सनातन वाणी • भक्ति, ज्ञान और शास्त्रीय पाठ
29 Jul 2026
Sanatan Vani आधुनिक रूप में सनातन ज्ञान
वैदिक एवं पौराणिक साधना

मंत्र साधना

1100 शुद्ध मंत्रों का श्रेणीबद्ध संपादकीय संग्रह। प्रकार, उपप्रकार, देवता और कष्ट/मनोकामना के अनुसार मंत्र खोजें।

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1100 मंत्र मिले
#25 सरस्वती-लक्ष्मी-शक्ति

ऐं ह्रीं श्रीं बीज मंत्र

बीज मंत्र त्रि-बीज
ऐं ह्रीं श्रीं
क्षेत्र विद्या + समृद्धि + शक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

ain hreen shreen

उद्देश्य

अध्ययन, समृद्धि, मनोबल

लाभ / अर्थ

समुचित संख्या में जप करें।

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#26 परमात्म-तत्त्व

सोऽहम् मंत्र

निर्गुण मंत्र आत्मचिंतन
सोऽहम्
क्षेत्र स्व-स्वरूप स्मरण
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

so'ham

उद्देश्य

ध्यान, श्वास-जागरूकता

लाभ / अर्थ

अहम् और परमात्म-एकता का चिंतन

जप संख्या एवं नियम

श्वास के साथ मानसिक जप करें।

#27 परमात्म-तत्त्व

हंसः मंत्र

निर्गुण मंत्र प्राण-जप
हंसः
क्षेत्र श्वास और चेतना
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

hansah

उद्देश्य

आत्मिक शांति, एकाग्रता

लाभ / अर्थ

सूक्ष्म ध्यान में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

मानसिक जप उत्तम।

#28 निर्गुण शिव

शिवोऽहम् मंत्र

निर्गुण मंत्र अद्वैत स्मरण
शिवोऽहम्
क्षेत्र चैतन्य, अद्वैत
स्रोत लोकप्रचलित

उच्चारण (Transliteration)

shivo'ham

उद्देश्य

आत्मबल, असंगता, शांति

लाभ / अर्थ

अद्वैत भावना को पुष्ट करता है

जप संख्या एवं नियम

ध्यान में धीमे जप करें।

#29 उपनिषद्-तत्त्व

अहं ब्रह्मास्मि स्मरण

निर्गुण मंत्र महावाक्य
अहं ब्रह्मास्मि
क्षेत्र आत्मबोध
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

ahan brahmaasmi

उद्देश्य

स्व-चेतना, विवेक, वैराग्य

लाभ / अर्थ

महावाक्य-चिंतन हेतु

जप संख्या एवं नियम

अध्ययन/ध्यान के साथ।

#30 उपनिषद्-तत्त्व

तत्त्वमसि स्मरण

निर्गुण मंत्र महावाक्य
तत्त्वमसि
क्षेत्र अद्वैत
स्रोत परंपरागत

उच्चारण (Transliteration)

tattvamasi

उद्देश्य

अहंकार शमन, आत्मचिंतन

लाभ / अर्थ

अद्वैत वेदांत चिंतन में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

गंभीर अध्ययन के साथ।

#31 परब्रह्म

पूर्णमदः शांति मंत्र

वैदिक मंत्र उपनिषद् शांति
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥
क्षेत्र पूर्णता, समत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om poornamadah poornamidan poornaatpoornamudachyate. poornasya poornamaadaaya poornamevaavashishyate.

उद्देश्य

धैर्य, शांति, संतुलन

लाभ / अर्थ

अध्ययन/सत्र के आरंभ-समापन में उत्तम

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#32 परब्रह्म

असतो मा सद्गमय

वैदिक मंत्र उपनिषद् प्रार्थना
असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्माऽमृतं गमय॥
क्षेत्र प्रकाश, सत्य, अमृतत्व
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

asato maa sadgamaya. tamaso maa jyotirgamaya. mrityorma'mritan gamaya.

उद्देश्य

विवेक, साहस, दिशा

लाभ / अर्थ

निराशा में प्रकाश की भावना देता है

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#33 गुरु-शिष्य परंपरा

सह नाववतु

वैदिक मंत्र शांति मंत्र
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सहवीर्यं करवावहै। तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥
क्षेत्र अध्ययन, सामंजस्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om saha naavavatu. saha nau bhunaktu. sahaveeryan karavaavahai. tejasvinaavadheetamastu maa vidvishaavahai.

उद्देश्य

सहयोग, अध्ययन-ऊर्जा

लाभ / अर्थ

समूह अध्ययन के लिए उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#34 सर्वदेव

सर्वे भवन्तु सुखिनः

वैदिक/शांति मंत्र लोककल्याण
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥
क्षेत्र कल्याण, करुणा
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

sarve bhavantu sukhinah sarve santu niraamayaah. sarve bhadraani pashyantu maa kashchidduhkhabhaagbhavet.

उद्देश्य

सकारात्मकता, शुभकामना

लाभ / अर्थ

दैनिक प्रार्थना में उपयुक्त

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#35 मृत्युंजय शिव

त्र्यम्बकं महामृत्युंजय मंत्र

वैदिक मंत्र आरोग्य मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
क्षेत्र आरोग्य, आयु, भय-शमन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om tryambakan yajaamahe sugandhin pushtivardhanam. urvaarukamiva bandhanaanmrityormuksheeya maa'mritaat.

