स्तोत्र संग्रह
शिव, विष्णु, राम और देवी स्तोत्र
शिव, विष्णु, राम और देवी स्तोत्र
बटुक भैरव कवच भगवान बटुक भैरव की शक्तिशाली रक्षा स्तुति है जिसका वर्णन रुद्रयामल तंत्र में मिलता है। इसका पाठ करने से भय, शत्रु, नकारात्मक शक्तियों, बाधाओं और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है।
भगवान शिव द्वारा रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है। इसका नियमित पाठ करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा, रोग, बाधाएँ दूर होती हैं तथा साहस, बुद्धि और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है। नीचे पूर्ण शिव तांडव स्तोत्र, हिंदी अर्थ, पाठ विधि और लाभ दिए गए हैं।
कनकधारा स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माँ महालक्ष्मी की प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है, धन-समृद्धि आती है और लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माँ दुर्गा की अत्यंत प्रसिद्ध स्तुति है। इसका पाठ करने से शत्रु नाश, भय से मुक्ति, साहस, शक्ति और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
आदि गुरु शंकराचार्य रचित 'कृष्णाष्टकम्' भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का अत्यंत मधुर और सिद्ध स्तोत्र है। यहाँ पढ़ें मूल संस्कृत पाठ, हिंदी अर्थ और इसके पाठ की महिमा।
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