होम / मंत्र साधना वैदिक एवं पौराणिक साधना मंत्र साधना 1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।
#25 सरस्वती-लक्ष्मी-शक्ति ऐं ह्रीं श्रीं बीज मंत्र बीज मंत्र त्रि-बीज ऐं ह्रीं श्रीं क्षेत्र विद्या + समृद्धि + शक्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) ain hreen shreen उद्देश्य अध्ययन, समृद्धि, मनोबल लाभ / अर्थ समुचित संख्या में जप करें। जप संख्या एवं नियम लोकप्रचलित
#26 परमात्म-तत्त्व सोऽहम् मंत्र निर्गुण मंत्र आत्मचिंतन सोऽहम् क्षेत्र स्व-स्वरूप स्मरण स्रोत परंपरागत विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) so'ham उद्देश्य ध्यान, श्वास-जागरूकता लाभ / अर्थ अहम् और परमात्म-एकता का चिंतन जप संख्या एवं नियम श्वास के साथ मानसिक जप करें।
#27 परमात्म-तत्त्व हंसः मंत्र निर्गुण मंत्र प्राण-जप हंसः क्षेत्र श्वास और चेतना स्रोत परंपरागत विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) hansah उद्देश्य आत्मिक शांति, एकाग्रता लाभ / अर्थ सूक्ष्म ध्यान में उपयोगी जप संख्या एवं नियम मानसिक जप उत्तम।
#28 निर्गुण शिव शिवोऽहम् मंत्र निर्गुण मंत्र अद्वैत स्मरण शिवोऽहम् क्षेत्र चैतन्य, अद्वैत स्रोत लोकप्रचलित विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) shivo'ham उद्देश्य आत्मबल, असंगता, शांति लाभ / अर्थ अद्वैत भावना को पुष्ट करता है जप संख्या एवं नियम ध्यान में धीमे जप करें।
#29 उपनिषद्-तत्त्व अहं ब्रह्मास्मि स्मरण निर्गुण मंत्र महावाक्य अहं ब्रह्मास्मि क्षेत्र आत्मबोध स्रोत परंपरागत विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) ahan brahmaasmi उद्देश्य स्व-चेतना, विवेक, वैराग्य लाभ / अर्थ महावाक्य-चिंतन हेतु जप संख्या एवं नियम अध्ययन/ध्यान के साथ।
#30 उपनिषद्-तत्त्व तत्त्वमसि स्मरण निर्गुण मंत्र महावाक्य तत्त्वमसि क्षेत्र अद्वैत स्रोत परंपरागत विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) tattvamasi उद्देश्य अहंकार शमन, आत्मचिंतन लाभ / अर्थ अद्वैत वेदांत चिंतन में उपयोगी जप संख्या एवं नियम गंभीर अध्ययन के साथ।
#31 परब्रह्म पूर्णमदः शांति मंत्र वैदिक मंत्र उपनिषद् शांति ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ क्षेत्र पूर्णता, समत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om poornamadah poornamidan poornaatpoornamudachyate. poornasya poornamaadaaya poornamevaavashishyate. उद्देश्य धैर्य, शांति, संतुलन लाभ / अर्थ अध्ययन/सत्र के आरंभ-समापन में उत्तम जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#32 परब्रह्म असतो मा सद्गमय वैदिक मंत्र उपनिषद् प्रार्थना असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्माऽमृतं गमय॥ क्षेत्र प्रकाश, सत्य, अमृतत्व स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) asato maa sadgamaya. tamaso maa jyotirgamaya. mrityorma'mritan gamaya. उद्देश्य विवेक, साहस, दिशा लाभ / अर्थ निराशा में प्रकाश की भावना देता है जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#33 गुरु-शिष्य परंपरा सह नाववतु वैदिक मंत्र शांति मंत्र ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सहवीर्यं करवावहै। तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥ क्षेत्र अध्ययन, सामंजस्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om saha naavavatu. saha nau bhunaktu. sahaveeryan karavaavahai. tejasvinaavadheetamastu maa vidvishaavahai. उद्देश्य सहयोग, अध्ययन-ऊर्जा लाभ / अर्थ समूह अध्ययन के लिए उपयोगी जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#34 सर्वदेव सर्वे भवन्तु सुखिनः वैदिक/शांति मंत्र लोककल्याण सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥ क्षेत्र कल्याण, करुणा स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) sarve bhavantu sukhinah sarve santu niraamayaah. sarve bhadraani pashyantu maa kashchidduhkhabhaagbhavet. उद्देश्य सकारात्मकता, शुभकामना लाभ / अर्थ दैनिक प्रार्थना में उपयुक्त जप संख्या एवं नियम लोकप्रचलित
#35 मृत्युंजय शिव त्र्यम्बकं महामृत्युंजय मंत्र वैदिक मंत्र आरोग्य मंत्र ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ क्षेत्र आरोग्य, आयु, भय-शमन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om tryambakan yajaamahe sugandhin pushtivardhanam. urvaarukamiva bandhanaanmrityormuksheeya maa'mritaat. उद्देश्य स्वास्थ्य, मानसिक बल लाभ / अर्थ संकट और आरोग्य साधना में लोकप्रिय जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#36 सविता/गायत्री गायत्री मंत्र वैदिक मंत्र गायत्री ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥ क्षेत्र बुद्धि, प्रकाश, विवेक स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om bhoorbhuvah svah tatsaviturvarenyan bhargo devasya dheemahi dhiyo yo nah prachodayaat. उद्देश्य एकाग्रता, अध्ययन, चेतना लाभ / अर्थ प्रातःकाल विशेष शुभ जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#37 मित्र-वरुणादि देवता शं नो मित्रः वैदिक मंत्र शांति मंत्र ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो बृहस्पतिः। शं नो विष्णुरुरुक्रमः॥ क्षेत्र शांति, समन्वय स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shan no mitrah shan varunah. shan no bhavatvaryama. shan na indro brihaspatih. shan no vishnururukramah. उद्देश्य संतुलन, मंगल, सामंजस्य लाभ / अर्थ समूह प्रार्थना में उपयोगी जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#38 ब्रह्म-चिंतन आप्यायन्तु ममाङ्गानि वैदिक मंत्र उपनिषद् प्रार्थना ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि॥ क्षेत्र इन्द्रिय-संतुलन, अध्ययन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om aapyaayantu mamaanggaani vaakpraanashchakshuh shrotramatho balamindriyaani cha sarvaani. उद्देश्य स्वाध्याय, ध्यान, स्मरण लाभ / अर्थ अध्ययन से पहले उत्तम जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#39 देवता भद्रं कर्णेभिः वैदिक मंत्र मंगल प्रार्थना ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥ क्षेत्र सदश्रवण, सद्दर्शन स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om bhadran karnebhih shrinuyaama devaah bhadran pashyemaakshabhiryajatraah. उद्देश्य मन में शुभ ग्रहणशीलता लाभ / अर्थ सुबह जप शुभ जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#40 अग्नि अग्ने नय सुपथा वैदिक मंत्र मार्गदर्शन अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विश्वानि देव वयुनानि विद्वान्॥ क्षेत्र सही दिशा, शुद्धि स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) agne naya supatha raaye asmaan vishvaani deva vayunaani vidwan. उद्देश्य निर्णयों में स्पष्टता लाभ / अर्थ संकल्प के साथ जप जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#41 सर्वव्यापक शांति शांति पाठ निर्गुण/शांति मंत्र शांति ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः क्षेत्र मानसिक शांति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shaantih shaantih shaantih उद्देश्य तनाव शमन, मन की स्थिरता लाभ / अर्थ किसी भी जप के अंत में जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#42 नृसिंह नृसिंह रक्षा मंत्र वैदिक/रक्षा मंत्र नृसिंह ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥ क्षेत्र रक्षा, निर्भयता स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om ugran veeran mahaavishnun jvalantan sarvatomukham. nrisinhan bheeshanan bhadran mrityumrityun namaamyaham. उद्देश्य संकट में धैर्य लाभ / अर्थ भक्ति से जप करें जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#43 राम राम नाम जप सगुण मंत्र नाम जप श्रीराम जय राम जय जय राम क्षेत्र शांति, भक्ति स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) shreeraama jaya raama jaya jaya raama उद्देश्य मनःशांति, सरल भक्ति लाभ / अर्थ चलते-फिरते जप योग्य जप संख्या एवं नियम लोकप्रचलित
#44 कृष्ण/राम कृष्ण महामंत्र सगुण मंत्र महामंत्र हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ क्षेत्र भक्ति, आनंद स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) hare krishna hare krishna krishna krishna hare hare. hare raama hare raama raama raama hare hare. उद्देश्य हृदय-शुद्धि, भक्ति लाभ / अर्थ कीर्तन/जप में उपयुक्त जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#45 गणेश गणेश जप सगुण/बीज-युक्त मंत्र गणेश साधना ॐ गं गणपतये नमः क्षेत्र विघ्न-नाश स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om gan ganapataye namah उद्देश्य कार्य में सहजता लाभ / अर्थ आरंभ से पहले लोकप्रिय जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#46 सरस्वती सरस्वती जप सगुण/बीज-युक्त मंत्र विद्या साधना ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः क्षेत्र विद्या, वाणी स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om ain sarasvatyai namah उद्देश्य अध्ययन-सहायक लाभ / अर्थ परीक्षा काल में उपयोगी जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#47 महालक्ष्मी लक्ष्मी जप सगुण/बीज-युक्त मंत्र श्री साधना ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः क्षेत्र धन, सौभाग्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om shreen mahaalakshmyai namah उद्देश्य समृद्धि-भाव, सकारात्मकता लाभ / अर्थ शुक्रवार शुभ जप संख्या एवं नियम परंपरागत
#48 शिव शिव पंचाक्षरी सगुण मंत्र पंचाक्षरी ॐ नमः शिवाय क्षेत्र शांति, वैराग्य स्रोत संपादकीय संकलन विवरण देखें ▾ उच्चारण (Transliteration) om namah shivaaya उद्देश्य मन की शुद्धि, शिवभक्ति लाभ / अर्थ कभी भी जप सकते हैं जप संख्या एवं नियम परंपरागत