सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
04 Aug 2026
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वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#852 सौभाग्यलक्ष्मी

सौभाग्यलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सौभाग्यलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सौभाग्य और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om saubhaagyalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

गृह-सौख्य, भाग्य

लाभ / अर्थ

गृह-सौख्य, भाग्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#853 सौभाग्यलक्ष्मी

सौभाग्यलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं सौभाग्यलक्ष्मी नमः
क्षेत्र सौभाग्य और मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen saubhaagyalakshmi namah

उद्देश्य

गृह-सौख्य, भाग्य

लाभ / अर्थ

गृह-सौख्य, भाग्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#854 सौभाग्यलक्ष्मी

सौभाग्यलक्ष्मी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सौभाग्यलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य और मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri saubhaagyalakshmi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, गृह-सौख्य, भाग्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#855 सौभाग्यलक्ष्मी

सौभाग्यलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सौभाग्यलक्ष्मी, मेरे सौभाग्य और मंगल का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सौभाग्य और मंगल
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya saubhaagyalakshmi, mere saubhaagya aur mangal ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

गृह-सौख्य, भाग्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#856 भद्रकाली

भद्रकाली नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री भद्रकाली नमः
क्षेत्र रक्षा और निर्भयता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhadrakaali namah

उद्देश्य

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति

लाभ / अर्थ

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#859 भद्रकाली

भद्रकाली गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ भद्रकाली विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र रक्षा और निर्भयता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om bhadrakaali vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति

लाभ / अर्थ

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#860 भद्रकाली

भद्रकाली बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं भद्रकाली नमः
क्षेत्र रक्षा और निर्भयता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen bhadrakaali namah

उद्देश्य

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति

लाभ / अर्थ

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#861 भद्रकाली

भद्रकाली रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री भद्रकाली रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र रक्षा और निर्भयता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhadrakaali raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#862 भद्रकाली

भद्रकाली शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय भद्रकाली, मेरे रक्षा और निर्भयता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र रक्षा और निर्भयता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya bhadrakaali, mere raksha aur nirbhayata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सुरक्षा, निर्भयता, शक्ति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#863 गौरी

गौरी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री गौरी नमः
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gauri namah

उद्देश्य

शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

शुद्धता, दांपत्य, शांति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#864 गौरी

गौरी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गौरी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri gauri kripaan kuru namah

उद्देश्य

शुद्धता, दांपत्य, शांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शुद्धता, दांपत्य, शांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#865 गौरी

गौरी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री गौरी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri gauri kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#866 गौरी

गौरी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गौरी विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om gauri vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

शुद्धता, दांपत्य, शांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#867 गौरी

गौरी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं गौरी नमः
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen gauri namah

उद्देश्य

शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

शुद्धता, दांपत्य, शांति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#868 गौरी

गौरी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री गौरी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gauri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#869 गौरी

गौरी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गौरी, मेरे मंगल और पवित्रता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र मंगल और पवित्रता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya gauri, mere mangal aur pavitrata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शुद्धता, दांपत्य, शांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#870 उमा

उमा नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री उमा नमः
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri uma namah

उद्देश्य

सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

सौम्यता, भक्ति, प्रेम की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#871 उमा

उमा कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री उमा कृपां कुरु नमः
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri uma kripaan kuru namah

उद्देश्य

सौम्यता, भक्ति, प्रेम, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सौम्यता, भक्ति, प्रेम में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#872 उमा

उमा कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री उमा कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri uma kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#873 उमा

उमा गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ उमा विद्महे करुणामयी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om uma vidmahe karunaamayi dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

सौम्यता, भक्ति, प्रेम से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#874 उमा

उमा बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं उमा नमः
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen uma namah

उद्देश्य

सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

सौम्यता, भक्ति, प्रेम के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#875 उमा

उमा रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री उमा रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri uma raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#876 उमा

उमा शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय उमा, मेरे कोमल शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र कोमल शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya uma, mere komala shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

सौम्यता, भक्ति, प्रेम

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#877 भवानी

भवानी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री भवानी नमः
क्षेत्र मातृ-रक्षा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri bhavaani namah

उद्देश्य

रक्षा, साहस, करुणा

लाभ / अर्थ

रक्षा, साहस, करुणा की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।