सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

🔍
1100 मंत्र मिले
#1 परब्रह्म

ॐ बीज मंत्र

बीज मंत्र प्रणव
क्षेत्र सर्वव्यापक चेतना
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

om

उद्देश्य

ध्यान, एकाग्रता

लाभ / अर्थ

मन को स्थिर करने और जप की शुरुआत में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

108 बार • प्रातः/संध्या 108 जप उपयुक्त।

#2 महाशक्ति

ह्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र माया बीज
ह्रीं
क्षेत्र शक्ति, शुद्धि
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

hreen

उद्देश्य

आंतरिक शुद्धि, भक्ति, ऊर्जा संतुलन

लाभ / अर्थ

हृदय-केंद्रित साधना में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

मृदु जप और ध्यान के साथ करें।

#3 लक्ष्मी

श्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र लक्ष्मी बीज
श्रीं
क्षेत्र समृद्धि, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

shreen

उद्देश्य

धन-संतुलन, सौभाग्य, सकारात्मकता

लाभ / अर्थ

शुक्रवार/दीपक के साथ जप शुभ।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#4 कृष्ण/कामदेव-तत्त्व

क्लीं बीज मंत्र

बीज मंत्र काम बीज
क्लीं
क्षेत्र माधुर्य, आकर्षण
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

kleen

उद्देश्य

सौम्यता, संबंधों में मधुरता

लाभ / अर्थ

सद्भावपूर्ण और नैतिक उद्देश्य से ही जप करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#5 सरस्वती

ऐं बीज मंत्र

बीज मंत्र विद्या बीज
ऐं
क्षेत्र विद्या, वाणी
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

ain

उद्देश्य

एकाग्रता, अध्ययन, अभिव्यक्ति

लाभ / अर्थ

पढ़ाई से पहले जप उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#6 गणेश

गं बीज मंत्र

बीज मंत्र गणेश बीज
गं
क्षेत्र विघ्न-नाश, शुभारंभ
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

gan

उद्देश्य

रुकावटों में कमी, स्पष्टता, मंगल

लाभ / अर्थ

नए कार्य से पहले जप शुभ।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#7 महागणपति

ग्लौं बीज मंत्र

बीज मंत्र महागणपति बीज
ग्लौं
क्षेत्र बाधा-शमन, शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

glaun

उद्देश्य

कठिन कार्यों में सहायक भावना

लाभ / अर्थ

परंपरा अनुसार जप करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#8 दुर्गा

दुं बीज मंत्र

बीज मंत्र दुर्गा बीज
दुं
क्षेत्र रक्षा, साहस
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

dun

उद्देश्य

भय में कमी, आत्मबल

लाभ / अर्थ

दुर्गा उपासना में जप।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#9 दुर्गा

दूं बीज मंत्र

बीज मंत्र दुर्गा बीज (भेद)
दूं
क्षेत्र शक्ति, रक्षा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

doon

उद्देश्य

नकारात्मकता-शमन की भावना

लाभ / अर्थ

भेद परंपरा अनुसार अलग हो सकता है।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#10 काली

क्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र काली बीज
क्रीं
क्षेत्र निर्भयता, उग्र शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

kreen

उद्देश्य

भय-शमन, आंतरिक शक्ति

लाभ / अर्थ

गुरु-मार्गदर्शन में बेहतर।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#11 रुद्र/भैरव-तत्त्व

हूं बीज मंत्र

बीज मंत्र रक्षा बीज
हूं
क्षेत्र रक्षा, तेज
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hoon

उद्देश्य

मानसिक दृढ़ता, संरक्षण-भाव

लाभ / अर्थ

अल्प जप से प्रारंभ करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#12 रक्षात्मक तत्त्व

फट् बीज मंत्र

बीज मंत्र अस्त्र बीज
फट्
क्षेत्र रक्षा, विच्छेद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

phat

उद्देश्य

नकारात्मकता से दूरी की भावना

लाभ / अर्थ

स्वतंत्र साधना से पहले परंपरा समझें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#13 अग्नि

स्वाहा बीज मंत्र

बीज मंत्र अग्नि समर्पण
स्वाहा
क्षेत्र समर्पण, यज्ञ-भाव
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

svaaha

उद्देश्य

त्याग, शुद्धि, आंतरिक अर्पण

लाभ / अर्थ

हवन/अंतर्मन समर्पण में।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#14 वायु

यं बीज मंत्र

बीज मंत्र वायु बीज
यं
क्षेत्र प्राण, गति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

yan

उद्देश्य

हल्कापन, श्वास-स्मृति

लाभ / अर्थ

प्राणायाम के साथ संयोजित करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#15 अग्नि

रं बीज मंत्र

बीज मंत्र अग्नि बीज
रं
क्षेत्र ऊर्जा, संकल्प
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

ran

उद्देश्य

उत्साह, प्रेरणा

लाभ / अर्थ

अति-उग्र जप न करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#16 पृथ्वी

लं बीज मंत्र

बीज मंत्र पृथ्वी बीज
लं
क्षेत्र स्थिरता, आधार
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

lan

उद्देश्य

ग्राउंडिंग, धैर्य

लाभ / अर्थ

सुबह ध्यान में उपयोगी।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#17 जल-तत्त्व

वं बीज मंत्र

बीज मंत्र जल बीज
वं
क्षेत्र शीतलता, प्रवाह
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

van

उद्देश्य

मन में कोमलता

लाभ / अर्थ

ध्यान/शांत जप में।

जप संख्या एवं नियम

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#18 आकाश-तत्त्व

हं बीज मंत्र

बीज मंत्र आकाश बीज
हं
क्षेत्र विस्तार, शून्यता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

han

उद्देश्य

ध्यान की गहराई

लाभ / अर्थ

श्वास-ध्यान संग।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#19 नृसिंह

क्षौं बीज मंत्र

बीज मंत्र नृसिंह बीज
क्षौं
क्षेत्र रक्षा, भय-शमन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

kshaun

उद्देश्य

हृदय में साहस

लाभ / अर्थ

गुरु-परंपरा अनुसार।

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#20 सूर्य

स्रौं बीज मंत्र

बीज मंत्र सूर्य बीज
स्रौं
क्षेत्र तेज, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

sraun

उद्देश्य

ऊर्जा, सक्रियता

लाभ / अर्थ

सूर्योदय के समय।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#21 रुद्र

ह्रौं बीज मंत्र

बीज मंत्र रुद्र बीज
ह्रौं
क्षेत्र तेज, तप, शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hraun

उद्देश्य

दृढ़ता, आंतरिक बल

लाभ / अर्थ

शांत मन से जप।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#22 कृष्ण-तत्त्व

क्लौं बीज मंत्र

बीज मंत्र कृष्ण-तत्त्व बीज
क्लौं
क्षेत्र माधुर्य, प्रेम
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

klaun

उद्देश्य

हृदय-ऊर्जा जागरण

लाभ / अर्थ

सद्भावपूर्ण भावना रखें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#23 विद्या-तत्त्व

धीं बीज मंत्र

बीज मंत्र बुद्धि बीज
धीं
क्षेत्र विवेक, अध्ययन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

dheen

उद्देश्य

स्मरण, समझ

लाभ / अर्थ

अध्ययन से पूर्व जप।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#24 लक्ष्मी-शक्ति

ह्रीं श्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र संयुक्त श्री-शक्ति बीज
ह्रीं श्रीं
क्षेत्र समृद्धि + शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hreen shreen

उद्देश्य

धन और चित्त दोनों में संतुलन

लाभ / अर्थ

शुक्रवार/शांत मन से।

जप संख्या एवं नियम

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