उद्देश्य

स्वास्थ्य, मानसिक बल

लाभ / अर्थ

संकट और आरोग्य साधना में लोकप्रिय

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#36 सविता/गायत्री

गायत्री मंत्र

वैदिक मंत्र गायत्री
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
क्षेत्र बुद्धि, प्रकाश, विवेक
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om bhoorbhuvah svah tatsaviturvarenyan bhargo devasya dheemahi dhiyo yo nah prachodayaat.

उद्देश्य

एकाग्रता, अध्ययन, चेतना

लाभ / अर्थ

प्रातःकाल विशेष शुभ

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#37 मित्र-वरुणादि देवता

शं नो मित्रः

वैदिक मंत्र शांति मंत्र
ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा। शं न इन्द्रो बृहस्पतिः। शं नो विष्णुरुरुक्रमः॥
क्षेत्र शांति, समन्वय
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shan no mitrah shan varunah. shan no bhavatvaryama. shan na indro brihaspatih. shan no vishnururukramah.

उद्देश्य

संतुलन, मंगल, सामंजस्य

लाभ / अर्थ

समूह प्रार्थना में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#38 ब्रह्म-चिंतन

आप्यायन्तु ममाङ्गानि

वैदिक मंत्र उपनिषद् प्रार्थना
ॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि॥
क्षेत्र इन्द्रिय-संतुलन, अध्ययन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om aapyaayantu mamaanggaani vaakpraanashchakshuh shrotramatho balamindriyaani cha sarvaani.

उद्देश्य

स्वाध्याय, ध्यान, स्मरण

लाभ / अर्थ

अध्ययन से पहले उत्तम

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#39 देवता

भद्रं कर्णेभिः

वैदिक मंत्र मंगल प्रार्थना
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥
क्षेत्र सदश्रवण, सद्दर्शन
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om bhadran karnebhih shrinuyaama devaah bhadran pashyemaakshabhiryajatraah.

उद्देश्य

मन में शुभ ग्रहणशीलता

लाभ / अर्थ

सुबह जप शुभ

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#40 अग्नि

अग्ने नय सुपथा

वैदिक मंत्र मार्गदर्शन
अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विश्वानि देव वयुनानि विद्वान्॥
क्षेत्र सही दिशा, शुद्धि
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

agne naya supatha raaye asmaan vishvaani deva vayunaani vidwan.

उद्देश्य

निर्णयों में स्पष्टता

लाभ / अर्थ

संकल्प के साथ जप

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#41 सर्वव्यापक शांति

शांति पाठ

निर्गुण/शांति मंत्र शांति
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
क्षेत्र मानसिक शांति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shaantih shaantih shaantih

उद्देश्य

तनाव शमन, मन की स्थिरता

लाभ / अर्थ

किसी भी जप के अंत में

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#42 नृसिंह

नृसिंह रक्षा मंत्र

वैदिक/रक्षा मंत्र नृसिंह
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
क्षेत्र रक्षा, निर्भयता
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om ugran veeran mahaavishnun jvalantan sarvatomukham. nrisinhan bheeshanan bhadran mrityumrityun namaamyaham.

उद्देश्य

संकट में धैर्य

लाभ / अर्थ

भक्ति से जप करें

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#43 राम

राम नाम जप

सगुण मंत्र नाम जप
श्रीराम जय राम जय जय राम
क्षेत्र शांति, भक्ति
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

shreeraama jaya raama jaya jaya raama

उद्देश्य

मनःशांति, सरल भक्ति

लाभ / अर्थ

चलते-फिरते जप योग्य

जप संख्या एवं नियम

लोकप्रचलित

#44 कृष्ण/राम

कृष्ण महामंत्र

सगुण मंत्र महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
क्षेत्र भक्ति, आनंद
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

hare krishna hare krishna krishna krishna hare hare. hare raama hare raama raama raama hare hare.

उद्देश्य

हृदय-शुद्धि, भक्ति

लाभ / अर्थ

कीर्तन/जप में उपयुक्त

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#45 गणेश

गणेश जप

सगुण/बीज-युक्त मंत्र गणेश साधना
ॐ गं गणपतये नमः
क्षेत्र विघ्न-नाश
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om gan ganapataye namah

उद्देश्य

कार्य में सहजता

लाभ / अर्थ

आरंभ से पहले लोकप्रिय

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#46 सरस्वती

सरस्वती जप

सगुण/बीज-युक्त मंत्र विद्या साधना
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
क्षेत्र विद्या, वाणी
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om ain sarasvatyai namah

उद्देश्य

अध्ययन-सहायक

लाभ / अर्थ

परीक्षा काल में उपयोगी

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#47 महालक्ष्मी

लक्ष्मी जप

सगुण/बीज-युक्त मंत्र श्री साधना
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
क्षेत्र धन, सौभाग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om shreen mahaalakshmyai namah

उद्देश्य

समृद्धि-भाव, सकारात्मकता

लाभ / अर्थ

शुक्रवार शुभ

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत

#48 शिव

शिव पंचाक्षरी

सगुण मंत्र पंचाक्षरी
ॐ नमः शिवाय
क्षेत्र शांति, वैराग्य
स्रोत संपादकीय संकलन

उच्चारण (Transliteration)

om namah shivaaya

उद्देश्य

मन की शुद्धि, शिवभक्ति

लाभ / अर्थ

कभी भी जप सकते हैं

जप संख्या एवं नियम

परंपरागत