स्तोत्र
भगवान के स्तोत्र (स्तुतिगान) हिंदी और संस्कृत में भक्ति और शांति का मार्ग हैं, जो देवताओं (शिव, विष्णु, गणेश, दुर्गा आदि) की महिमा का वर्णन करते हैं।
भगवान के स्तोत्र (स्तुतिगान) हिंदी और संस्कृत में भक्ति और शांति का मार्ग हैं, जो देवताओं (शिव, विष्णु, गणेश, दुर्गा आदि) की महिमा का वर्णन करते हैं।
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान जी की अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। यह विशेष रूप से शारीरिक पीड़ा, रोग, मानसिक कष्ट और बाधाओं को दूर करने के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि तुलसीदास जी ने बाहु पीड़ा दूर करने के लिए इसका पाठ किया था।
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र ऋषि वशिष्ठ द्वारा रचित भगवान शिव की प्रभावशाली स्तुति है। इसका नियमित पाठ करने से दरिद्रता, कर्ज, आर्थिक बाधाएँ और जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं। यह स्तोत्र धन, समृद्धि और शिव कृपा प्रदान करने वाला माना गया है।
शिव महिम्न स्तोत्र गन्धर्व पुष्पदंत द्वारा रचित भगवान शिव की अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। इसका श्रद्धा से पाठ करने पर पापों का नाश, भय से मुक्ति, शिव कृपा, धन-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यहाँ सम्पूर्ण शिव महिम्न स्तोत्र का हिन्दी अर्थ, लाभ, पाठ विधि और सही समय दिया गया है।
भगवान शिव द्वारा रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है। इसका नियमित पाठ करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा, रोग, बाधाएँ दूर होती हैं तथा साहस, बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। नीचे पूर्ण शिव तांडव स्तोत्र, हिंदी अर्थ, पाठ विधि और लाभ दिए गए हैं।
मार्कण्डेय मुनि द्वारा वर्णित “महामृत्युंजय स्तोत्र” मृत्युंजय पंचांग में प्रसिद्ध है और यह मृत्यु के भय को मिटाने वाला स्तोत्र है।
श्री सूक्त ऋग्वेद का प्रसिद्ध लक्ष्मी सूक्त है। इसका पाठ करने से धन, समृद्धि, सौभाग्य और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है। यह वैदिक स्तुति विशेष रूप से लक्ष्मी पूजा में पढ़ी जाती है।
कनकधारा स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माँ महालक्ष्मी की प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है, धन-समृद्धि आती है और लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
अगस्त्य कृत सरस्वती स्तोत्र माता सरस्वती की स्तुति है जिसमें ऋषि अगस्त्य देवी से विद्या, बुद्धि और वाणी की कृपा की प्रार्थना करते हैं। इसका पाठ करने से स्मरण शक्ति, ज्ञान और वाणी में सिद्धि प्राप्त होती है।
याज्ञवल्क्य कृत सरस्वती स्तोत्र माता सरस्वती की अत्यंत प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से बुद्धि, स्मरण शक्ति, वाणी, ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र विशेष रूप से विद्यार्थियों और विद्या प्राप्त करने वालों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।
महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माँ दुर्गा की अत्यंत प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु नाश, भय से मुक्ति, साहस, शक्ति और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
कीलक स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसका पाठ करने से सप्तशती पाठ का फल पूर्ण रूप से प्राप्त होता है। यह स्तोत्र देवी की कृपा प्राप्त करने और सभी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
अर्गला स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसका पाठ करने से धन, विजय, शत्रु नाश, सुख-समृद्धि और देवी कृपा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र देवी दुर्गा की आराधना में कवच और कीलक के साथ पढ़ा जाता है।
गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र भगवान विष्णु की स्तुति है जिसे संकट, भय, रोग और कठिन परिस्थितियों से मुक्ति के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र श्रीमद्भागवत महापुराण से लिया गया है और अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
महाभारत के अनुशासन पर्व में वर्णित 'श्रीविष्णुसहस्रनाम स्तोत्रम्' भगवान विष्णु के 1000 दिव्य नामों का संग्रह है। यहाँ गीता प्रेस गोरखपुर के मानक पाठ के अनुसार संपूर्ण श्लोक, अर्थ और फलश्रुति दी गई है।
आदि गुरु शंकराचार्य रचित 'कृष्णाष्टकम्' भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का अत्यंत मधुर और सिद्ध स्तोत्र है। यहाँ पढ़ें मूल संस्कृत पाठ, हिंदी अर्थ और इसके पाठ की महिमा।
श्रीमद्भागवत पुराण के छठे स्कन्ध में वर्णित 'नारायण कवच' भगवान विष्णु का परम शक्तिशाली रक्षा कवच है। यहाँ पढ़ें संपूर्ण संस्कृत पाठ और हिंदी अनुवाद।
नारद पांचरात्र में वर्णित 'त्रैलोक्य मंगल कवच' भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल) का सिद्ध और चमत्कारिक रक्षा स्तोत्र है। इसके पाठ से सर्वत्र विजय और सुख मिलता है।
श्री ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र कर्ज मुक्ति, आर्थिक संकट और दरिद्रता दूर करने का अचूक और शक्तिशाली पाठ है। यहाँ पढ़ें मूल संस्कृत पाठ और संपूर्ण हिंदी अर्थ।
श्री नृसिंह पञ्चामृत स्तोत्र (Shri Narsimha Panchamruta Stotram) भगवान नृसिंह की स्तुति में गाया गया एक अत्यंत मधुर, दुर्लभ और चमत्कारी स्तोत्र है।
त्रैलोक्य विजय नृसिंह कवच (Trailokya Vijaya Narsimha Kavach) भगवान नृसिंह का एक अत्यंत उग्र और शक्तिशाली स्तोत्र है। तंत्र शास्त्र और संहिताओं में वर्णित यह कवच घोर संकटों, प्रबल शत्रुओं, तंत्र-मंत्र की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों के तत्काल नाश के लिए अचूक माना गया है। मान्यता है कि इसके पाठ से व्यक्ति अभेद्य हो जाता है और तीनों लोकों में विजय प्राप्त करता है। यहाँ पढ़ें त्रैलोक्य विजय नृसिंह कवच का मूल संस्कृत पाठ और उसका संपूर्ण हिन्दी अनुवाद।
श्री नृसिंह कवचम् (Shri Narsimha Kavacham) ब्रह्मांड पुराण में वर्णित एक अत्यंत शक्तिशाली रक्षा स्तोत्र है, जिसे स्वयं भक्त प्रह्लाद ने भगवान नृसिंह की स्तुति करते हुए गाया था। यह पवित्र कवच जीवन के सभी संकटों, रोगों और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है तथा भक्त को सर्वत्र विजय, सुख-समृद्धि और मोक्ष प्रदान करता है। यहाँ पढ़ें नृसिंह कवच का मूल संस्कृत पाठ और उसका संपूर्ण हिन्दी अनुवाद।
रावण की वो महास्तुति! 🔱 जानिए शिव ताण्डव स्तोत्र का सम्पूर्ण पाठ, अर्थ और इसके चमत्कारी लाभ। अभी पढ़ें! 👇
नम: शिवाय" का दिव्य रहस्य! 🔱 शिव पंचाक्षर स्तोत्र से पाएं महादेव की कृपा और मोक्ष का सरल मार्ग। अभी पढ़ें! 👇
ध्यानम् वन्दे बालं स्फटिकसदृशं कुन्तलोल्लासिवक्त्रं । दिव्याकल्पैर्नवमणिमयैः किंकिणीनूपुराढ्यम् ॥ दीप्ताकारं विशदवदनं सुप्रसन्नं त्रिनेत्रं । हस्ताब्जाभ्यां बट…
अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः । श्रीसीतारामचन्द्रो देवता । अनुष्टुप् छन्दः । सीता शक्तिः । श्रीमद्हनुमान् कीलकम् । श्रीरामचन…
श्रीमद् वल्लभाचार्य रचित 'मधुराष्टकम्' भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य सौंदर्य और माधुर्य का वर्णन करने वाला सबसे लोकप्रिय स्तोत्र है। यहाँ पढ़ें मूल पाठ और हिंदी अर्थ।
श्री गोपाल सहस्रनाम स्तोत्र में भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल) के 1000 अत्यंत पवित्र और सिद्ध नामों का वर्णन है। इसके पाठ से मोक्ष, धन, और संतान की प्राप्ति होती है।