मेरे सर्वांगीण शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सर्वांगीण शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya navadurga, mere sarvaangeena shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

रक्षा, विजय, संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#968 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री सूर्यनारायण नमः
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri sooryanaaraayana namah

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#971 सूर्यनारायण

सूर्यनारायण गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सूर्यनारायण विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रकाश और आरोग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om sooryanaaraayana vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज

लाभ / अर्थ

ऊर्जा, स्वास्थ्य, तेज से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।