सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
04 Aug 2026
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1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#817 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ बालसुब्रह्मण्य विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om baalasubrahmanya vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

तेज, शिक्षा, आत्मबल से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#818 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं बालसुब्रह्मण्य नमः
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen baalasubrahmanya namah

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

तेज, शिक्षा, आत्मबल के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#819 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री बालसुब्रह्मण्य रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri baalasubrahmanya raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#820 बालसुब्रह्मण्य

बालसुब्रह्मण्य शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय बालसुब्रह्मण्य, मेरे युव-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र युव-शक्ति
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya baalasubrahmanya, mere yuva-shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

तेज, शिक्षा, आत्मबल

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#821 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री गजलक्ष्मी नमः
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gajalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#822 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री गजलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri gajalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#823 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री गजलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri gajalakshmi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#824 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ गजलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om gajalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#825 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं गजलक्ष्मी नमः
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen gajalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सम्मान, शुभता के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#826 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री गजलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri gajalakshmi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#827 गजलक्ष्मी

गजलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय गजलक्ष्मी, मेरे धन और प्रतिष्ठा का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र धन और प्रतिष्ठा
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya gajalakshmi, mere dhan aur pratishtha ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

समृद्धि, सम्मान, शुभता

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#828 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#829 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#830 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#831 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सिद्धलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om siddhalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#832 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं सिद्धलक्ष्मी नमः
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen siddhalakshmi namah

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#833 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सिद्धलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri siddhalakshmi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#834 सिद्धलक्ष्मी

सिद्धलक्ष्मी शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय सिद्धलक्ष्मी, मेरे सिद्धि और सौभाग्य का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र सिद्धि और सौभाग्य
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

jaya siddhalakshmi, mere siddhi aur saubhaagya ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

समृद्धि, सिद्धि, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#835 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम मंत्र
ॐ श्री विजयलक्ष्मी नमः
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri vijayalakshmi namah

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#836 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री विजयलक्ष्मी कृपां कुरु नमः
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vijayalakshmi kripaan kuru namah

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#837 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री विजयलक्ष्मी कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om shri vijayalakshmi kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#838 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ विजयलक्ष्मी विद्महे मंगलरूपा धीमहि तन्नो देवः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत संपादकीय विस्तार

उच्चारण (Transliteration)

om vijayalakshmi vidmahe mangalaroopa dheemahi tanno devah prachodayaat.

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय विस्तार है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#839 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं श्रीं विजयलक्ष्मी नमः
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen shreen vijayalakshmi namah

उद्देश्य

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

विजय, उन्नति, आत्मविश्वास के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#840 विजयलक्ष्मी

विजयलक्ष्मी रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री विजयलक्ष्मी रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र विजय और सफलता
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri vijayalakshmi raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, विजय, उन्नति, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।