सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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875 मंत्र मिले • भक्ति-शांति सभी फ़िल्टर साफ़ करें
#1 परब्रह्म

ॐ बीज मंत्र

बीज मंत्र प्रणव
क्षेत्र सर्वव्यापक चेतना
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

om

उद्देश्य

ध्यान, एकाग्रता

लाभ / अर्थ

मन को स्थिर करने और जप की शुरुआत में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

108 बार • प्रातः/संध्या 108 जप उपयुक्त।

#2 महाशक्ति

ह्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र माया बीज
ह्रीं
क्षेत्र शक्ति, शुद्धि
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

hreen

उद्देश्य

आंतरिक शुद्धि, भक्ति, ऊर्जा संतुलन

लाभ / अर्थ

हृदय-केंद्रित साधना में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

मृदु जप और ध्यान के साथ करें।

#4 कृष्ण/कामदेव-तत्त्व

क्लीं बीज मंत्र

बीज मंत्र काम बीज
क्लीं
क्षेत्र माधुर्य, आकर्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

kleen

उद्देश्य

सौम्यता, संबंधों में मधुरता

लाभ / अर्थ

सद्भावपूर्ण और नैतिक उद्देश्य से ही जप करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#8 दुर्गा

दुं बीज मंत्र

बीज मंत्र दुर्गा बीज
दुं
क्षेत्र रक्षा, साहस
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

dun

उद्देश्य

भय में कमी, आत्मबल

लाभ / अर्थ

दुर्गा उपासना में जप।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#12 रक्षात्मक तत्त्व

फट् बीज मंत्र

बीज मंत्र अस्त्र बीज
फट्
क्षेत्र रक्षा, विच्छेद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

phat

उद्देश्य

नकारात्मकता से दूरी की भावना

लाभ / अर्थ

स्वतंत्र साधना से पहले परंपरा समझें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#13 अग्नि

स्वाहा बीज मंत्र

बीज मंत्र अग्नि समर्पण
स्वाहा
क्षेत्र समर्पण, यज्ञ-भाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

svaaha

उद्देश्य

त्याग, शुद्धि, आंतरिक अर्पण

लाभ / अर्थ

हवन/अंतर्मन समर्पण में।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#14 वायु

यं बीज मंत्र

बीज मंत्र वायु बीज
यं
क्षेत्र प्राण, गति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

yan

उद्देश्य

हल्कापन, श्वास-स्मृति

लाभ / अर्थ

प्राणायाम के साथ संयोजित करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#15 अग्नि

रं बीज मंत्र

बीज मंत्र अग्नि बीज
रं
क्षेत्र ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

ran

उद्देश्य

उत्साह, प्रेरणा

लाभ / अर्थ

अति-उग्र जप न करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#16 पृथ्वी

लं बीज मंत्र

बीज मंत्र पृथ्वी बीज
लं
क्षेत्र स्थिरता, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

lan

उद्देश्य

ग्राउंडिंग, धैर्य

लाभ / अर्थ

सुबह ध्यान में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#17 जल-तत्त्व

वं बीज मंत्र

बीज मंत्र जल बीज
वं
क्षेत्र शीतलता, प्रवाह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

van

उद्देश्य

मन में कोमलता

लाभ / अर्थ

ध्यान/शांत जप में।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#18 आकाश-तत्त्व

हं बीज मंत्र

बीज मंत्र आकाश बीज
हं
क्षेत्र विस्तार, शून्यता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

han

उद्देश्य

ध्यान की गहराई

लाभ / अर्थ

श्वास-ध्यान संग।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#21 रुद्र

ह्रौं बीज मंत्र

बीज मंत्र रुद्र बीज
ह्रौं
क्षेत्र तेज, तप, शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hraun

उद्देश्य

दृढ़ता, आंतरिक बल

लाभ / अर्थ

शांत मन से जप।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#22 कृष्ण-तत्त्व

क्लौं बीज मंत्र

बीज मंत्र कृष्ण-तत्त्व बीज
क्लौं
क्षेत्र माधुर्य, प्रेम
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

klaun

उद्देश्य

हृदय-ऊर्जा जागरण

लाभ / अर्थ

सद्भावपूर्ण भावना रखें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#26 परमात्म-तत्त्व

