सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
01 Aug 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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#494 इन्द्र

इन्द्र कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री इन्द्र कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#495 इन्द्र

इन्द्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ इन्द्र विद्महे दिव्यतेज धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om indra vidmahe divyateja dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#496 इन्द्र

इन्द्र बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं इन्द्र नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen indra namah

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#497 इन्द्र

इन्द्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री इन्द्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#498 इन्द्र

इन्द्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय इन्द्र, मेरे बल का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya indra, mere bala ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#499 सोम

सोम नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री सोम नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#500 सोम

सोम कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सोम कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma kripaan kuru namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#501 सोम

सोम कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री सोम कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#502 सोम

सोम गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सोम विद्महे भक्तवत्सल धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om soma vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#503 सोम

सोम बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं सोम नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen soma namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#504 सोम

सोम रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सोम रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#505 सोम

सोम शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सोम, मेरे शीतलता का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya soma, mere sheetalata ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#506 रुद्र

रुद्र नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री रुद्र नमः
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri rudra namah

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

उग्रता का शमन, रक्षा, तप की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#509 रुद्र

रुद्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ रुद्र विद्महे करुणामय धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om rudra vidmahe karunaamaya dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

उग्रता का शमन, रक्षा, तप से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#510 रुद्र

रुद्र बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं रुद्र नमः
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen rudra namah

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

उग्रता का शमन, रक्षा, तप के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#511 रुद्र

रुद्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री रुद्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri rudra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#512 रुद्र

रुद्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय रुद्र, मेरे उग्रता का शमन का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र उग्रता का शमन, रक्षा, तप
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya rudra, mere ugrata ka shamana ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

उग्रता का शमन, रक्षा, तप

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#513 सावित्री

सावित्री नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री सावित्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri saavitri namah

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#516 सावित्री

सावित्री गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सावित्री विद्महे विद्यारूपा धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om saavitri vidmahe vidyaaroopa dheemahi tanno devi prachodayaat.

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#517 सावित्री

सावित्री बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं सावित्री नमः
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen saavitri namah

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#518 सावित्री

सावित्री रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सावित्री रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri saavitri raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#519 सावित्री

सावित्री शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सावित्री, मेरे प्रकाश का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya saavitri, mere prakaasha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्रकाश, प्राणशक्ति, विवेक

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#520 तुलसी

तुलसी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री तुलसी नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi namah

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#521 तुलसी

तुलसी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री तुलसी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri tulasi kripaan kuru namah

उद्देश्य

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भक्ति, शुद्धता, गृह-मंगल में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।