सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
01 Aug 2026
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मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#481 वरुण

वरुण गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ वरुण विद्महे रक्षाकारक धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om varuna vidmahe rakshaakaaraka dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#482 वरुण

वरुण बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं वरुण नमः
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen varuna namah

उद्देश्य

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#483 वरुण

वरुण रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री वरुण रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri varuna raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#484 वरुण

वरुण शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वरुण, मेरे शांति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya varuna, mere shaanti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

शांति, प्रवाह, भाव-संतुलन

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#485 वायु

वायु नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री वायु नमः
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaayu namah

उद्देश्य

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#486 वायु

वायु कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री वायु कृपां कुरु नमः
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaayu kripaan kuru namah

उद्देश्य

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#487 वायु

वायु कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री वायु कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaayu kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#488 वायु

वायु गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ वायु विद्महे ज्ञानरूप धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om vaayu vidmahe jnyaanaroopa dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#489 वायु

वायु बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं वायु नमः
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen vaayu namah

उद्देश्य

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#490 वायु

वायु रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री वायु रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri vaayu raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#491 वायु

वायु शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय वायु, मेरे प्राण-शक्ति का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya vaayu, mere praana-shakti ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

प्राण-शक्ति, गति, स्वास्थ्य

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#492 इन्द्र

इन्द्र नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री इन्द्र नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra namah

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#493 इन्द्र

इन्द्र कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री इन्द्र कृपां कुरु नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra kripaan kuru namah

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#494 इन्द्र

इन्द्र कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री इन्द्र कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#495 इन्द्र

इन्द्र गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ इन्द्र विद्महे दिव्यतेज धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om indra vidmahe divyateja dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#496 इन्द्र

इन्द्र बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं इन्द्र नमः
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen indra namah

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#497 इन्द्र

इन्द्र रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री इन्द्र रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri indra raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।

#498 इन्द्र

इन्द्र शाबर-शैली लोकमंत्र

शाबर मंत्र सौम्य लोकमंत्र
जय इन्द्र, मेरे बल का मंगल करो, स्वाहा
क्षेत्र बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

jaya indra, mere bala ka mangal karo, svaaha

उद्देश्य

बल, नेतृत्व, आत्मविश्वास

लाभ / अर्थ

सरल लोक-भक्ति, मनोबल और भावनात्मक सहारे में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह सौम्य शाबर-शैली लोकजप रूप है; किसी भी हानिकारक/वशीकरण प्रयोग को शामिल नहीं किया गया है।

#499 सोम

सोम नाम मंत्र

सगुण मंत्र नाम जप
ॐ श्री सोम नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति की साधना-भावना, मनोबल और सकारात्मक एकाग्रता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

दैनिक जप के लिए सरल रूप।

#500 सोम

सोम कृपा मंत्र

सगुण मंत्र कृपा मंत्र
ॐ श्री सोम कृपां कुरु नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma kripaan kuru namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति, अनुग्रह

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति में अनुकूलता और श्रद्धा-भाव बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

श्रद्धा और शुद्ध उच्चारण के साथ जप करें।

#501 सोम

सोम कार्यसिद्धि मंत्र

सगुण मंत्र कार्यसिद्धि
ॐ श्री सोम कार्यसिद्धिं देहि नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma kaaryasiddhin dehi namah

उद्देश्य

कार्यसिद्धि, शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

लक्ष्य पर मन को केंद्रित करने और सकारात्मक संकल्प में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

जप से पहले स्पष्ट संकल्प करें।

#502 सोम

सोम गायत्री-रूप मंत्र

गायत्री-रूप मंत्र संपादकीय गायत्री
ॐ सोम विद्महे भक्तवत्सल धीमहि तन्नो देव प्रचोदयात्॥
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om soma vidmahe bhaktavatsala dheemahi tanno deva prachodayaat.

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति से जुड़ी साधना, चिंतन और स्मरण-शक्ति में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

यह गायत्री-रूप संपादकीय संकलन है; विभिन्न परंपराओं में पाठ-भेद संभव हैं।

#503 सोम

सोम बीज-युक्त तांत्रिक मंत्र

तांत्रिक मंत्र सौम्य बीज-युक्त
ॐ ह्रीं सोम नमः
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om hreen soma namah

उद्देश्य

शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

शीतलता, रस, मनःशांति के प्रति श्रद्धा, मनोबल और साधना-ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

सौम्य तांत्रिक-रूप; गहन साधना हेतु परंपरा/गुरु-मार्गदर्शन वांछनीय है।

#504 सोम

सोम रक्षा मंत्र

तांत्रिक मंत्र रक्षा मंत्र
ॐ श्री सोम रक्ष रक्ष स्वाहा
क्षेत्र शीतलता, रस, मनःशांति
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

om shri soma raksha raksha svaaha

उद्देश्य

रक्षा, शीतलता, रस, मनःशांति

लाभ / अर्थ

भय में कमी, सुरक्षा-भाव और आंतरिक स्थिरता में सहायक।

जप संख्या एवं नियम

रक्षा-साधना के रूप में लोकप्रचलित।