सोऽहम् मंत्र

निर्गुण मंत्र आत्मचिंतन
सोऽहम्
क्षेत्र स्व-स्वरूप स्मरण
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

so'ham

उद्देश्य

ध्यान, श्वास-जागरूकता

लाभ / अर्थ

अहम् और परमात्म-एकता का चिंतन

जप संख्या एवं नियम

श्वास के साथ मानसिक जप करें।

#27 परमात्म-तत्त्व

हंसः मंत्र

निर्गुण मंत्र प्राण-जप
हंसः
क्षेत्र श्वास और चेतना
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

hansah

उद्देश्य

आत्मिक शांति, एकाग्रता

लाभ / अर्थ

सूक्ष्म ध्यान में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

मानसिक जप उत्तम।

#28 निर्गुण शिव

शिवोऽहम् मंत्र

निर्गुण मंत्र अद्वैत स्मरण
शिवोऽहम्
क्षेत्र चैतन्य, अद्वैत
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

shivo'ham

उद्देश्य

आत्मबल, असंगता, शांति

लाभ / अर्थ

अद्वैत भावना को पुष्ट करता है

जप संख्या एवं नियम

ध्यान में धीमे जप करें।

#29 उपनिषद्-तत्त्व

अहं ब्रह्मास्मि स्मरण

निर्गुण मंत्र महावाक्य
अहं ब्रह्मास्मि
क्षेत्र आत्मबोध
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

ahan brahmaasmi

उद्देश्य

स्व-चेतना, विवेक, वैराग्य

लाभ / अर्थ

महावाक्य-चिंतन हेतु

जप संख्या एवं नियम

अध्ययन/ध्यान के साथ।

#30 उपनिषद्-तत्त्व

तत्त्वमसि स्मरण

निर्गुण मंत्र महावाक्य
तत्त्वमसि
क्षेत्र अद्वैत
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

tattvamasi

उद्देश्य

अहंकार शमन, आत्मचिंतन

लाभ / अर्थ

अद्वैत वेदांत चिंतन में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

गंभीर अध्ययन के साथ।

#31 परब्रह्म

पूर्णमदः शांति मंत्र

वैदिक मंत्र उपनिषद् शांति
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥
क्षेत्र पूर्णता, समत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om poornamadah poornamidan poornaatpoornamudachyate. poornasya poornamaadaaya poornamevaavashishyate.

उद्देश्य

धैर्य, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

अध्ययन/सत्र के आरंभ-समापन में उत्तम

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#33 गुरु-शिष्य परंपरा

सह नाववतु

वैदिक मंत्र शांति मंत्र
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सहवीर्यं करवावहै। तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥
क्षेत्र अध्ययन, सामंजस्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om saha naavavatu. saha nau bhunaktu. sahaveeryan karavaavahai. tejasvinaavadheetamastu maa vidvishaavahai.

उद्देश्य

सहयोग, अध्ययन-ऊर्जा

लाभ / अर्थ

समूह अध्ययन के लिए उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#34 सर्वदेव

सर्वे भवन्तु सुखिनः

वैदिक/शांति मंत्र लोककल्याण
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
क्षेत्र कल्याण, करुणा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

sarve bhavantu sukhinah sarve santu niraamayaah. sarve bhadraani pashyantu maa kashchidduhkhabhaagbhavet.

उद्देश्य

सकारात्मकता, शुभकामना

लाभ / अर्थ

दैनिक प्रार्थना में उपयुक्त

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#35 मृत्युंजय शिव

त्र्यम्बकं महामृत्युंजय मंत्र

वैदिक मंत्र आरोग्य मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
क्षेत्र आरोग्य, आयु, भय-शमन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om tryambakan yajaamahe sugandhin pushtivardhanam. urvaarukamiva bandhanaanmrityormuksheeya maa'mritaat.

उद्देश्य

स्वास्थ्य, मानसिक बल

लाभ / अर्थ

संकट और आरोग्य साधना में लोकप्रिय

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#37 मित्र-वरुणादि देवता

शं नो मित्रः

वैदिक मंत्र शांति मंत्र
ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो बृहस्पतिः। शं नो विष्णुरुरुक्रमः॥
क्षेत्र शांति, समन्वय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shan no mitrah shan varunah. shan no bhavatvaryama. shan na indro brihaspatih. shan no vishnururukramah.

उद्देश्य

संतुलन, मंगल, सामंजस्य

लाभ / अर्थ

समूह प्रार्थना में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#38 ब्रह्म-चिंतन

आप्यायन्तु ममाङ्गानि

वैदिक मंत्र उपनिषद् प्रार्थना
ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि॥
क्षेत्र इन्द्रिय-संतुलन, अध्ययन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om aapyaayantu mamaanggaani vaakpraanashchakshuh shrotramatho balamindriyaani cha sarvaani.

उद्देश्य

स्वाध्याय, ध्यान, स्मरण

लाभ / अर्थ

अध्ययन से पहले उत्तम

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत